Media24Media.com: सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल के नेता चुने गए

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल के नेता चुने गए

Document Thumbnail

 कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari को विधायक दल का नेता चुन लिया है, जिसके साथ ही उनके राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी।


बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi और भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कल होगा शपथ ग्रहण समारोह

सुवेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार 9 मई को सुबह 11 बजे Brigade Parade Ground में आयोजित किया जाएगा। समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री Rajnath Singh सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

ममता के करीबी से सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी तक का सफर

सुवेंदु अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो Mamata Banerjee के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में वे ममता के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। हालांकि, 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया और उसके बाद बंगाल की राजनीति में भाजपा के सबसे आक्रामक नेताओं में शामिल हो गए।

2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया।

भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 मत प्राप्त हुए।

भाजपा की जीत में निभाई अहम भूमिका

भाजपा की बंगाल में ऐतिहासिक जीत के पीछे सुवेंदु अधिकारी की रणनीतिक भूमिका को अहम माना जा रहा है। खासकर पूर्व मेदिनीपुर जिले की 16 सीटों पर पार्टी की जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत किया। पार्टी नेतृत्व ने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और आक्रामक चुनावी रणनीति को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

लंबा रहा राजनीतिक सफर

सुवेंदु अधिकारी पांच बार विधायक और दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार 2006 में कांथी दक्षिण सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई थी। बाद में वे नंदीग्राम से विधायक बने और लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते गए।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा में शामिल होने के बाद सुवेंदु ने खुद को पार्टी की विचारधारा के अनुरूप ढालते हुए राज्य में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दों को मजबूती से उठाया। कानून-व्यवस्था, घुसपैठ और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर उनका आक्रामक रुख भाजपा की चुनावी रणनीति का प्रमुख हिस्सा बना।

 
 
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.