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12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: भारत से दुनिया तक योग का महापर्व

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नई दिल्ली- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) ने भारत और विश्वभर में अभूतपूर्व भागीदारी के साथ एक नया इतिहास रच दिया। इस वर्ष की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रही, जिसने शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और समग्र स्वास्थ्य में योग की भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विशाल योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर लगभग 35,000 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

दुनिया ने अपनाया योग का संदेश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, मिस्र सहित अनेक देशों में बड़े पैमाने पर योग सत्र आयोजित किए गए। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से लेकर यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और पूर्वी एशिया के प्रमुख शहरों तक लाखों लोगों ने योग दिवस में भाग लिया। इससे यह साबित हुआ कि योग आज वैश्विक स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण का प्रतीक बन चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग मानवता को जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक सशक्त माध्यम है।

देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी किया योग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने लद्दाख के लेह में योग दिवस मनाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में सांसदों के साथ योग सत्र का नेतृत्व किया।

गंगोत्री से गंगासागर तक योग का संदेश

इस वर्ष का सबसे विशेष अभियान "गंगोत्री से गंगासागर" रहा। लगभग 2,525 किलोमीटर की यात्रा के दौरान ऋषिकेश, हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और हुगली सहित अनेक प्रमुख घाटों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल ने भारत की दो महान धरोहरों—गंगा और योग—को एक सूत्र में पिरोते हुए स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

योग संगम पोर्टल पर रिकॉर्ड भागीदारी

योग संगम पोर्टल पर 3.07 करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। देश के 780 जिलों और 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लोगों ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पोर्टल पर 7.46 लाख से अधिक तस्वीरें अपलोड की गईं और 2.66 लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए।

रिकॉर्ड बनाने वाला योग दिवस

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले आयोजित कार्यक्रमों ने भी कई रिकॉर्ड बनाए।

  • महाराष्ट्र के बुलढाणा में लगभग 5,000 लोगों ने एक साथ त्रिकोणासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाया।

  • कान्हा शांति वनम में 6,000 से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ भुजंगासन कर नया रिकॉर्ड बनाया।

  • 14 जून 2026 को आयुष मंत्रालय ने अपने यूट्यूब लाइव योग सत्र के दौरान 4,35,831 दर्शकों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

सेना से युवाओं तक, हर वर्ग ने निभाई भागीदारी

रक्षा मंत्रालय ने सियाचिन ग्लेशियर से लेकर कन्याकुमारी तक योग कार्यक्रम आयोजित किए। रक्षा मंत्री Rajnath Singh सहित हजारों सैनिकों ने योग किया।

वहीं राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ने देशभर के 5,000 से अधिक स्थानों पर 8.30 लाख से ज्यादा कैडेटों के साथ योगाभ्यास कर युवाओं की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की।

भारत ने फिर दिखाया विश्व को मार्ग

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का मार्ग है। करोड़ों लोगों की भागीदारी और वैश्विक उत्साह के साथ भारत ने योग के माध्यम से विश्व कल्याण और स्वस्थ जीवन का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया।

"12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर भारत से दुनिया तक योग का महापर्व देखने को मिला। करोड़ों लोगों ने ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ के संदेश को अपनाते हुए स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में कदम बढ़ाया।"




अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले कोलकाता में ‘दौड़ से ध्यान’ कार्यक्रम का आयोजन, हजारों लोगों ने लिया भाग

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कोलकाता- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत कोलकाता में “दौड़ से ध्यान 2026 – From Movement to Stillness” का भव्य आयोजन किया गया। स्वच्छता से स्वागत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अनूठी पहल ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण के संदेश को एक साथ जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आज सुबह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी तथा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने संयुक्त रूप से किया। दोनों नेताओं ने कोलकाता नगर निगम (KMC) मुख्यालय से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग तक आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मैराथन के बाद राइटर्स बिल्डिंग परिसर में योग और ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक शांति का संदेश दिया।

इस अवसर पर मंत्री इंद्रनील खान, अग्निमित्रा पॉल और तापस रॉय, विधायक विजय ओझा, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रसिद्ध पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भी योग सत्र में भाग लेकर कार्यक्रम को विशेष उत्साह प्रदान किया।

11 स्थानों पर एक साथ आयोजित हुई योग दौड़

इस पहल के तहत कोलकाता के 11 प्रमुख स्थानों पर एक साथ 2 किलोमीटर की योग रन आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों को योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

योग रन के प्रमुख स्थानों में शामिल रहे:

  • पी.ए.सी. टेंट मैदान

  • एलियट पार्क

  • आरएसएम स्क्वायर (सेंट्रल)

  • ताला पार्क (बेलगछिया)

  • सुभाष सरोवर (बेलियाघाटा)

  • कैप्टन भेरी (ईएम बाईपास)

