Media24Media.com: जलस्तर

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सरकार की नीतियों से प्रदेश में आई खुशहाली

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रायपुर। हमारी सरकार ने सभी वर्ग के लोगों के आर्थिक विकास की योजनाएं तैयार की। न केवल छत्तीसगढ़ आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ा अपितु छत्तीसगढ़ के लोगों में गौरव भाव भी बढ़ा है।

                                              

1 लाख 56 हजार हेक्टयर खेत सुरक्षित किये। गौठानों में मुर्गी पालन, मत्स्यपालन जैसी अन्य गतिविधियां शुरू की। 2 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला। हमारे आधे से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। यह व्यवस्था स्थायी रूप से लोगों को लाभ देगी। नक्सली घटनाओं की वजह से हमारे अनेक स्कूल बंद हो गए थे। हमने जगरगुंडा जैसे जगह में स्कूल पुनः आरम्भ कराए। 1100 करोड़ रुपये की लागत से स्कूलों का जीर्णाेद्धार प्रावधान में रखा गया। स्कूलों की पुताई गोबर से बने प्राकृतिक पेंट से की। हमने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल आरम्भ कराए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ऐसे क्षेत्रों में इंग्लिश मीडियम स्कूल आरम्भ कराए। अंदरूनी क्षेत्रों में भी स्कूल आरम्भ कराए। हमारे स्कूलों में एडमिशन की बड़ी डिमांड है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि  स्वास्थ्य में सारे पद भरे हुए हैं। पहले सर्जरी के लिए बाहर जाना होता था। अब जिलों में ही होता है। बलरामपुर में डायलिसिस हो जाता है। ओडिशा से मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। यहां हाट बाजार में जाने की परंपरा है। हमने इसका लाभ उठाया और वहीं इलाज की सुविधा दी। लोग अस्पताल नहीं जाते लेकिन यहां जाते हैं तो इलाज कराते हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की बात करें तो आप कहते हैं कि हिंसा कम हुई है। फिर भी एक हादसा भी हो तो तकलीफ होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अरनपुर जाना ही कठिन था। हमने लोगों का विश्वास जीता। लोगों को सुविधा दी। आपस में विश्वास का माहौल पैदा किया। आदिवासियों की जमीन वापस की। वनाधिकार पट्टा दिया। वनोपज खरीदे। हमने कोदो कुटकी का समर्थन मूल्य घोषित किया।

भारत का सबसे बड़ा मिलेट का प्लांट हमारे यहां लगा है। अब समर्थन मूल्य घोषित हुआ तो लोगों को लाभ हुआ। इंग्लैंड में हमारा महुआ जा रहा है। वनोपजों की अच्छी कीमत दिलाने में हम सफल रहे हैं। हमने देवगुड़ियों का जीर्णाेद्धार किया। घोटुल का जीर्णाेद्धार किया। आसना में बादल बनाया ताकि बस्तर के आर्ट को सहेजा जा सके। बस्तर में सांस्कृतिक समृद्धि बहुत है इसे सहेजने हम कार्य कर रहे हैं।

राज्य की संपदा में व्यक्ति का अधिकार है। राज्य की संपदा का वितरण ऐसे करें जिससे सबको लाभ मिले। तेजी से महंगाई बढ़ रही है। ऐसे में लोगों की महंगाई से सुरक्षा करनी भी जरूरी है। लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना होता है। व्यापारी वर्ग के सम्मेलन में मुझसे कहा गया कि आपकी योजनायें मजदूरों, किसानों के लिए है इससे हमको क्या लाभ मिला। मैंने कहा कि मैंने आपके ग्राहकों की जेब में ही तो पैसे डाले हैं। देश भर में कोरोना से आर्थिक मंदी आई। छत्तीसगढ़ इससे अछूता रहा। कान्क्लेव के प्रस्तोता ने मुख्यमंत्री से गेड़ी सिखाने का आग्रह किया और मुख्यमंत्री ने उन्हें गेड़ी चढ़कर इसे सिखाया।

