Media24Media.com: नारी सशक्तिकरण

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रानी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण की जीवंत प्रतीक : मंत्री राजवाड़े

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर जिले के ऑडिटोरियम में रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। श्रीमती राजवाड़े ने  इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और कर्तृत्व को नारी शक्ति की प्रेरणा बताया।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और हमेशा अपनी प्रजा की भलाई के लिए समर्पित रहीं। उन्होंने जल संकट से निपटने के लिए तालाब खुदवाए, निर्धनों की सहायता की और शासन को सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने शत्रुओं का डटकर सामना किया और अपने शासन में न्याय, धर्म और जनसेवा को सर्वाेपरि रखा।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यह भी कहा कि रानी अहिल्याबाई ने स्त्रियों को समाज में निर्णय लेने का अधिकार दिया और विधवाओं एवं वंचित वर्ग की महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि स्त्री केवल सहनशीलता की प्रतीक नहीं, बल्कि नेतृत्व, चेतना और परिवर्तन की वाहक भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी रानी अहिल्याबाई की प्रेरणा से समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने यह भलीभांति समझा था कि समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी और शिक्षा के बिना संभव नहीं है।

इस अवसर पर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें जय दुर्गा स्वसहायता समूह को डोर टू डोर कचरा संग्रहण और स्वच्छ भारत मिशन में योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन  में अपने योगदान के लिए श्रीमती माधुरी भंडारी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। श्रीमती राजवाड़े ने भटगांव स्थित सांस्कृतिक भवन में आयोजित त्रिशताब्दी समारोह में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिले के गणमान्य नागरिकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नयन सिदार, श्रीमती कुसुम सिंह, भीमसेन अग्रवाल,रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, मुरली मनोहर सोनी, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

नारी सशक्तिकरण में टसर धागाकरण निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

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रायपुर। नारी सशक्तिकरण के माध्यम से एक सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने में ग्रामोद्योग संचालनालय की टसर धागाकरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जशपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत कुमारी प्रीति चौहान जैसी महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रीति ने टसर धागाकरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब वह इस कार्य में अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। गरीब परिवार से आने वाली प्रीति आज अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं और अपनी बचत से खेती में भी योगदान दे रही हैं। उनके खाते में अब तक 1 लाख 2 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जशपुर जिले में धागाकरण प्रशिक्षण देकर समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे उन्हें अपने गाँव में ही रोजगार मिल सके और उन्हें अन्य राज्यों की ओर रोजगार के लिए देखना न पड़े। टसर धागाकरण से जुड़ी अन्य महिलाएं भी अब गरीबी से उबरकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। इस योजना से उन्हें न केवल धागाकरण का कार्य मिला है, बल्कि वे अपनी कृषि भूमि पर खेती कर उन्नत किस्म का धान और अन्य फसलें भी उगा रही हैं। कई महिलाएं जो कभी साइकिल खरीदने का सपना देखती थीं, अब इस योजना से मिली आय से दोपहिया वाहन भी खरीद रही हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं।

रेशम विभाग द्वारा महिलाओं को कोकून बैंक के माध्यम से कोसा उपलब्ध कराया जाता है और उनके द्वारा उत्पादित धागे को विपणन कर उनकी आय को सीधे उनके खाते में जमा किया जाता है। इस प्रकार टसर धागाकरण योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे न केवल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रही हैं, बल्कि उनका समाज में एक अलग पहचान भी बन रही है। नारी सशक्तिकरण के इस प्रयास से महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो रही हैं और अपने परिवार और समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

16 लाख गायत्री मंत्र लेखन के लिए उषा निगम का सम्मान

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रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में रायपुर में आयोजित नारी सशक्तिकरण चेतना शिविर में ग्राम नर्रा, विकासखंड बागबाहरा, निवासी श्रीमती उषा निगम का सम्मान किया गया। 16 लाख गायत्री मंत्र लेखन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। रायपुर में  27 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वाधान में आयोजित नारी सशक्तिकरण चेतना शिविर के अंतिम दिन अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय शैल बाला पंड्या एवं कुलपति देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार डाक्टर चिन्मय पंड्या की गरिमामय उपस्थिति में नारी जागरण अभियान की प्रभारी श्रीमती शेफाली पंड्या द्वारा ग्राम नर्रा, विकासखंड बागबाहरा, निवासी श्रीमती उषा निगम को उनके 16 लाख गायत्री मंत्र लेखन के विशिष्ट कार्य के लिए शील्ड और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

उक्त शिविर में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और बिहार की भी 5000 से अधिक महिलाओं ने शिरकत की थी।गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय भगवती देवी शर्मा ने वर्षों पहले ही 21वीं सदी नारी सदी का उद्घोष किया था। छत्तीसगढ़ प्यार और सहकार का राज्य है, यहां के नागरिकों की अटूट श्रद्धा, निष्ठा, समर्पण, त्याग एवं अपनापन को देखते हुए गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने छत्तीसगढ़ को अपना हृदय स्थल माना था। इसी वजह से नारी सशक्तिकरण का शंखनाद छत्तीसगढ़ से हुआ।

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