Media24Media.com: #SustainableTextiles

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #SustainableTextiles. Show all posts
Showing posts with label #SustainableTextiles. Show all posts

केंद्रीय बजट 2026–27: भारत के वस्त्र क्षेत्र को विकास, रोज़गार और निर्यात का नया इंजन

No comments Document Thumbnail

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केंद्रीय बजट 2026–27 में वस्त्र क्षेत्र को विकास रणनीति के केंद्र में रखा गया है, जिसमें रोज़गार, निर्यात, ग्रामीण आजीविका और सतत विनिर्माण पर विशेष ज़ोर है।

  • मेगा टेक्सटाइल पार्क, मानव-निर्मित रेशों (MMF) और तकनीकी वस्त्रों को बढ़ावा देकर बड़े पैमाने और आधुनिक विनिर्माण पर फोकस।

  • MSME और कारीगरों के लिए तरलता सहायता, क्लस्टर आधुनिकीकरण और कौशल विकास पहलें।

  • नीति का स्पष्ट उद्देश्य—पैमाना, सततता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता—ताकि भारत वैश्विक वस्त्र मूल्य शृंखलाओं में अपनी स्थिति और मज़बूत कर सके।

केंद्रीय बजट 2026–27 में वस्त्र क्षेत्र को मिला केंद्रीय स्थान

केंद्रीय बजट 2026–27 में वस्त्र सहित रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में विनिर्माण के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है।
भारत का वस्त्र क्षेत्र देश के सबसे पुराने और विविध उद्योगों में से एक है, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी परंपराओं में हैं। बजट 2026–27 ने इस श्रम-प्रधान क्षेत्र को भारत की विकास यात्रा के केंद्र में रखा है, यह स्वीकार करते हुए कि वस्त्र क्षेत्र रोज़गार सृजन, निर्यात वृद्धि, ग्रामीण आजीविका और सतत उत्पादन का एक प्रमुख आधार है।

भारत की आंतरिक मजबूती उल्लेखनीय है—

  • कपास की खेती में विश्व में सबसे बड़ा क्षेत्रफल

  • जूट का सबसे बड़ा उत्पादक

  • रेशम और कपास का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक

  • MMF क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर दूसरा बड़ा केंद्र

  • पॉलिएस्टर और विस्कोस फाइबर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक

विकास की बुनाई: बजट 2026–27 से वस्त्र क्षेत्र को बढ़ावा

बजट 2026–27 में फाइबर से फैशन तक, ग्राम उद्योगों से वैश्विक बाज़ारों तक पूरे मूल्य शृंखला को सशक्त करने के लिए एक समग्र नीति ढांचा प्रस्तुत किया गया है।

वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम

सरकार ने प्रतिस्पर्धात्मकता, आत्मनिर्भरता और रोज़गार सृजन के उद्देश्य से वस्त्र क्षेत्र के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया है, जिसके पाँच प्रमुख घटक हैं:

1. राष्ट्रीय फाइबर योजना

प्राकृतिक रेशों (रेशम, ऊन, जूट) के साथ-साथ MMF और नई पीढ़ी के फाइबर को समर्थन देकर आत्मनिर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य। इससे आयात निर्भरता कम होगी, कपास से आगे विविधीकरण होगा और उन्नत व विशेष वस्त्रों में भारत की क्षमता बढ़ेगी।

2. वस्त्र विस्तार एवं रोज़गार योजना

पारंपरिक वस्त्र क्लस्टरों के आधुनिकीकरण, मशीनरी और तकनीक उन्नयन, तथा परीक्षण व प्रमाणन केंद्रों की स्थापना के लिए पूंजी सहायता। इससे उत्पादकता, गुणवत्ता और बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

3. राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम

मौजूदा योजनाओं को एकीकृत कर बुनकरों और कारीगरों की आय बढ़ाने, बाज़ार संपर्क सुनिश्चित करने और भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत के संरक्षण पर बल। प्राकृतिक व वनस्पति रंगों तथा डाई हाउस की स्थापना को भी प्रोत्साहन।

4. टेक्स-इको पहल

पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक मानकों के अनुरूप वस्त्र एवं परिधान निर्माण को बढ़ावा, जिससे हरित बाज़ारों तक पहुँच सुनिश्चित हो सके।

5. समर्थ 2.0

उन्नत कौशल विकास कार्यक्रम, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से उद्योग-तैयार कुशल मानव संसाधन विकसित करने पर केंद्रित।

मेगा टेक्सटाइल पार्क और तकनीकी वस्त्र

चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की घोषणा की गई है, जो एकीकृत अवसंरचना, पैमाने की अर्थव्यवस्था और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देंगे। ये पार्क तकनीकी वस्त्रों (औद्योगिक, चिकित्सा, रक्षा, अवसंरचना) के विकास में भी सहायक होंगे।

महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल

खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को सशक्त करने हेतु वैश्विक बाज़ार संपर्क, ब्रांडिंग, प्रशिक्षण, गुणवत्ता सुधार और प्रक्रिया आधुनिकीकरण पर फोकस। यह पहल ODOP (एक जिला एक उत्पाद) को भी समर्थन देती है।

वस्त्र निर्यात को बढ़ावा

ड्यूटी-फ्री आयातित इनपुट से बने वस्त्र और परिधान निर्यातकों के लिए निर्यात दायित्व अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 12 महीने की गई है, जिससे अनुपालन में आसानी और कार्यशील पूंजी प्रबंधन बेहतर होगा।

TReDS के माध्यम से MSME को तरलता सहायता

TReDS एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म है, जो MSME की व्यापारिक देनदारियों के वित्तपोषण में मदद करता है। अब तक ₹7 लाख करोड़ से अधिक की सुविधा प्रदान की जा चुकी है।

मुख्य उपाय:

  • CPSE द्वारा MSME से खरीद में TReDS का अनिवार्य उपयोग

  • CGTMSE के तहत क्रेडिट गारंटी

  • GeM को TReDS से जोड़ना

  • TReDS रिसीवेबल्स को एसेट-बैक्ड सिक्योरिटीज़ के रूप में पेश करना

SME ग्रोथ फंड

₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड भविष्य के “चैंपियन SMEs” को विकसित करने के लिए।

भारत का वस्त्र क्षेत्र: विकास, निर्यात और रोज़गार

USD 179 बिलियन के अनुमानित आकार के साथ, वस्त्र एवं परिधान उद्योग:

  • GDP में ~2% योगदान

  • विनिर्माण GVA में ~11%

  • निर्यात में ~8.63% हिस्सेदारी

भारत विश्व का छठा सबसे बड़ा T&A निर्यातक है। FY25 में निर्यात बढ़कर USD 37.75 बिलियन हो गया।

रोज़गार सृजन

वस्त्र क्षेत्र कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोज़गार प्रदाता है।
2025 के अनुमान के अनुसार 4.5 करोड़+ लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और ग्रामीण श्रमिक शामिल हैं।

भविष्य की दिशा (Outlook)

नीति का फोकस—पैमाना, आधुनिकीकरण, तकनीकी वस्त्र, MMF, सततता और निर्यात विस्तार।
वस्त्र निर्यात को ₹3 लाख करोड़ से बढ़ाकर विज़न 2030 के तहत ₹9 लाख करोड़ करने का लक्ष्य।

भारत–EU FTA से वस्त्र और परिधान पर शून्य शुल्क का लाभ मिलने की संभावना है, जिससे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

निष्कर्ष

केंद्रीय बजट 2026–27 ने फाइबर से लेकर बाज़ार तक पूरी मूल्य शृंखला को मज़बूत करते हुए भारत के वस्त्र क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा तय की है।
नीतिगत समर्थन, वैश्विक साझेदारियाँ और तकनीक-आधारित विकास के साथ, भारत एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी वैश्विक वस्त्र केंद्र के रूप में उभरने को तैयार है।


राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन 2026 कल से गुवाहाटी में, भारत को वैश्विक वस्त्र केंद्र बनाने पर होगा मंथन

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन 2026 कल, 8 जनवरी 2026 से गुवाहाटी, असम में प्रारंभ होगा। दो दिवसीय यह सम्मेलन “भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई” विषय के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।

इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र से जुड़े नीतिगत मुद्दों, निवेश, सततता, निर्यात, अवसंरचना विकास और तकनीकी उन्नयन पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है। यह सम्मेलन सरकार के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक भारत को एक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसका फोकस निर्यात बढ़ाने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर है, जो “विकास भी, विरासत भी” की भावना को प्रतिबिंबित करता है।

8 जनवरी 2026 को आयोजित उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र के दौरान एक प्रदर्शनी और पवेलियन का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें भारत की वस्त्र शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा।

