Media24Media.com: #YouthForNation

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #YouthForNation. Show all posts
Showing posts with label #YouthForNation. Show all posts

नागालैंड विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान

No comments Document Thumbnail

भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नागालैंड विश्वविद्यालय के लुमामी परिसर में आयोजित 8वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पद संभालने के बाद उत्तर-पूर्व की यह उनकी पहली यात्रा है और नागालैंड आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि नागालैंड वह स्थान है जहाँ प्रकृति, संस्कृति और साहस का अद्भुत संगम देखने को मिलता है और राज्य की वास्तविक शक्ति उसके लोगों और उनकी समृद्ध परंपराओं में निहित है।

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। हमारे देश की शक्ति मतभेदों में नहीं, बल्कि उस एकता में है जो हम सभी को जोड़कर रखती है।

उपराष्ट्रपति ने वर्ष 1994 में स्थापित नागालैंड विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान उत्तर-पूर्व क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कैंसर अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना सहित विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध कार्यों तथा नागा समुदाय की स्वदेशी भाषाओं और पारंपरिक कानूनों के संरक्षण के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि युवा अपने जीवन में उद्देश्यपूर्ण प्रगति करें और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को भी बनाए रखें। साथ ही उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए “ड्रग्स को ना” कहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, इसलिए युवाओं को नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप अपने ज्ञान और कौशल को लगातार अद्यतन करते रहना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्व क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि Prime Minister’s Development Initiative for North East Region (PM-DevINE) जैसी योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में आधारभूत संरचना, सामाजिक विकास और आजीविका से जुड़े कई प्रकल्पों को समर्थन दिया जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने फरवरी 2026 में केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ)के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का भी उल्लेख किया, जिसका नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह समझौता क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान और शांति व विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

इस अवसर पर उन्होंने नागालैंड विश्वविद्यालय में HEFA फेज-II भवनों की आधारशिला भी रखी।

कार्यक्रम में नागालैंड के राज्यपालअजय कुमार भल्ला, उपमुख्यमंत्री  टी. आर. ज़ेलियांग, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति समुद्र गुप्ता कश्यप, कुलपति जगदीश कुमार पटनायक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन, युवाओं को नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा का दिया संदेश

No comments Document Thumbnail

अमृतसर- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (15 जनवरी 2026) पंजाब के अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा, नैतिक मूल्यों, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र-छात्राएं विभिन्न दिशाओं में अपने जीवन की यात्रा शुरू करेंगे। कोई सरकारी या निजी क्षेत्र में कार्य करेगा, कोई उच्च शिक्षा या शोध को अपनाएगा, तो कई युवा उद्यमिता या शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भले ही अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग कौशल आवश्यक हों, लेकिन निरंतर सीखने की इच्छा, नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता, ईमानदारी, बदलाव को अपनाने का साहस, असफलताओं से सीखने का संकल्प, टीमवर्क की भावना, समय और संसाधनों का अनुशासित उपयोग तथा समाज और राष्ट्र के हित में ज्ञान का प्रयोग जैसी योग्यताएं हर क्षेत्र में समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को यह भी याद दिलाया कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और देश की सेवा का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि समाज ने उनकी शिक्षा में योगदान दिया है, इसलिए समाज के प्रति उनका कर्तव्य बनता है कि वे विकास की दौड़ में पीछे रह गए लोगों के उत्थान के लिए प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने तकनीकी विकास और उद्यमिता संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज कृषि से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उच्च शिक्षण संस्थान शोध को बढ़ावा देकर, उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग मजबूत कर तथा सामाजिक रूप से उपयोगी नवाचारों को प्रोत्साहित कर इस प्रगति को और तेज कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ने पंजाब में बढ़ती नशा समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह चुनौती विशेष रूप से युवाओं को प्रभावित कर रही है और समाज के स्वास्थ्य, आर्थिक व नैतिक ढांचे पर नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और विश्वविद्यालय के सभी हितधारकों को युवाओं को सही दिशा देने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अगले दो दशक बेहद महत्वपूर्ण हैं। देश का भविष्य ऐसे युवाओं पर निर्भर करता है जिनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण हो, जो जिम्मेदारी से कार्य करें और निस्वार्थ भाव से सेवा करें। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों से इन मूल्यों को विद्यार्थियों में विकसित करने और युवाओं से अपने पेशे के माध्यम से राष्ट्र और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना श्री गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के अवसर पर हुई थी और उनके उपदेश एवं मूल्य विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमारी साझा विरासत हैं और समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती हैं।

