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महासमुंद : कलेक्टर ने फॉर्च्यून नेत्रहीन विद्यालय के एथलेटिक्स चैम्पियनशिप विद्यार्थियों को किया सम्मानित

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महासमुंद। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने अपने कार्यालय कक्ष में 22 उषा नेशनल पैरा एथलेटिक्स दृष्टिबाधित चैंपियनशिप 2022 एवं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप प्रतियोगिता में पदक प्राप्त करने वाले दृष्टिबाधित विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें मेडल, प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस दौरान समाज कल्याण विभाग के प्रभारी उप संचालक श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से मान्यता एवं अनुदान प्राप्त फॉर्च्यून फाउण्डेशन समाज सेवी संस्था सरायपाली विकासखण्ड के ग्राम प्रेतनडीह एवं बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम करमापटपर में स्थित फॉर्च्यून नेत्रहीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत दृष्टि बाधित दिव्यांग छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय खेल-कुद प्रतियोगिता में भाग लेकर एवं अनेकों पदक जीतकर महासमुंद जिले का गौरव बढ़ाया है।

उन्हाेंने बताया कि 22 उषा नेशनल पैरा एथलेटिक्स दृष्टि बाधित चैम्पियनशिप 2022 प्रतियोगिता का आयोजन त्यागराज स्पोर्ट्स काॅम्पलैक्स नई दिल्ली में 12 से 16 दिसम्बर 2022 तक आयोजित किया गया था। जिसमें संस्था की कु. ईश्वरी निषाद द्वारा 200 मीटर में स्वर्ण, 400 मीटर में कांस्य एवं 1500 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त किया है। इसी तरह लक्की यादव ने 400 मीटर में स्वर्ण पदक प्राप्त किया एवं उमाशंकर पटेल ने 200 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में क्वालिफाई किया।

इसी तरह छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2023 प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम कोटा रायपुर में 15 एवं 16 जनवरी 2023 को आयोजित किया गया था। जिसमें कु. ईश्वरी निषाद ने 200, 400 एवं 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। कु. कमलेश्वरी निषाद ने 100 एवं 200 मीटर में स्वर्ण पदक, भूपेन्द्र पटेल ने 400 एवं 800 मीटर में रजत पदक तथा गोला फेक में रजत पदक प्राप्त किया। इसी तरह उमाशंकर पटेल ने 400 मीटर में कांस्य, लक्की यादव ने 100, 200 एवं 800 मीटर में स्वर्ण पदक, सुखदेव केंवट ने 200 मीटर में स्वर्ण और 400 एवं 800 मीटर में रजत पदक, निखिल यादव ने 200 मीटर में कांस्य, 400 मीटर में रजत एवं लम्बी कूद मे रजत, सुमित भोई ने 100 मीटर में रजत, ईशान भोई ने 100 एवं 400 मीटर स्वर्ण पदक, आकाश सान ने 100, 400 मीटर में रजत एवं लम्बी कूद में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।

तुषार गिरी ने 400 मीटर में कास्य एवं लम्बी कूद में रजत, ज्योति निषाद ने 200 एवं 400 मीटर में स्वर्ण पदक, कुसुम प्रधान ने 200 मीटर में स्वर्ण, 400 मीटर में रजत, शिवानी पाण्डे ने 200 मीटर में स्वर्ण, 400 मीटर में कांस्य, नोशन पटेल ने 200 मीटर में स्वर्ण, तोरण यादव ने गोला फेक, तावा फेक एवं भाला फेक में रजत पदक इस प्रकार कुल 18 स्वर्ण पदक, 15 रजत पदक, कांस्य पदक 05 कुल 38 पदक प्राप्त किया गया। इस अवसर पर शाला विकास समिति के सदस्य विश्वनाथ पाणिग्रही, श्रीमती रश्मि चंद्राकर, फॉर्च्यून फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री निरंजन साहू, सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं फॉर्च्यून फाउण्डेशन संस्था के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

दोनों आंखों की रोशनी लौटने के बाद पूजा अपनी आंखों से पहली बार देखेगी दीवाली की जगमग

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रायपुर। जन्म से ही मोतियाबिंद से पीड़ित 13 वर्ष की पूजा (बदला हुआ नाम) इस साल पहली बार अपनी आंखों से रोशनी के त्यौहार दीपावली की जगमगाहट देखेगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायुयोजना ने उसकी दोनों आंखों की रोशनी लौटा दी है। सरगुजा के बतौली में जीवन ज्योति नेत्रहीन विद्यालय में पढ़ने वाली पूजा जन्म से ही मोतियाबिंद से पीड़ित होने के कारण देखने में असमर्थ थी। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण उसका परिवार इलाज नहीं करवा पा रहा था। स्कूल जाने की उसकी ललक और जिद के कारण पिता ने उसे बतौली के जीवन ज्योति नेत्रहीन विद्यालय में भर्ती करा दिया था।



सरगुजा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमीन फिरदौसी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के बतौली के चिरायुदल ने नेत्रहीन स्कूल में पूजा के आंखों की जांच की और उसकी दृष्टि लौटाने ऑपरेशन का सुझाव दिया। बेटी के जीवन में उम्मीद की किरण देख उसके पिता ने सहर्ष ऑपरेशन के लिए सहमति दी। वर्ष-2018 में रायपुर में पूजा की एक आंख का सफल ऑपरेशन किया गया और इस साल अगस्त में अंबिकापुर में उसकी दूसरी आंख का ऑपरेशन हुआ है। समय पर जांच और ऑपरेशन हो जाने के कारण आज पूजा अपनी दोनों आंखों से सब कुछ देख पा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से वह नेत्रहीन विद्यालय छोड़कर सामान्य स्कूल में पढ़ेगी। इस साल की दीवाली को वह पहली बार अपनी आंखों से रोशन होते देखेगी।

 चिरायुके तहत आंगनबाड़ी व स्कूल में 44 तरह की बीमारियों की होती है निःशुल्क जांच व उपचार

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. व्ही.आर. भगत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित चिरायुयोजना के तहत चिकित्सा दलों द्वारा आंगनबाड़ी में दर्ज व स्कूलों में अध्ययनरत 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण व यथासंभव इलाज किया जाता है। इसके अंतर्गत 44 तरह की बीमारियों का उपचार किया जाता है। 

आंख से कम दिखाई देना, कानों से कम सुनाई देना, विटामिन की कमी, एनीमिया, हृदय रोग जैसी बीमारियों की पहचान कर उनका इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता उन्हें चिरायुदलों के द्वारा बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं में रिफर कर इलाज कराया जाता है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 330 ‘चिरायुदल सक्रिय हैं।

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