Media24Media.com: #ChhattisgarhAssembly

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #ChhattisgarhAssembly. Show all posts
Showing posts with label #ChhattisgarhAssembly. Show all posts

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की सौजन्य मुलाकात

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित स्पीकर हाउस पहुंचकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने डॉ. रमन सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों रजनी ताई उपासने, बनवारी लाल अग्रवाल और राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है। 

मुख्यमंत्री ने राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए विधानसभा भवन को राज्य को किया समर्पित

No comments Document Thumbnail

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन

परंपरा और आधुनिकता का संगम छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन

रायपुर-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 नवम्बर को करेंगे लोकार्पण: रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन : परंपरा और आधुनिकता का संगम

रायपुर- छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था  का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन : आधुनिकता, संस्कृति और लोकतंत्र की नई पहचान

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के लोकतांत्रिक इतिहास में वर्ष 2025 एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जब नया विधानसभा भवन भव्यता, आधुनिकता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ जनता के लिए समर्पित होगा।  1 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। राज्य की राजधानी रायपुर में निर्मित यह भवन न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि वास्तुशिल्प और सांस्कृतिक महत्व में भी अद्वितीय है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव के कुशल नेतृत्व में, यह भवन विकसित होते छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का स्वरूप है। 

स्थापत्य कला और वास्तुशिल्प की अनूठी मिसाल 

नया विधानसभा भवन राज्य की सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक स्थापत्य का अनुपम संगम है। इसकी डिजाइन में छत्तीसगढ़ की धरोहर, आदिवासी कला, और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को प्रमुखता दी गई है। भवन की बाहरी दीवारों को घोटुल, बांस-दरबार, और पेंटिंग्स से सजाया गया है, जिससे यह स्थानीय संस्कृति का जीवंत परिचायक बना है। गुंबद व मेहराबों की संरचना भारतीय परंपरागत स्थापत्य शैली से प्रेरित है, जबकि आंतरिक सजावट में नवीन तकनीकों का प्रभाव साफ दिखता है।

आधुनिक सुविधाएं एवं तकनीकी खुबियां 

इस विधानसभा भवन में अत्याधुनिक सुरक्षा, सूचना व संचार प्रणाली, ऊर्जा दक्षता, तथा भूकंपीय सुरक्षा जैसी विशेषताएं शामिल हैं। पूरी बिल्डिंग में स्मार्ट ऑडियो-विजुअल सिस्टम, ई-वोटिंग व्यवस्था, डिजिटलीकरण के लिए उच्चगुणवत्ता नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, और हरित भवन संबंधी सुविधाएं को अपनाया गया है। भवन के मुख्य हॉल में एलईडी प्रकाश व्यवस्था, केंद्रीय वातानुकूलन, और फायर सेफ्टी सिस्टम कार्यरत हैं। बैठक कक्ष और समिति कक्षों को भी तकनीकी तौर पर सुसज्जित किया गया है, ताकि विधायकों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कोई बाधा न हो।

पर्यावरण अनुकूलता और हरित प्रौद्योगिकी 

वैश्विक जलवायु संकट की पृष्ठभूमि में छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन ग्रीन बिल्डिंग मानकों का अनुपालन करता है। भवन की छत पर सौर ऊर्जा पैनल्स लगाए गए हैं, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था है, और अधिकतम प्राकृतिक रोशनी एवं वेंटिलेशन का ध्यान रखा गया है। बागवानी और वृक्षारोपण से परिसर को हरियालीयुक्त रखा गया है, जिससे भवन पर्यावरण के अनुकूल बनता है।

सुरक्षा इंतजाम और सुव्यवस्थित यातायात 

यह भवन अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सीसीटीवी कैमरों से लैस है। आपातकालीन निकासी, अग्निशमन, चिकित्सा कक्ष तथा पर्याप्त पार्किंग सुविधा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। बाहरी और आंतरिक सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा दस्ते तैनात किए गए हैं। भवन तक सुगम यातायात के लिये चौड़ी सड़कों, फुटपाथ और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है।


 विधिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विशेष रूप से बताया कि नया विधानसभा भवन डिजिटल गवर्नेंस की मिसाल पेश करता है। यहाँ सभी दस्तावेजों, प्रसार, नोटिस, एवं प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे विधानसभा के कामकाज में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इससे राज्य के नागरिकों को भी विधानसभा संचालन की जानकारी आसानी से उपलब्ध होती रहेगी।

 सांस्कृतिक प्रतीकों और राज्य की पहचान का संरक्षण 

भवन के प्रमुख द्वारों एवं दीवारों पर छत्तीसगढ़ की प्रमुख लोक संस्कृति, पंडवानी, डंडा-गीत, बस्तर की मूर्तिकला और देवी-देवताओं के चित्र अंकित किए गए हैं। यह न केवल राज्य की पारंपरिक पहचान को जीवंत रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में सहायक हैं।

 उप मुख्यमंत्री-सह-लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव का दृष्टिकोण 

अरुण साव ने भवन के लोकार्पण के पहले जारी किए गए वीडियो सन्देश मे कहा- यह विधानसभा भवन हमारे लोकतंत्र की मजबूती, आमजन की भागीदारी और छत्तीसगढ़ की दिव्य संस्कृति का प्रमाण है। हमनें इसे हमारे जनप्रतिनिधियों और जनता के संवाद का सशक्त मंच बनाने का संकल्प लिया है। डिजिटल इंडिया और स्वच्छ ऊर्जा की राह पर यह भवन हमारे नए छत्तीसगढ़ की सोच और गतिशीलता का आईना है।

 देखें VIDEO 


छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन ना केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र है, वरन यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरणीय चेतना, तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता का भी जीवंत प्रतीक है।  अरुण साव के मार्गदर्शन में बना यह भवन निश्चित ही छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का वाहक बनेगा, जहां लोकतंत्र के नए कीर्तिमान स्थापित होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण

No comments Document Thumbnail

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आगामी 1 नवम्बर को आयोजित होने वाले नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह में आमंत्रित करते हुए औपचारिक आमंत्रण पत्र भेंट किया।

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत हर्ष और गर्व का अवसर है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की रजत जयंती वर्ष के शुभ अवसर पर प्रदेश की जनता को नवीन विधानसभा भवन समर्पित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से इस भव्य एवं सुसज्जित विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कह कि यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपराओं, विकास यात्रा और जनभावनाओं का प्रतीक बनेगा


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.