उन्होंने गुरु नानक देव जी द्वारा महिलाओं को समान अधिकार देने की शिक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के दौरान डिग्री और पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक होना महिला सशक्तिकरण का सकारात्मक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के हित में महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलना आवश्यक है और इसके लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।


एनसीसी आरडीसी में सीडीएस का संबोधन, युवाओं से सशस्त्र बलों में करियर अपनाने की अपील

No comments Document Thumbnail

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 13 जनवरी 2026 को दिल्ली कैंट में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) गणतंत्र दिवस शिविर (RDC) का दौरा किया। एनसीसी कैडेट्स और अधिकारियों को संबोधित करते हुए CDS ने लगातार चौथी बार आरडीसी शिविर में शामिल होने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कैडेट्स के उच्च मानकों और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष उनमें नई ऊर्जा और देशभक्ति का भाव देखने को मिलता है।

युवाओं के लिए दृष्टि और इच्छाशक्ति के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा,

“यदि आप सही मार्ग चुनते हैं, तो सही मंज़िल तक पहुँचते हैं; आज सही मार्ग चुनना अत्यंत आवश्यक है।”
अपने जीवन और करियर के अनुभव साझा करते हुए CDS ने कैडेट्स को सशस्त्र बलों में करियर अपनाने के लिए प्रेरित किया और 2047 तक समृद्ध, सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,
“आप ही विकसित भारत के भविष्य के नेता हैं।”

जनवरी माह के महत्व को रेखांकित करते हुए CDS ने इसे राष्ट्रीय गौरव से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजनों का महीना बताया। उन्होंने कहा कि जनवरी में

  • 12 जनवरी – राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती),

  • 14 जनवरी – वेटरन्स डे,

  • 15 जनवरी – सेना दिवस,

  • 23 जनवरी – पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती),

  • 26 जनवरी – गणतंत्र दिवस (संविधान अंगीकरण दिवस),

  • 30 जनवरी – शहीद दिवस
    मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी अवसर भारत की स्वतंत्रता, गणतांत्रिक मूल्यों और सच्ची राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक हैं।

CDS ने सेना, नौसेना और वायु सेना विंग के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर और सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, उत्तराखंड के कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत मधुर बैंड प्रदर्शन की प्रशंसा की। युवा कैडेट्स के जोश और ऊर्जा से प्रभावित होकर उन्होंने विविध और जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा ‘फ्लैग एरिया’ के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने एयरो और नेवल मॉडल्स की ब्रीफिंग, ड्रोन प्रदर्शन में भाग लेने वाले कैडेट्स की भी प्रशंसा की और कहा कि यह उनकी अनुशासनबद्धता और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।

अपने संबोधन के समापन में जनरल चौहान ने कैडेट्स से कहा कि वे अपने लक्ष्यों के लिए आज ही कार्य करना शुरू करें, कल का इंतजार न करें, और जीवन में सकारात्मक व आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखें।

दिल्ली विश्वविद्यालय में ड्रग फ्री कैंपस अभियान का शुभारंभ, नशा मुक्त युवा से बनेगा विकसित भारत: उपराष्ट्रपति

No comments Document Thumbnail

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय में ड्रग फ्री कैंपस अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को नशे की लत से बचाने और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सतत एवं सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान के केंद्र नहीं होते, बल्कि ऐसे संस्थान होते हैं जहाँ मूल्यों का निर्माण होता है, नेतृत्व को दिशा मिलती है और राष्ट्र का भविष्य गढ़ा जाता है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय जैसा प्रतिष्ठित संस्थान नशे के विरुद्ध सख्त रुख अपनाता है, तो यह पूरे समाज को एक सशक्त संदेश देता है।

उपराष्ट्रपति ने नशा मुक्त परिसर अभियान के अंतर्गत एक समर्पित ई-प्रतिज्ञा मंच (https://pledge.du.ac.in/home) और मोबाइल एप्लिकेशन का भी शुभारंभ किया तथा देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्रों से इसमें सक्रिय भागीदारी करने और नशा मुक्त परिसर की प्रतिज्ञा लेने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से आग्रह किया कि ड्रग फ्री कैंपस अभियान को सभी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।