सम्मेलन में अवसंरचना और निवेश, भारत के वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और रेशे, तकनीकी वस्त्र और नई पीढ़ी के फाइबर, तथा हथकरघा और हस्तशिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क, सततता एवं पर्यावरणीय अनुपालन, तकनीकी वस्त्र, नवाचार तथा एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी प्रमुख पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री एवं अधिकारी सम्मेलन में भाग लेकर श्रेष्ठ प्रथाओं, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करेंगे, ताकि क्षेत्रीय और जिला स्तर पर वस्त्र मूल्य-श्रृंखला को और सुदृढ़ किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, 8 जनवरी 2026 को ही “भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के वस्त्र क्षेत्र को सशक्त और सुदृढ़ करना” विषय पर एक विशेष कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के वस्त्र मंत्री, संसद सदस्य तथा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। यह कॉन्क्लेव उत्तर-पूर्व की रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प और बांस-आधारित वस्त्रों की अपार संभावनाओं को उजागर करने पर केंद्रित होगा, जिसमें विशेष रूप से एरी, मूगा और मल्बरी रेशम, महिला-नेतृत्व वाले उद्यम, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच पर जोर दिया जाएगा।

राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन केंद्र–राज्य सहयोग को सुदृढ़ करने और एक प्रतिस्पर्धी, सतत एवं समावेशी वस्त्र क्षेत्र के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होने की उम्मीद है।


भारत सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर में अनुसंधान और नवाचार के लिए Tex-RAMPS योजना को दी मंजूरी

No comments Document Thumbnail

भारत सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर में अनुसंधान, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के उद्देश्य से टेक्सटाइल फोकस्ड रिसर्च, असेसमेंट, मॉनिटरिंग, प्लानिंग और स्टार्ट-अप (Tex-RAMPS) योजना को मंजूरी दी है।

इस योजना के लिए कुल 305 करोड़ रुपये का बजट FY 2025-26 से FY 2030-31 तक रखा गया है और इसे केंद्रीय क्षेत्रीय योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जिसे पूरी तरह से वस्त्र मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा।

वस्त्र मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि Tex-RAMPS योजना अनुसंधान, डेटा और नवाचार को एक साथ लाकर भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बनाएगी और इसे वैश्विक स्तर पर स्थिरता, तकनीक और प्रतिस्पर्धात्मकता में अग्रणी बनाएगी।

Tex-RAMPS की मुख्य विशेषताएँ:

  1. अनुसंधान और नवाचार: स्मार्ट टेक्सटाइल, सततता, प्रक्रिया दक्षता और उभरती तकनीकों में उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देना।

  2. डेटा, विश्लेषण और डायग्नोस्टिक्स: रोजगार मूल्यांकन, आपूर्ति श्रृंखला मानचित्रण और इंडिया-साइज़ अध्ययन जैसे मजबूत डेटा सिस्टम का निर्माण।

  3. इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल्स स्टैटिस्टिकल सिस्टम (ITSS): संरचित निगरानी और रणनीतिक निर्णय लेने के लिए रियल-टाइम डेटा और विश्लेषण प्लेटफार्म।

  4. क्षमता विकास और ज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र: राज्य स्तर की योजना, सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का प्रसार, कार्यशालाएँ और क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित करना।

  5. स्टार्ट-अप और नवाचार समर्थन: इनक्यूबेटर, हैकाथॉन और अकादमी-इंडस्ट्री सहयोग के माध्यम से उच्च-मूल्य वाले टेक्सटाइल स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना।

अपेक्षित परिणाम:

  • वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना

  • अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना

  • डेटा-आधारित नीति निर्माण में सुधार

  • रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करना

  • राज्यों, उद्योग, अकादमी और सरकारी संस्थानों के बीच गहन सहयोग को बढ़ावा देना

Tex-RAMPS योजना भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को भविष्य के लिए सक्षम, लचीला और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चेच और अमारी भाजी के रेशे से बने नवाचार उत्पादों ने छात्रों को किया प्रभावित

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चाम्पा- जय भारत इंग्लिश मिडियम स्कूल बलौदा के छात्रों और शिक्षकों ने बहेराडीह गांव में स्थित देश के पहले किसान स्कूल बहेराडीह का भ्रमण किया, जहां पर वे पहली बार चेच भाजी और अमारी भाजी के रेशे से बनाई गई रंग-बिरंगी राखियां और कपड़े को देखकर खूब प्रभावित हुए.