भारी बारिश से गोदावरी नदी का जलस्तर बावन फीट तक पहुंचा

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रायपुर। बस्तर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बाद गोदावरी नदी से पानी छोड़े जाने की वजह से सुकमा जिले के कोंटा सीमा से लगे पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के वीरापुरम में एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमाक-तीस पर जलभराव हो गया है। कल शाम इस मार्ग पर करीब एक फीट ऊपर पानी बह रह था। गोदावरी नदी का जलस्तर बावन फीट के करीब पहुंच चुका है। बताया जाता है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो छत्तीसगढ़ का संपर्क आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों से टूट जाएगा। इस वर्ष बारिश के कारण इस मार्ग पर चौथी बार यातायात बाधित हुआ है।



वहीं, राजनांदगांव जिले में भी शिवनाथ नदी उफान पर हैं। मोंगरा, घुमरिया और सूखा नाला बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी में पानी का बहाव तेज होने की वजह से डोंगरगांव का दर्री-मटिया एनीकट क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे नदी के बहाव की दिशा बदल गई और आसपास के खेतों में पानी भर गया है। फसलों को नुकसान होने से स्थानीय किसान चिंतित है और उन्होंने प्रदर्शन भी किया। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को मुआवजा देने के प्रति आश्वस्त किया, तब जाकर किसान शांत हुए।

जलप्रपात में डूबने से छह लोगों की मौत, एक ही परिवार की दो बेटियां शामिल

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कोरिया। जिले के रमदहा जलप्रपात में डूबने से छह लोगों की मौत हो गई है। इन सभी के शवों को बरामद कर लिया गया है। मृतकों में एक ही परिवार की दो बेटियों सहित तीन लोग शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार ये लोग कल कोटाडोल थाना क्षेत्र स्थित रमदहा जलप्रपात पिकनिक मनाने गए थे। इसी दौरान नहाते समय जलप्रपात का जलस्तर बढ़ने से ये सभी लोग डूब गए। गोताखोरों की मदद से तीन लोगों का शव देर रात तक बरामद कर लिया गया था।



आज सुबह तीन अन्य लोगों का शव भी बरामद कर लिया गया। ये सभी लोग मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढ़न के रहने वाले थे। इस हादसे में एक युवती को कल ही गोताखारों की मदद से बचा लिया गया था। बचाव कार्य के दौरान क्षेत्रीय विधायक गुलाब कमरो और जिला कलेक्टर घटनास्थल पर स्वयं मौजूद रहकर लगातार निगरानी कर रहे थे। इस बीच, रायपुर से गुजरने वाली खारून नदी में भी कल नहाने के दौरान दो किशोर डूब गए। दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। बताया जाता है कि टिकरापारा, संतोषी नगर और बोरियाखुर्द के रहने वाले छह नाबालिग कल खारून नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, बचाव दल सक्रिय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बीते दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से अधिकांश नदी-नाले उफान पर है। दुर्ग जिले में लगातार बारिश के कारण शिवनाथ का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे दुर्ग-धमधा, दुर्ग-गंडई, दुर्ग-जालबांधा और दुर्ग-बेरला मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं, कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। एसडीआरएफ की टीम ने आज जिले में बाढ़ में फंसे बीस लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इनमें भरदा कोनारी गांव से तीन, डंडेसरा से दो, जंजंगिरी से सात और हरदी गांव से आठ लोगों को सुरक्षित निकाला गया। 



इसी तरह, राजनांदगांव-डोंगरगांव से लगे रूदगांव के एक ही परिवार के छह सदस्य बीती रात बाढ़ में फंस गए थे, जिसकी सूचना के बाद डोंगरगांव पुलिस ने सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया है। इधर, बेमेतरा जिले में पिछले चौबीस घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण मोंगरा बैराज सहित अन्य बांधों के गेट खोल दिए गए हैं, जिससे शिवनाथ ,खारुन नदी और हाफ, सुरही, करूवा नाला का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है।

इसके अलावा प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उधर, जांजगीर-चांपा जिले में महानदी का जलस्तर बढ़ने से शिवरीनारायण में शबरी सेतू से एक फीट नीचे पानी बह रहा है। प्रशासन ने खतरे की आशंका को देखते हुए तटीय क्षेत्र में मुनादी करा दी है और लोगों को सतर्क रहने कहा है। इस बीच, प्रदेश में कल बारह अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

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