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अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 200 अंक धड़ाम

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 मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स करीब 700 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों में चिंता बढ़ी और बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।


प्री-ओपनिंग में ही मिल गए थे गिरावट के संकेत

बाजार खुलने से पहले ही कमजोर शुरुआत के संकेत मिल गए थे। प्री-ओपनिंग कारोबार में सेंसेक्स करीब 540 अंक गिरकर 76,397.24 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी भी 203 अंक की गिरावट के साथ 23,852.05 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सुबह 7:38 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स करीब 24,033.5 के स्तर पर था। इससे बाजार में दबाव बने रहने के संकेत मिल रहे थे। मंगलवार को निफ्टी 24,055.8 के स्तर पर बंद हुआ था।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से अधिकांश शेयरों में गिरावट रही। सनफार्मा का शेयर ही शुरुआती कारोबार में बढ़त में नजर आया, जबकि अन्य प्रमुख शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।

अमेरिका-ईरान तनाव से बिगड़ा वैश्विक माहौल

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने की पुष्टि के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

पश्चिम एशिया में तनाव का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया।

क्रूड ऑयल 96 डॉलर के पार

तनाव बढ़ने का सबसे सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2 फीसदी बढ़कर 96.6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह करीब छह सप्ताह का उच्चतम स्तर बताया जा रहा है।

पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में संघर्ष लंबा खिंचने या ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। तेल महंगा होने से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर कई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि अमेरिका-ईरान तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। इससे विदेशी निवेशकों के रुख पर भी असर पड़ने की संभावना है। भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी का बहिर्वाह बढ़ने पर शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

उल्लास शपथ के साथ साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत

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 आरंग। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार साक्षरता पखवाड़ा के तहत ग्राम पंचायत चरौदा में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत शपथ दिलाकर पखवाड़े की शुरुआत की गई।


ग्राम पंचायत के सरपंच देवशरण धीवर ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं अन्य लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक रहने तथा निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने में सहयोग करने की शपथ दिलाई।इस अवसर पर ग्राम पंचायत सचिव श्रीमती गायत्री शर्मा, पंच प्रेमलाल साहू, अमित साहू, शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, मितानिन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा और विकासखंड स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन ने उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों और नागरिकों से अपील की है।

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. कामिनी बावनकर ने बताया कि 1 से 15 सितंबर तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उल्लास कार्यक्रम को गति दी जाएगी। वहीं इस कार्यक्रम को सफल बनाने अलंकार परिहार साक्षरता नोडल, शिक्षक अरविंद वैष्णव व महेन्द्र कुमार पटेल सहभागिता निभा रहे हैं।

हल छठ व्रत आज: क्या करें और क्या नहीं? पूजा से पहले जान लें जरूरी नियम, संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत

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 Hal Shashthi Vrat 2026: आज 2 सितंबर 2026, बुधवार को हल छठ का पर्व मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार, हल छठ भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसे हल षष्ठी, हर छठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं।


ग्रामीण क्षेत्रों में हल छठ का विशेष महत्व माना जाता है। कई जगहों पर महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा करती हैं और भगवान बलराम तथा हर छठ माता का स्मरण कर विधि-विधान से पूजन करती हैं। ऐसे में व्रत रखने से पहले इससे जुड़े जरूरी नियमों को जानना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

हल छठ के दिन क्या करना चाहिए?

हल छठ के दिन व्रती महिलाओं के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने की परंपरा है। इसके बाद घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई की जाती है। पूजा के लिए आवश्यक सामग्री तैयार कर भगवान बलराम और हर छठ माता का स्मरण किया जाता है।

पूजा के दौरान श्रद्धा के अनुसार फल, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। इस दिन हल छठ की कथा सुनने या पढ़ने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत के दौरान मन को शांत रखते हुए भगवान का ध्यान करना शुभ माना जाता है।

कई स्थानों पर जरूरतमंदों की सहायता और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करने की परंपरा भी है।

हल छठ पर क्या नहीं करना चाहिए?