भारत को एक युवा राष्ट्र बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चुनौती, सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा और देश की जनसांख्यिकीय क्षमता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि नशे की लत शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन, पारिवारिक सौहार्द, उत्पादकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करती है, साथ ही इसके संबंध नार्को-आतंकवाद से भी जुड़े हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब युवा स्वस्थ, नशामुक्त और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीएँ। नशामुक्त युवा कौशल अर्जन, उद्यमिता को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास व राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान देने में अधिक सक्षम होते हैं।

शिक्षा और संस्कृति की भूमिका पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपराएँ आत्मअनुशासन, मानसिक संतुलन और मन व शरीर की शुद्धता को अत्यधिक महत्व देती हैं। उन्होंने कहा कि यह भाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्यान और योग को बढ़ावा देने के प्रयासों में भी परिलक्षित होता है। उन्होंने MY भारत पोर्टल और प्रधानमंत्री अनुसंधान योजना (PM Anusandhan Yojana) जैसी पहलों का भी उल्लेख किया, जो युवाओं की ऊर्जा को अनुसंधान, नवाचार, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रवाहित करती हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इस समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल और छात्र कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ड्रग फ्री कैंपस अभियान जैसे प्रयास नीति की भावना के अनुरूप सुरक्षित, समावेशी और पोषक शैक्षणिक वातावरण बनाने में सहायक हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों, परामर्श तंत्र, छात्र-नेतृत्व वाली पहलों और विभिन्न हितधारकों के सहयोग को सराहते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब छात्र परिवर्तन के दूत बनते हैं, तो उसका प्रभाव परिसरों से आगे परिवारों और समाज तक फैलता है। उन्होंने छात्रों से सतर्क रहने, संकट में फंसे साथियों का सहयोग करने, नशे के विरुद्ध आवाज उठाने और स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के एक आदर्श नशा मुक्त परिसर के रूप में उभरने पर विश्वास व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशा मुक्त भारत एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।


राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में होंगे शामिल

No comments Document Thumbnail
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जनवरी को शाम लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री देशभर से आए लगभग 3,000 युवाओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। चयनित प्रतिभागी दस विषयगत ट्रैकों के अंतर्गत प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी अंतिम प्रस्तुतियाँ देंगे, जिनमें वे राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख क्षेत्रों पर युवाओं के नेतृत्व वाले दृष्टिकोण और व्यवहारिक सुझाव साझा करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 का निबंध संकलन भी जारी करेंगे, जिसमें युवाओं द्वारा लिखे गए चयनित निबंध शामिल होंगे। ये निबंध भारत की विकासात्मक प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक राष्ट्र-निर्माण लक्ष्यों पर केंद्रित हैं।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, जो अब अपने दूसरे संस्करण में है, भारत के युवाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच संरचित संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच है। यह पहल प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के आह्वान के अनुरूप है, जिसमें राजनीतिक दलों से परे एक लाख युवाओं को राजनीति से जोड़ने और उन्हें विकसित भारत के लिए अपने विचारों को साकार करने हेतु राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की बात कही गई थी।

9 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में देशभर के विभिन्न स्तरों पर 50 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी देखने को मिली है। राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप में शामिल युवा नेताओं का चयन एक कठोर, योग्यता-आधारित तीन-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, जिसमें राष्ट्रव्यापी डिजिटल क्विज़, निबंध प्रतियोगिता और राज्य-स्तरीय विज़न प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।

डायलॉग का यह दूसरा संस्करण अपने उद्घाटन संस्करण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए कई नए आयाम जोड़ता है। इनमें डिज़ाइन फॉर भारत, टेक फॉर विकसित भारत – सामाजिक उद्देश्य के लिए हैकथॉन, विस्तारित विषयगत सहभागिता तथा पहली बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का समावेश शामिल है, जिससे इस पहल का दायरा और प्रभाव और अधिक सशक्त हुआ है।

भारत की राष्ट्रपति ने माई भारत - राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान किए

