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विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट आने वाले कई वर्षों तक छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा और दशा संवारने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश का राजस्व बढ़ाने वाला बजट है। इस बजट में कर का कोई नया प्रस्ताव नहीं हैन ही मौजूदा करों की दरों में वृद्धि का कोई प्रस्ताव है।

यह बजट सभी वर्गों के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने वाला और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट है। अमृतकाल का छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री साय आज वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट प्रस्तुत करने के बाद समिति कक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और वित्त सचिव अंकित आनंद भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बजट में हमारा फोकस GYAN यानि गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी सशक्तिकरण पर केन्द्रित है। बजट में सभी वर्गों की चिन्ता की गई है। यह बजट हमारी सरकार का विजन डॉक्युमेंट भी है, जो छत्तीसगढ़ के चौमुखी विकास की परिकल्पना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास आने वाले पांच वर्षों में राज्य की जीडीपी को दोगुना करने का होगा।

मुख्यमंत्री ने बजट के प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा करने और बोनस का प्रावधान किया गया है। तेन्दूपता संग्राहकों के लिए हम चरण पादुका योजना पुनः शुरू करेंगे। इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रूपए की वार्षिक सहायता के लिए बजट में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

युवाओं के भविष्य के साथ अब खिलवाड़ न हो इसके लिए राज्य सरकार ने पीएससी की अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। बजट में युवाओं के रोजगार के लिए प्रावधान किया गया है। साय ने कहा कि कृषि उन्नति योजना के लिए बजट में 10 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस योजना में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले प्रदेश के 24 लाख 72 हजार से अधिक किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

 इस योजना में विवाहित महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच हॉर्स पॉवर कृषि पंपों के लिए निःशुल्क बिजली की आपूर्ति के लिए 3500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए मुख्य बजट में 8369 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके पहले द्वितीय अनुपूरक में 3800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। पेयजल की बेहतर व्यवस्था के लिए जल जीवन मिशन हेतु पीएचई विभाग के बजट को दोगुना करते हुए 5047 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट केवल पैसे का लेखा-जोखा नहीं, अपितु छत्तीसगढ़ के भविष्य की उन्नति की आधारशीला है। इस बजट में कोई नया कर प्रावधान नहीं किया गया है, न ही किसी कर की दर में वृद्धि का प्रस्ताव है। इसके बावजूद बजट के आकार में बढ़ोत्तरी हुई है। बजट के माध्यम से टेक्नालॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है। यह बजट सामाजिक-आर्थिक विकास के हर आयाम को छूने वाला और मोदी जी के गांरटी को पूरा करने वाला बजट है।

 

गरीब परिवारों की बेटियों के लिए सहारा बनी नोनी सुरक्षा योजना

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रायपुर। गरीब परिवार में जन्म लेने वाली बेटियों के लिए नोनी सुरक्षा योजना बड़ा सहारा बन रही है। इससे परिवार की बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता दूर हुई है। योजना के तहत गरीब परिवार की बेटियों को 18 वर्ष पूरा होने और 12वीं उत्तीर्ण होने पर एक लाख रूपए प्रदान किए जाते हैं। इसके लिए जीवन बीमा निगम एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मध्य अनुबंध किया गया है। नोनी सुरक्षा योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों की पंजीकृत बालिका के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम में 05 वर्ष तक प्रति वर्ष 5 हजार रूपये अर्थात कुल 25 हजार रूपये जमा किए जाते हैं।

अब तक भारतीय जीवन बीमा निगम में कुल 122.64 करोड़ की राशि कॉरपस फंड में विनियोजित की गई है। नोनी सुरक्षा योजना अंतर्गत अब तक 84 हजार 594 बालिकाओं का पंजीकरण किया गया है। जनगणना वर्ष 2001 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बाल लिंगानुपात प्रति हजार 975 था जो कि जनगणना वर्ष 2011 में घटकर एक हजार के अनुपात में 969 हो गया। इस प्रकार राज्य में घटते बाल लिंगानुपात तथा बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच बढ़ाने के लिए 01 अप्रैल 2014 से ’’नोनी सुरक्षा योजना’’ लागू की गई। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बालिकाओं की शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार लाना, बालिकाओं के अच्छे भविष्य की आधारशिला रखना, बालिका भ्रूण हत्या रोकना और बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच लाना और बाल विवाह की रोकथाम करना है।

छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी तथा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की 01 अप्रैल 2014 के बाद जन्मी अधिकतम दो बालिकाओं को योजना के तहत लाभ मिलता है। योजना के शुरू होने से शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों के साथ दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में बसे परिवारों में भी बेटियों के भविष्य की चिंता दूर हुई है। योजना का लाभ लेने के लिए जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और विकासखण्ड स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

विशेष लेख : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनाः 28 फ़रवरी ज़िले की गरीब परिवारों की बेटियों के लिए यादगार एवं शुभ रहेगा

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महासमुंद। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना- प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गरीब परिवार के बेटियों की चिन्ता करते हुए उनके जन्म से लेकर विवाह तक की योजना बनाई गई हैं, जिसमें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी शामिल है। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के बेटियों का विवाह में होने वाली आर्थिक कठिनाईयों एवं फिजूल खर्ची को रोकने तथा सादगीपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देने, सामाजिक स्थिति में सुधार लाने, सामूहिक विवाहों को प्रोत्साहित करने तथा विवाह में दहेज के लेनदेन और बाल विवाह की रोकथाम करना है।

ज़िला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास समीर पाण्डे ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो चालू फ़रवरी महीने की आखिरी तारीख़ का दिन ज़िले के 250 गरीब परिवारों की बेटियों के लिए यादगार एवं शुभ रहेगा। इस दिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 250 वर-वधू एक ही मंडप के नीचे दाम्पत्य सूत्र में बंधेंगे और साथ-साथ सुखमय जीवन जीने की शपथ लेंगे। योजना अन्तर्गत प्रत्येक कन्या के विवाह के लिए अधिकतम 25 हजार रूपए की राशि व्यय किये जाने का प्रावधान है, इसमें से वर-वधु के श्रृंगार सामग्री, उपहार सामग्री, नकद राशि तथा सामूहिक आयोजन व्यय किया जाता है। 

इस योजना अंतर्गत जिले के लगभग 250 जोड़े का मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत विवाह संपन्न कराया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक़ सामूहिक आदर्श विवाह का बागबाहरा रोड स्थित संजय कानन उद्यान में होगा। तैयारी पूरी की जाने की बात कही गयी है। विवाह हेतु वर-वधु का पंजीयन हो गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह शासन की बहुत अच्छी योजना है, गरीब परिवारों के लिए यह बहुत ही सहयोगी है। इससे गरीब परिवारों के बच्चों की शादी संपन्न कराने में मदद मिलती है, साथ ही इस विवाह कार्यक्रम में शामिल छोटे-बड़े सभी लोगों का आशीर्वाद भी मिलता है। प्रदेश के ऐसे गरीब माता-पिता जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है,

वे अपने बच्चों की शादी धूमधाम से कर सकें। ऐसे माता-पिता के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। इस योजना से महासमुंद ज़िले की बेटियों के हाथ पीले होने के साथ-साथ प्रदेश के हजारों बेटियों के हाथ भी पीले हुए हैं और वे सुखमय जीवन जी रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में गरीब परिवारों को उनकी बेटियों की शादी में पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पूरे राज्य में चलाई हुई है। इसके तहत वह गरीब परिवार जो पैसे की कमी की वजह से अपनी बेटियों की शादी नहीं कर पाते है वह सभी सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत् प्रति जोड़ा 25 हजार रुपए का व्यय निर्धारित है। 

जिसमें 5 हजार रुपए वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, आभूषण पर, 5 हजार रूपए विवाह के आयोजन पर, 14 हजार रुपए प्रोत्साहन सामग्री व 1 हजार बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से वधु को दिया जाता है। नवविवाहित जोड़ों को जीवनोपयोगी विभिन्न सामग्रियां जैसे कुकुर, बर्तन गद्दा, आलमीरा, वैवाहिक वस्त्र, मंगलसूत्र बिछिया, पायल, वैवाहिक वस्त्र, श्रृंगार सामग्रियां आदि उपहार स्वरूप प्रदान किए जाते है। इसके अतिरिक्त विवाह का आयोजन शासकीय स्तर पर किया जाता है। विवाह में शामिल होने के इच्छुक एवं पात्र हितग्राही जल्द से जल्द पंजीयन करा कर इस योजना का लाभ ले सकते है। मालूम हो कि पिछले वर्ष रामनवमी के शुभ दिन इस योजना के तहत जिले के 200 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। कार्यक्रम संजय कानन उद्यान में ही आयोजित था।