  • गोलपार्क (विवेकानंद पार्क)

  • गीतांजलि स्टेडियम (कस्बा)

  • केएफआर ग्राउंड (बेहाला)

  • संघमित्रा स्कूल मैदान (वेस्ट पोर्ट)

  • चंडीपुरा रंगसारा ग्राउंड (भांगर)

योग का मूल संदेश: गति से स्थिरता की ओर

कार्यक्रम का मुख्य संदेश “दौड़ से ध्यान” योग के वास्तविक स्वरूप को दर्शाता है, जिसमें शारीरिक गतिविधि से मानसिक शांति, अनुशासन से संतुलन और सामूहिक प्रयास से समग्र कल्याण की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी जाती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में आयोजित इस तरह के कार्यक्रम योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: राष्ट्रीय एवं वैश्विक समारोहों का शुभारंभ

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नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आज आयुष मंत्रालय ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के लिए कर्टेन रेज़र कार्यक्रम आयोजित किया। इसके साथ ही देशभर और विश्वभर में योग दिवस 2026 के उत्सवों की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 21 जून 2026 को Kolkata के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित होगा, जिसका नेतृत्व नरेंद्र मोदी करेंगे।

इस वर्ष की थीम: "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing)

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह विषय वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों और अवसरों में से एक—स्वस्थ वृद्धावस्था—पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोग पहले से अधिक लंबे समय तक जीवित रह रहे हैं, लेकिन चुनौती यह है कि ये अतिरिक्त वर्ष स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और सार्थक हों। योग शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करने, मानसिक संतुलन बढ़ाने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने का एक सिद्ध एवं समग्र माध्यम है।

योग: भारत से विश्व तक

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद योग एक भारतीय परंपरा से आगे बढ़कर वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बन गया।

उन्होंने कहा, "आज योग सीमाओं, संस्कृतियों और भाषाओं से परे जाकर स्वास्थ्य, सद्भाव और कल्याण का साझा वैश्विक माध्यम बन चुका है।"

वैश्विक स्तर पर व्यापक आयोजन

  • 210 से अधिक भारतीय मिशन (दूतावास एवं उच्चायोग) विदेशों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

  • लगभग 2,500 स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम होंगे।

  • यह योग की वैश्विक लोकप्रियता और आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में उसकी उपयोगिता को दर्शाता है।

नया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

मंत्री ने जानकारी दी कि 14 जून 2026 को आयोजित विशेष राष्ट्रव्यापी लाइव योग सत्र में 4 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ भाग लेकर नया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

उन्होंने इसे योग के प्रति जनता के बढ़ते उत्साह और सहभागिता का प्रमाण बताया।

100 प्रतिष्ठित स्थलों पर विशेष आयोजन

संस्कृति मंत्रालय देशभर के 100 प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित करेगा।

इस पहल का उद्देश्य योग, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव को एक साथ जोड़ना है।

काउंटडाउन कार्यक्रम

योग दिवस से पहले देशभर में कई प्रमुख काउंटडाउन कार्यक्रम आयोजित किए गए:

  • नई दिल्ली में 100-दिवसीय काउंटडाउन

  • महाराष्ट्र के लोणार में 75-दिवसीय कार्यक्रम

  • कान्हा शांति वनम्, हैदराबाद में 50-दिवसीय कार्यक्रम

  • खजुराहो में 25-दिवसीय काउंटडाउन समारोह

"गंगोत्री से गंगासागर: गंगा तट योग यात्रा"

13 से 20 जून तक आयोजित यह विशेष यात्रा निम्न प्रमुख स्थानों को जोड़ रही है:

  • गंगोत्री

  • हरिद्वार

  • वाराणसी

  • पटना

  • हुगली

  • गंगासागर

इस पहल का उद्देश्य योग को पर्यावरण संरक्षण, नदी संस्कृति और जनभागीदारी से जोड़ना है।

कोलकाता में विशेष कार्यक्रम

मुख्य आयोजन से पहले कोलकाता में कई विशेष कार्यक्रम होंगे:

  • 19 जून: "दौड़ से ध्यान" (Doud se Dhyan) — शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध को बढ़ावा देने हेतु।

  • 20 जून: "वंदे योगम्" (Vande Yogam) एवं पश्चिम बंगाल दिवस समारोह — योग, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संगम।

नागरिकों से अपील

मंत्री प्रतापराव जाधव  ने सभी नागरिकों से योग दिवस 2026 के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि योग मानवता को भारत की सबसे महत्वपूर्ण देनों में से एक है और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सुखी और सार्थक जीवन प्राप्त किया जा सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य समारोह कोलकाता में, “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” होगी थीम

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 का मुख्य समारोह 21 जून को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। इसकी घोषणा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आज की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और स्वस्थ उम्र बढ़ने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।

