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Chhattisgarh: बस्तर के तोकापाल की बबीता नाग ने मुख्यमंत्री को बांधा निरामय सूत्र

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 रायपुर : एम्स रायपुर के आडिटोरियम में आज निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम अंतर्गत 100 दिनों तक टीबी, मलेरिया एवं कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी तथा उनका उपचार किया जाएगा।


कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे लोगों का भी सम्मान किया गया जिन्होंने टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों से लड़ाई लड़ी और आज स्वस्थ जीवन का आनंद उठा रहे हैं। इन्हीं मे से एक हैं बस्तर के तोकापाल की रहने वाली बबीता नाग जो कुछ समय पहले तक टीबी के रोग से पीड़ित थीं। इन्होंने सरकारी अस्पताल में अपनी जांच करायी और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए समय पर दवाइयों और पोषण आहार का सेवन किया। इसकी वजह से बबीता आज पूरी तरह स्वस्थ हैं।

बबीता ने अपने स्वस्थ होने का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया है जिनकी पहल की वजह से वो टीबी जैसी बीमारी के प्रति जागरूक हो सकीं और समय पर अपना इलाज कराया। मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद देने के लिए बबीता आज निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में उपस्थित थीं। उन्होने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अपने हाथों से निक्षय निरामय सूत्र बांधा और प्रदेश में स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए आभार प्रकट किया।

राज्यपाल ने एम्स रायपुर के वार्षिकोत्सव ‘ओराएना 2022‘ का किया शुभारंभ

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रायपुर। एम्स रायपुर ने पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा, अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों में विशेष उपलब्धि हासिल की है और देश में स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उक्त बातें राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज एम्स रायपुर के वार्षिकोत्सव ‘‘ओराएना 2022‘‘ के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से कहीं। इस दौरान एम्स रायपुर के विद्यार्थियों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से नाटक व नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने, मनोरोग को नजरअंदाज न करने और इसके रोगियों से संवेदनशील व्यवहार करने का आग्रह किया। इस अवसर पर राज्यपाल और एम्स के चिकित्सकों ने संस्थान के वार्षिक स्मारिका का विमोचन किया।

 


राज्यपाल ने अपने संबोधन में वार्षिक उत्सव के आयोजन के लिए एम्स प्रबंधन और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ओराएना का अर्थ सूर्याेदयहै और विद्यार्थियों की उपस्थिति से वास्तव में यह परिसर सूर्याेदय की लालिमा, शीतलता, और ऊर्जा का आभास करा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि कि युवाओं की यही ऊर्जा भविष्य के भारत को आकार देगी और विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। राज्यपाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर विस्तार हो रहा है। साथ ही ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के मेडिकल की पढ़ाई करने में भाषाई अवरूद्धता को दूर करने में उनके नेतृत्व में महत्वपूर्ण पहल हुई है। हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई से भी लाखों युवाओं के डॉक्टर बनने का सपना साकार होगा।

राज्यपाल ने आगे कहा कि उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलने से छत्तीसगढ़ और आस-पास के क्षेत्रवासियों के लिए एम्स रायपुर किसी वरदान से कम नहीं है। साथ ही संस्थान में प्रतिवर्ष हजारों विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बन रहे हैं, जिससे बेहतर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो पा रही है। उन्होंने कहा कि एक संस्थान के रूप में यह उपलब्धि भारत में स्वास्थ्य सुविधा के बढ़ते दायरे का सशक्त उदाहरण है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि चिकित्सक के रूप में आपके भावी जीवन में कई ऐसे मौके आएंगे, जब आपके प्रयासों से किसी की जान बचेगी या उनकी शारीरिक परेशानी दूर होगी, तभी वास्तव में आपको आत्मसंतुष्टि मिलेगी और इस पेशे के महत्व को समझ पाएंगे। उन्होंने आमजनों को सस्ता, सुगम और बेहतर इलाज कैसे मिले, इस दिशा में प्रयास करने पर जोर दिया।



राज्यपाल ने कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि चिकित्सकीय पेशे का जितना संबंध अध्ययन से है, उतना ही मानवीय संवेदना और सतर्कता के साथ कार्य करने से। उन्होंने चिकित्सकों की कार्यशैली के बारे में बताते हुए उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वार्षिक उत्सव में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक और शारीरिक गतिविधियों का आयोजन चिकित्सकों और विद्यार्थियों के मनोरंजन और तनाव प्रबंधन में सहायक होगा। विद्यार्थी अपने रूचि के अनुरूप विधा या गतिविधि में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पायेंगे और इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि वार्षिक उत्सव में मेडिकल के साथ-साथ इंजीनियरिंग, लॉ और गैर तकनीकी क्षेत्रों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं और मुझे विश्वास है कि सभी विद्यार्थी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेल भावना को सर्वाेपरि बनाए रखेंगे।

राज्यपाल ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत चिंता व्यक्त करते हुए एम्स प्रबंधन से आग्रह किया कि वे इस आशय से आसपास के गांव और स्कूलों में जागरूकता शिविर का आयोजन करें। युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या, शारीरिक गतिविधि और स्वच्छता के फायदों की जानकारी दें। राज्यपाल ने कोविड-19 के आपदा को स्मरण करते हुए कहा कि इस कठिन समय में डॉक्टरों ने हमारा हौसला बनाये रखा। सेवा की जो शपथ आप सभी ने ली थी उसका अक्षरशः पालन कर कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के अर्थ को पूरे देश को समझाया है। उन्होंने एम्स रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर के समर्पित कार्यशैली की भी प्रशंसा की और आगे स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान और बेहतर कार्य करने को कहा। इस दौरान एम्स प्रबंधन ने राज्यपाल सुश्री उइके को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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