हल छठ के व्रत में खान-पान को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार नियमों में कुछ अंतर हो सकता है। सामान्य धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन गाय के दूध, दही और घी से बनी चीजों का सेवन नहीं किया जाता।

व्रती महिलाएं अपने परिवार की परंपरा के अनुसार फलाहार या निर्धारित आहार ग्रहण करती हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रों में हल से जुड़ी फसलों और जमीन में हल चलाकर उगाए गए कुछ अनाज या खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज किया जाता है।

चूंकि हल छठ का संबंध भगवान बलराम के हलधर स्वरूप और कृषि परंपरा से जोड़ा जाता है, इसलिए इस दिन खेती से जुड़े खाद्य पदार्थों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की परंपरा है।

संतान सुख की कामना से भी रखा जाता है व्रत

हल छठ को केवल संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से ही नहीं, बल्कि संतान सुख की कामना से भी जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन दंपतियों को संतान प्राप्ति में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो, वे श्रद्धा के साथ भगवान बलराम और हर छठ माता की पूजा कर संतान सुख की कामना करते हैं।

हालांकि, यह धार्मिक आस्था और परंपरा का विषय है; इसे चिकित्सकीय उपचार या वैज्ञानिक उपाय का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

भगवान बलराम से जुड़ा है हल छठ का पर्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, हल छठ का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी से माना जाता है। भगवान बलराम को हलधर भी कहा जाता है। इसी कारण इस पर्व का संबंध हल, कृषि और ग्रामीण जीवन की परंपराओं से जोड़ा जाता है।

मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से संतान पर भगवान का आशीर्वाद बना रहता है। माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं।

इस तरह हल छठ केवल एक व्रत नहीं, बल्कि मातृत्व, संतान की मंगलकामना और कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोकपर्व भी माना जाता है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा के नाम की सिफारिश की है।

ओडिशा हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में की गई।

जस्टिस के.आर. मोहपात्रा

वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने पर जस्टिस महापात्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की कमान संभाल सकते हैं।

🔹 वर्तमान पद: न्यायाधीश, ओडिशा हाईकोर्ट
🔹 हाईकोर्ट जज के रूप में नियुक्ति: 17 अप्रैल 2015
🔹 प्रस्तावित पद: मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
🔹 नियुक्ति की स्थिति: फिलहाल कॉलेजियम की सिफारिश; औपचारिक नियुक्ति के लिए आगे की प्रक्रिया बाकी है।

जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा के अनुभव को देखते हुए उनकी प्रस्तावित नियुक्ति को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

भारत की GDP ग्रोथ 7.8% पहुंची, PM मोदी ने बताया ‘मजबूत आंकड़े और मजबूत आत्मविश्वास’

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नई दिल्ली- भारत की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मजबूत GDP वृद्धि दर्ज की है। उम्मीद से बेहतर आए इन आर्थिक आंकड़ों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई देते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ते आत्मविश्वास का संकेत बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि देश के 140 करोड़ लोगों की मेहनत और सामूहिक संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा— “7.8% Growth. Strong numbers. Even stronger confidence.” यानी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि, मजबूत आंकड़े और उससे भी मजबूत आत्मविश्वास।

उम्मीद से बेहतर रही GDP ग्रोथ

अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही, जो अर्थशास्त्रियों के अनुमान से बेहतर है। इस दौरान निवेश और निजी क्षेत्र की गतिविधियों में भी मजबूती देखने को मिली।

वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत प्रदर्शन

भारत की यह आर्थिक वृद्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद घरेलू मांग, निवेश और सेवा क्षेत्र ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

PM मोदी का ‘स्वदेशी’ पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने GDP के मजबूत आंकड़ों के साथ देशवासियों से ‘स्वदेशी’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की अपील भी की। उन्होंने लोगों से देश के भीतर पर्यटन और विवाह जैसे आयोजनों को प्राथमिकता देने तथा अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आग्रह किया।

विपक्ष की आलोचना के बीच सरकार का पलटवार

GDP के आंकड़े जारी होने के बाद प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और आर्थिक मोर्चे पर निराशा फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, विपक्ष की ओर से आर्थिक आंकड़ों और सरकार के दावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

फिलहाल 7.8 प्रतिशत की GDP वृद्धि ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर सरकार का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक आगे भी विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए रोजगार, निजी निवेश, महंगाई और वैश्विक ऊर्जा कीमतों जैसी चुनौतियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

छत्तीसगढ़ में यूसीसी पर व्यापक मंथन: बस्तर से सरगुजा तक की उठी आवाज

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सर्व आदिवासी समाज और महिला आयोग ने दिए अहम सुझाव