यह घोषणा खजुराहो स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, पश्चिमी मंदिर समूह में आयोजित योग महोत्सव 2026 के दौरान की गई, जो IDY 2026 के 25 दिन के काउंटडाउन की शुरुआत का प्रतीक है। इस कार्यक्रम का आयोजन आयुष मंत्रालय के अधीन मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) द्वारा किया गया, जिसमें हजारों योग प्रेमियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) के सामूहिक प्रदर्शन में भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रतापराव जाधव ने कहा कि कोलकाता, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का केंद्र है, IDY 2026 के मुख्य समारोह की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” विषय जीवन के बढ़ते चरण में समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में योग के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि खजुराहो अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के कारण भारत की प्राचीन परंपराओं और स्वास्थ्य अभ्यासों के सामंजस्य का प्रतीक है और यह भविष्य में वैश्विक योग एवं वेलनेस केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

मंत्री जाधव ने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए और आयुष मंत्रालय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, योग को गाँव-गाँव, घर-घर, स्कूलों, कार्यालयों और समुदायों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि योग और आयुष आहार जैसी पहलें संतुलित पोषण, अनुशासित जीवन और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने योग संगम पोर्टल को पुनः लॉन्च किया, जिससे ऑनलाइन पंजीकरण और सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही योग पार्क पोर्टल भी लॉन्च किया गया, जो राज्यों और संस्थानों में योग स्थानों के विकास में मदद करेगा। उन्होंने नया डिज़ाइन किया गया योग टी-शर्ट भी प्रस्तुत किया, जो योग, स्वास्थ्य और कल्याण का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि योग 365 अभियान के तहत 100 दिन के निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया है और उन्हें योग मित्र प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि योग और खजुराहो भारत की सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी तेजी से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रही है, जिससे समाज अधिक स्वस्थ और जागरूक बन रहा है।

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि योग और आयुर्वेद केवल अभ्यास नहीं बल्कि भारत की समृद्ध परंपराओं पर आधारित जीवन शैली हैं। उन्होंने शिक्षा और योग के संयोजन को स्वस्थ समाज निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत मूल्यों को दर्शाता है तथा जनमानस में समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है और अब यह लगभग 190 देशों में अपनाया जा रहा है।

आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा दाश ने कहा कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में योग समग्र स्वास्थ्य के लिए सरल और स्थायी समाधान प्रदान करता है। उन्होंने नागरिकों से ‘योग मित्र’ बनने और 14 जून 2026 को होने वाले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास में भाग लेने की अपील की।

कार्यक्रम में हजारों योग प्रेमियों ने मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) काशीनाथ सामगंडी के नेतृत्व में कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक प्रदर्शन किया। यह प्रोटोकॉल सभी आयु वर्ग के लोगों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई योग अभ्यासों की मानकीकृत श्रृंखला है।

यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ और योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है।



अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों को लेकर आयुष मंत्रालय की अहम बैठक

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नई दिल्ली में आज आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, योग गुरु तथा योग संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के सफल आयोजन के लिए योजना और समन्वित क्रियान्वयन पर चर्चा करना था।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने की। उन्होंने कहा कि योग आज केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जन-आंदोलन बन चुका है, जो लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 190 से अधिक देशों में मनाया जा रहा है, जिससे योग को वैश्विक पहचान मिली है।

मंत्री ने सभी मंत्रालयों से “whole-of-government approach” अपनाने का आह्वान करते हुए 21 जून को होने वाले कॉमन योग प्रोटोकॉल में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने, स्कूलों, कार्यस्थलों और स्वास्थ्य संस्थानों में योग को शामिल करने, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने पर जोर दिया।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) Sibi George ने कहा कि दुनिया भर में भारतीय दूतावास और मिशन IDY 2026 के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जापान में चल रहे योग अभ्यास कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली है।

आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ अब एक वैश्विक स्वास्थ्य अभियान बन चुका है।

वहीं एच. आर. नागेंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष 26 करोड़ से अधिक लोगों ने योग दिवस में भाग लिया था और इस वर्ष यह संख्या 30 करोड़ से पार जाने की उम्मीद है।

बैठक में IDY 2026 के लिए विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों और रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें युवाओं की भागीदारी, डिजिटल पहुंच और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

आयुष मंत्रालय ने विश्वास जताया कि समन्वित प्रयासों और व्यापक भागीदारी के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को और भी भव्य और सफल बनाया जाएगा।

लोणार में योग महोत्सव 2026: 5000 लोगों ने रचा इतिहास, त्रिकोणासन बना रिकॉर्ड

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आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) ने महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के लोणार स्थित छत्रपति श्री शिवाजी महाराज उद्यान में आज योग महोत्सव–2026 का आयोजन किया। यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ, क्योंकि इसने त्रिकोणासन करने वाले सबसे बड़े समूह के रूप में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त किया।