गरीब का पैसा खाने वालों को शासकीय सेवा में रहने का अधिकार नहीं : सीएम चौहान

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति है। गरीब का पैसा खाने वालों को शासकीय सेवा में रहने का अधिकार नहीं है। उन्हें सेवा से पृथक किया जाए। राज्य सरकार, जन-कल्याण और विकास कार्यों में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर सम्मानित करेगी। प्रदेशवासियों की जिन्दगी बदलने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर विकास और जन-कल्याण गतिविधियाँ जारी हैं। जन-प्रतिनिधि, प्रशासकीय अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना से इन्हें संचालित कर आदर्श प्रस्तुत करें। 



मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का उद्देश्य यही है कि आम आदमी को शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सरलता और सुगमता से प्राप्त हो।मुख्यमंत्री चौहान सुबह 7 बजे होने वाली मॉर्निंग मीटिंग में रीवा जिले की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद जर्नादन मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और रीवा जिले के विधायक एवं अधिकारी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री चौहान ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए रीवा जिले में शुरू किये गये, 

किलकारी अभियान की उपलब्धि, सी.एम.हेल्पलाइन और स्वच्छता में बेहतर कार्य के लिए जिलाधिकारियों को बधाई दी। किलकारी अभियान में विशेष रूप से विकसित सॉफ्टवेयर पर हाई रिस्क गर्भवती माताओं को दर्ज कर उनकी आवश्यक स्वास्थ्य जाँचें तथा समय रहते आवश्यक सलाह उपलब्ध कराई जा रही है।  मुख्यमंत्री चौहान ने जल जीवन मिशन में अब तक मात्र 32 प्रतिशत परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने पर कलेक्टर से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण संबंधित ठेकेदार पर 9 लाख रूपए की पेनाल्टी लगाई गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जिले में मिशन के कार्य अधिक हैं और अमले की कमी है। समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए अन्य तकनीकी विभाग के कर्मचारियों का सहयोग भी लिया जाए। अधिकारी गाँवों में जाकर कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण, परीक्षण करें। जन-प्रतिनिधियों को जोड़ते हुए जन-सहभागिता से मिशन की गतिविधियों को पूर्ण किया जाए। इस महत्वाकांक्षी योजना में हमें हर घर तक जल पहुँचाना है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के दुरूपयोग पर नजर रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। 

उन्होंने पहले चरण के स्वीकृत आवासों का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि योजना में अनुचित राशि की माँग करने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाए। बताया गया कि अनुचित राशि की माँग के संबंध में सी.एम.हेल्पलाइन 696 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिले के 14 ग्राम रोजगार सहायकों को पद से पृथक किया गया है और 300 रोजगार सहायकों का एक सप्ताह का वेटन काटा गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने "एक जिला-एक उत्पाद" में रीवा के सुंदरजा आम की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने तथा इसकी प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित कर उत्पादों की मार्केटिंग का विस्तार करने के निर्देश दिए।

बताया गया कि "एक जिला-एक उत्पाद" में हल्दी और बाँस से संबंधित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। जिले में 1500 किसान प्राकृतिक खेती की दिशा में सक्रिय हैं तथा ज्वार और कोंदो का रकबा बढ़ा है। कोंदो की प्रोसेसिंग की दिशा में भी गतिविधियाँ जारी हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विधायक तथा जन-प्रतिनिधि अपनी-अपनी कृषि भूमि के एक भाग में प्राकृतिक खेती से उपज लें, इससे जिले के अन्य किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। 

बताया गया कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में जिले में प्राप्त 2 लाख आवेदन में से 1 लाख 93 हजार आवेदकों को लाभ प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नशे की गतिविधियाँ संचालित करने वालों को ध्वस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। जिले में नशे के विरूद्ध अभियान में 202 प्रकरण बनाए गए हैं। सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने के 160 प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा एक हुक्का बार बंद किया गया है। राशन वितरण में अनियमितता पर 10 एफ.आई.आर. और 2 कालाबाजारी के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। साथ ही 4 विक्रेताओं को सेवा से पृथक किया गया है।

 मुख्यमंत्री चौहान ने रीवा के हनुमना क्षेत्र में फर्जी विद्युत कनेक्शन देने वाले एक सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान ने विद्युत आपूर्ति से संबंधित 10 हजार 416 शिकायतें प्राप्त होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुसार रख-रखाव और ओवरलोड का पूर्वानुमान लगा कर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएँ करना विभाग की जिम्मेदारी है। बिजली के उपयोग और समय पर बिल भुगतान के लिये लोगों को जागरूक करने अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने जिले में जारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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