No comments Document Thumbnail

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (6 अक्टूबर, 2025) राष्ट्रपति भवन में माई भारत - राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पुरस्कार 2022-23 प्रदान किए।

माई भारत - राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से करना है। यह योजना 1969 में महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर शुरू की गई थी।

माई भारत-एनएसएस पुरस्कार, जो 1993-94 में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए थे, का उद्देश्य सामाजिक सेवा, सामुदायिक विकास और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में युवाओं के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित और प्रोत्साहित करना है।

देशभर में 2000 से अधिक स्थानों पर युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत संकल्प

No comments Document Thumbnail

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (MYAS) 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ‘सेवा पखवाड़ा’ का आयोजन कर रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस से प्रारंभ होकर गांधी जयंती पर संपन्न होगा। जुलाई 2025 में वाराणसी में आयोजित युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन की सफलता के आधार पर, ‘नशामुक्त युवा विकसित भारत – युवा सम्मेलनों’ का आयोजन 21 सितम्बर 2025 को सेवा पखवाड़ा के हिस्से के रूप में किया गया।

चिन्मय मिशन – केरल

देशभर में 2000 से अधिक स्थानों पर युवा सम्मेलन और अन्य गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं, जहाँ हजारों युवा सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत संकल्प और स्वदेशी भारत संकल्प ले रहे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसमें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और MY Bharat केवल सहायक की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि कार्यक्रमों का आयोजन आध्यात्मिक संगठनों द्वारा उनकी अपनी संस्थाओं, नेटवर्क और स्वयंसेवकों के माध्यम से किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक सहयोग देश की आध्यात्मिक नेतृत्व और युवाओं के बीच एक सशक्त साझेदारी को दर्शाता है, जो एक स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मजबूती देता है।

हार्टफुलनेस – जम्मू एवं कश्मीर

इस अभियान का नेतृत्व देश के प्रमुख 20 बड़े आध्यात्मिक संगठनों द्वारा 1700+ स्थानों पर और अन्य 42 संगठनों द्वारा 270+ स्थानों पर किया जा रहा है। इनमें प्रमुख संगठन हैं — ईशा फाउंडेशन, इस्कॉन, हार्टफुलनेस, चिन्मय मिशन, ब्रह्माकुमारीज़, माता अमृतानंदमयी मठ, पतंजलि, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद, चिश्ती फाउंडेशन, नमधारी सिख संगत, सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड और अनुब्रत।

आयोजित कार्यक्रमों में योग एवं ध्यान सत्र, सत्संग, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, तथा पैनल चर्चा शामिल हैं जिनमें चिकित्सक, परामर्शदाता, सैन्य दिग्गज और नशा मुक्त जीवन जी रहे युवा सम्मिलित हुए। प्रत्येक गतिविधि ने नशामुक्त जीवन, अनुशासन अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

आर्ट ऑफ लिविंग – रांची

अभियान को और प्रेरणादायक बनाने हेतु सद्गुरु, दाजी जैसे आध्यात्मिक नेताओं के संदेशों ने युवाओं को विशेष रूप से ऊर्जा प्रदान की और व्यापक स्तर पर लोगों से जुड़ाव सुनिश्चित किया। इस अभियान को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त समर्थन मिला है। सभी भागीदार संगठनों ने इस पहल को व्यापक रूप से प्रचारित किया, जिससे देशभर में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर अवॉर्ड विजेताओं ने भी अपने प्लेटफ़ॉर्म पर वीडियो और पोस्ट्स के माध्यम से इस पहल का समर्थन किया।

एकीकृत पहुंच के लिए सामान्य हैशटैग्स #NashaMuktYuva और #MYBharat का उपयोग किया गया।

स्वस्थ और नशामुक्त भारत के लिए ‘नमो युवा रन’, युवाओं ने जोश और उत्साह से की भागीदारी

No comments Document Thumbnail

देश का हर युवा स्वस्थ हो, समर्थ हो, सक्षम हो, इसके लिए नशामुक्त भारत जरूरी – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने झंडा लहराकर ‘नमो युवा रन’ का किया आगाज, विजेताओं को पुरस्कार बांटे