लगभग 5,000 प्रतिभागियों ने सुबह एकत्र होकर कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास किया, जिससे ऐतिहासिक नगर लोणार सामूहिक स्वास्थ्य और ऊर्जा का केंद्र बन गया। इस बड़े स्तर की भागीदारी ने यह दर्शाया कि योग आज विश्वभर में एकता, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने इस आयोजन को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के 75-दिवसीय काउंटडाउन की मजबूत शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि भू-वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लोणार में यह आयोजन वैश्विक स्तर पर समग्र स्वास्थ्य और संतुलन के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन को मजबूत करता है।

रिकॉर्ड बनाने वाले त्रिकोणासन प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए मंत्री जाधव ने कहा कि यह उपलब्धि योग की सामूहिकता और साझा स्वास्थ्य की भावना को दर्शाती है। उन्होंने आयुष आहार के महत्व पर भी जोर दिया और बाजरा, रागी, नारियल तेल तथा औषधीय मसालों जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी बताया।

आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा दास ने कहा कि योग भारत का विश्व को दिया गया एक अनमोल उपहार है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है।

कार्यक्रम में MDNIY के निदेशक प्रो. (डॉ.) काशीनाथ समगांडी के नेतृत्व में कॉमन योग प्रोटोकॉल का लाइव प्रदर्शन हुआ, जिसमें योगासन, प्राणायाम और ध्यान शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को योग के व्यापक लाभों का अनुभव हुआ।

योग महोत्सव–2026 में आयुष मंत्रालय की कई प्रमुख पहलों को भी प्रदर्शित किया गया, जैसे:

  • “योग फॉर एयर ट्रैवल” प्रोटोकॉल

  • “गैर-संचारी रोगों के लिए 10 योग प्रोटोकॉल”

  • योग 365 अभियान (दैनिक जीवन में योग को शामिल करने हेतु)

इसके साथ ही 1800-315-7008 टोल-फ्री हेल्पलाइन की जानकारी दी गई, जो 14 दिनों तक मुफ्त योग मार्गदर्शन प्रदान करती है।

यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के 12वें संस्करण के लिए 75-दिवसीय काउंटडाउन की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक रहा। इसमें आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पिछले 11 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य आंदोलन बन चुका है, जिसमें हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ रही है। आने वाला 12वां संस्करण गैर-संचारी रोगों, वृद्धजन स्वास्थ्य और योग के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के समन्वय पर केंद्रित होगा।

आयुष मंत्रालय ने जन भागीदारी के माध्यम से योग को जन आंदोलन बनाने और IDY 2026 से पहले देश-विदेश में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


‘योग 365’ पहल की शुरुआत: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को दैनिक जीवन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम

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नई दिल्ली- योग को एक दिन के उत्सव से आगे बढ़ाकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘योग 365’ नामक एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का लक्ष्य देशभर में लोगों को साल के 365 दिनों तक नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

इस अभियान की घोषणा प्रतापराव जाधव, आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस ने व्यापक जागरूकता पैदा की है, लेकिन अब समय आ गया है कि इस जागरूकता को नियमित अभ्यास में बदला जाए।

‘योग 365’ पहल का औपचारिक शुभारंभ Yoga Mahotsav–2026 के दौरान किया गया, जो 2026 के योग दिवस के लिए 100 दिन की उलटी गिनती का प्रतीक है। इस अवसर पर मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) ने Habuild के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत देशभर में लोगों के लिए निःशुल्क दैनिक ऑनलाइन योग सत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में योग के प्रति जागरूकता काफी अधिक है—ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 95 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 96 प्रतिशत लोग योग के बारे में जानते हैं। हालांकि, नियमित रूप से योग करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ‘योग 365’ अभियान का उद्देश्य इसी अंतर को पाटना है।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि यह पहल योग को अधिक सुलभ, व्यावहारिक और दैनिक स्वास्थ्य का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, संयुक्त सचिव मोनालिसा डैश ने कहा कि यह अभियान समुदायों, संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करेगा।

इस पहल के तहत योग को स्कूलों, कार्यालयों, सामुदायिक समूहों और डिजिटल माध्यमों से जोड़ने की योजना है। साथ ही, Y-Break, कॉमन योग प्रोटोकॉल और रोगों के लिए विशेष योग कार्यक्रमों के माध्यम से इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि 2015 में शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब एक वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं। वर्ष 2025 में ही 26 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी ने इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

‘योग 365’ इसी आंदोलन का अगला चरण है, जिसका उद्देश्य स्पष्ट है—

योग को एक दिन की गतिविधि से आगे बढ़ाकर, हर दिन की स्वस्थ आदत बनाना।

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