जय भारत इंग्लिश मिडियम स्कूल बलौदा की शिक्षका रूबी दास, आरती विश्वकर्मा और शरद राजपूत ने बताया कि जिले के जैविक क़ृषि ग्राम बहेराडीह में स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल का अपने स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ भ्रमण किया, जहां पर किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव, केंद्रीय रेशम बोर्ड, तसर अनुसन्धान केंद्र, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सलाहकार रामाधार देवांगन, पार्वती देवांगन, पशु सखी पुष्पा यादव व उनकी टीम द्वारा बनाई गई चेच भाजी व अमारी भाजी के रेशे से रंग बिरंगी राखियां, कपड़ा को देखकर खूब प्रभावित हुए, वहीं किसान स्कूल परिसर में प्राकृतिक खेती तकनीक का बारीकी से अवलोकन किया। स्कूल के छात्र वीर प्रताप सोनी ईशान श्रीवास, शिवम सिंह और हरि गुप्ता ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ की 36 भाजी एक साथ कभी नहीं देखा था, मगर यहां पर 56 प्रकार की भाजियों का संरक्षण और संवर्धन पहली बार देखा। छात्र हेमंत भार्गव, कुश अग्रवाल, प्रशांत गोयल और गौरी अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के किसानों के सहयोग से विलुप्त चीजों का बड़े पैमाने पर संरक्षित सामग्री की संग्रहालय जो कि अपने आप में सराहनीय है, जिसे धरोहर का स्वरूप दिया गया है। छात्र सिमरन अग्रवाल माहि सोनी, सोना बैनर्जी तनीषा साहू और आशिता खान ने बताया कि यहां पर क़ृषि क्षेत्र में कई प्रकार की नवाचार का काम हो रही है, जिसमें केला, अलसी, भिंडी, चेच भाजी तथा अमारी भाजी के रेशे से रंग बिरंगी आकर्षक राखियों समेत कपड़ा बनाने के साथ वर्मीवाश बनाने का काम हो रहा है।



भारत–यूके टेक्निकल टेक्सटाइल्स साझेदारी : नवाचार, स्थिरता और नए अवसर

No comments Document Thumbnail

भारत के वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर में आयोजित टेक्निकल टेक्सटाइल्स रोडशो में भारत की तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में बढ़ती ताक़त का प्रदर्शन किया। इस प्रतिनिधिमंडल में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और मानव-निर्मित फाइबर, तकनीकी वस्त्र तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों के प्रतिनिधि, जिनमें TEXPROCIL भी शामिल था, मौजूद रहे। इसने भारत की मजबूत क्षमता और नवाचार-आधारित, टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

सचिव का संबोधन — नवाचार, स्थिरता और CETA

मुख्य संबोधन में नीलम शमी राव ने कहा कि तकनीकी वस्त्र भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक हैं, जिन्हें अनुसंधान एवं विकास, उन्नत विनिर्माण और परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy) की प्रथाओं से गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के अंतर्गत भारत सतत विकास, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और अपशिष्ट कम करने पर केंद्रित है, जिससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत–यूके Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) एक “विन–विन फ्रेमवर्क” है — यूके को सुरक्षित और सतत स्रोत तथा तकनीकी साझेदारी का अवसर मिलेगा, जबकि भारत को बेहतर बाज़ार पहुंच, शुल्क में कटौती, मानकों की आपसी मान्यता और निवेशकों का विश्वास प्राप्त होगा। उन्होंने यूके के रिटेलर्स और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं से भारत की किफायती और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम के साथ मिलकर लचीली और सतत आपूर्ति श्रृंखलाएँ (supply chains) बनाने का आग्रह किया।

रणनीतिक सहभागिता

प्रतिनिधिमंडल ने मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के मैनचेस्टर फ़ैशन इंस्टीट्यूट और ग्राफीन इंजीनियरिंग इनोवेशन सेंटर का दौरा किया, ताकि उन्नत सामग्री, सतत तकनीकी वस्त्र और परिपत्र फैशन मॉडल्स में सहयोग की संभावनाओं की खोज की जा सके।

भारत का तकनीकी वस्त्र निर्यात झलक (वित्त वर्ष 2024–25)

  • वैश्विक निर्यात: 2.92 बिलियन अमेरिकी डॉलर

  • प्रमुख श्रेणियाँ: पैकटेक (37.5%), इंडुटेक (28%)

  • यूके को निर्यात: 136 मिलियन अमेरिकी डॉलर (4.7% हिस्सा)

आगे की राह

यह दौरा भारत और यूके के बीच व्यापार के अधिक अवसर, संयुक्त उपक्रम, निवेश और तकनीकी साझेदारी को प्रोत्साहित करने की उम्मीद जगाता है। पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क्स, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना और NTTM जैसी प्रमुख योजनाएँ विश्वस्तरीय अवसंरचना और अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार कर रही हैं। CETA के अंतर्गत मिलने वाले बाज़ार पहुंच लाभों के साथ भारत 2030 तक अपने वस्त्र निर्यात को दोगुना करने की दिशा में अग्रसर है, और एक पारस्परिक रूप से लाभकारी, सतत और भविष्य-उन्मुख भारत–यूके वस्त्र व्यापार साझेदारी को मज़बूत कर रहा है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.