रायपुर-खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा स्वस्थ और नशामुक्त भारत के लिए रायपुर और बिलासपुर में आयोजित ‘नमो युवा रन’ में युवाओं ने जोश और उत्साह से भागीदारी की। युवाओं को फिट और नशामुक्त रखने देश के 75 शहरों में यह दौड़ आयोजित की गई। राजधानी रायपुर में तेलीबांधा तालाब से शुरू हुई यह दौड़ सुभाष स्टेडियम में समाप्त हुई। वहीं बिलासपुर में CMD कॉलेज मैदान से प्रारंभ कर रीवर-व्यू रोड में इसका समापन किया गया।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने रायपुर के तेलीबांधा तालाब में झंडा लहराकर ‘नमो युवा रन’ को प्रारंभ किया। प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने युवाओं के साथ दौड़ लगाकर इसकी प्रतीकात्मक शुरूआत की। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायकगण मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा तथा छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी इस दौरान उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘नमो युवा रन’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि देश का हर युवा स्वस्थ हो, समर्थ हो, सक्षम हो और नशे से दूर रहे, इसकी जागरूकता के लिए इस दौड़ का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं और खेलों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण काम किए हैं। विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से भारत सरकार युवा शक्ति को तैयार करने का काम कर रही है।

अरुण साव ने कहा कि हम हर युवा को फिट रहने के लिए खेल के मैदान से जोड़ना चाहते हैं। वे खेलों से जुड़ेंगे तो नशे से दूर रहेंगे। देश को समृद्ध बनाने के लिए युवा स्वस्थ रहें तथा उत्साह व आत्मविश्वास से भरे रहें, यह जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों से स्वस्थ और नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्प लेने की अपील की।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त भारत के निर्माण के उद्देश्य से ‘नमो युवा रन’ का आयोजन किया गया है। रायपुर और बिलासपुर में आयोजित इस दौड़ में भाग लेने के लिए 20 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा उच्च शिक्षा तथा आदिम जाति कल्याण विभाग के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है।

रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह, नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनूजा सलाम, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ एथलेटिक संघ के जी.एस. बाम्बरा और केनोइंग-कयाकिंग एसोसिएशन के प्रशांत रघुवंशी सहित अनेक खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी एवं कॉलेज के विद्यार्थी बड़ी संख्या में ‘नमो युवा रन’ के शुभारंभ और समापन के मौके पर मौजूद थे।

अर्जुन राय और वंशिका पटेल को मिला प्रथम स्थान

उप मुख्यमंत्री अरुण साव और अन्य अतिथियों ने सुभाष स्टेडियम में आयोजित ‘नमो युवा रन’ के समापन कार्यक्रम में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। पुरूष वर्ग में अर्जुन राय को प्रथम, अक्षय कुमार को द्वीतिय और चंद्रप्रकाश को तृतीय स्थान मिला। वहीं महिला वर्ग में वंशिका पटेल प्रथम, रूख्मणि साहू द्वीतीय और चंचल यादव तृतीय स्थान पर रहीं। दोनों वर्गों में प्रथम, द्वीतीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 25 हजार रुपए, 15 हजार रुपए और 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं चतुर्थ और पंचम स्थान हासिल करने वालों को 5-5 हजार रुपए तथा छठवें से दसवें स्थान पर रहने वालों को 2-2 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

मंच पर मुख्य अतिथि के साथ प्रथम पंक्ति में बैठे खिलाड़ी, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल पर ‘नमो युवा रन’ के सुभाष स्टेडियम में समापन के दौरान अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और बस्तर ओलंपिक के आइकॉन खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के साथ प्रथम पंक्ति में बैठकर मंच साझा किया। अरुण साव ने खुद आग्रहपूर्वक सभी खिलाड़ियों को मंच पर अग्रिम पंक्ति में जगह दी और उनके साथ विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय वेट-लिफ्टर रूस्तम सारंग, हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे, फुटबॉलर किरण पिस्दा और वॉलीबाल खिलाड़ी दीपेश सिन्हा सहित अन्य खिलाड़ी हितेश निर्मलकर, प्रवीण कुमार, पलक नाग, राकेश कुमार, मानो ध्रुव, पंडुराम, मानबती बघेल, मनीष मौर्य, अमृत, चुम्मन सिंह, रूपाली साहू, सुनील मोडियाम, सरिता बघेल, अनिरूद्ध, भुनेश्वरी निषाद और दामिनी सिंह को सम्मानित किया गया।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.