​रायपुर- छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का सर्वसमावेशी प्रारूप तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आज यूसीसी समिति के समक्ष बस्तर से लेकर सरगुजा तक के प्रतिनिधियों की आवाज गूंजी। इस परिचर्चा में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग और अध्यक्ष राज्य फिल्म विकास निगम ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस एम. के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ताने-बाने का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

इस दौरान कंवर, गोंड, बैगा और उरांव जैसी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िगत प्रथाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशिष्टता को नए कानून में पूर्ण संरक्षण देने की बात कही। इसके साथ ही विवाह पंजीयन, संपत्ति के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी समिति के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ।

महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक बदलावों का समर्थन किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकार, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने और धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के संदर्भ में यूसीसी की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-कला और जनजातीय धरोहर को अक्षुण्ण रखने का सुझाव देते हुए कहा कि वैवाहिक और संपत्ति अधिकारों में समानता से समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को नया आत्मविश्वास और कानूनी सुरक्षा मिलेगी।

संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समिति प्रदेशभर में व्यापक जन-संवाद चला रही है। प्रस्तावित संहिता का मूल उद्देश्य धर्म या समुदाय के भेदभाव से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए एक समान विधिक ढांचा तैयार करना है। इसके तहत विवाह एवं तलाक,भरण - पोषण,उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव इन संबंध में विचार और सुझावों पर समिति मंथन करेगी। वर्तमान में समिति जिला स्तरीय फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से आम जनता, कानूनविदों और सामाजिक संगठनों की राय जुटा रही है, ताकि छत्तीसगढ़ में एक पारदर्शी, न्यायसंगत और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता लागू की जा सके।

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द; अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमाल

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नई दिल्ली- जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच छात्र प्रदर्शन से संबंधित दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया है। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह राहत दी।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। इसके बाद दिल्ली समेत अन्य राज्यों में प्रदर्शन से जुड़े कई मामले दर्ज किए गए थे।

दिल्ली पुलिस ने पहले प्रदर्शन से संबंधित 13 FIR वापस लेने की इच्छा सुप्रीम कोर्ट के सामने जताई थी। साथ ही पुलिस ने 2,873 ऐसे लोगों की भूमिका की जांच के लिए अलग FIR दर्ज करने की अनुमति मांगी थी, जिन्हें पुलिस ने गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बताया था।

अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया। यह प्रावधान शीर्ष अदालत को किसी मामले में “पूर्ण न्याय” (Complete Justice) सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश देने की विशेष शक्ति देता है।

अदालत ने कहा कि 20 से 25 जुलाई के बीच हुए संबंधित छात्र प्रदर्शनों को लेकर देश के किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में दर्ज मामलों को आगे नहीं बढ़ाया जाए और उन्हें बंद माना जाए। साथ ही इसी अवधि की उन्हीं घटनाओं को लेकर नई FIR दर्ज करने पर भी रोक लगाई गई है।

2,873 लोगों को लेकर क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में एक महत्वपूर्ण अपवाद भी है। 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी गई है, जिनके बारे में दिल्ली पुलिस ने गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि होने का दावा किया है। पुलिस का कहना था कि इन लोगों की मौजूदगी और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा या संपत्ति के नुकसान में उनकी संभावित भूमिका की अलग से जांच जरूरी है।

इसलिए यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई हमेशा के लिए खत्म कर दी गई है। छात्रों और सामान्य प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों को बड़ी राहत मिली है, जबकि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 लोगों के मामले में अलग जांच की गुंजाइश रखी गई है।

5 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन भी वापस

सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया। यह प्रदर्शन FIR वापस लेने और सरकार की ओर से किए गए अन्य आश्वासनों को लेकर किया जाना था।

परिवारों को मुआवजे का भी मुद्दा

सुनवाई के दौरान परीक्षा विवाद से जुड़े उन छात्रों के परिवारों को मुआवजे का मुद्दा भी सामने आया, जिनकी आत्महत्या से मौत हुई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र ने इस संबंध में नीति और मुआवजे की प्रक्रिया तय करने के लिए समय मांगा और अदालत ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मतलब

इस फैसले से जंतर-मंतर के छात्र प्रदर्शन से जुड़े कई छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण या सामान्य प्रदर्शन में शामिल छात्रों का भविष्य पुराने FIR के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए, जबकि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के मामले को अलग रखा गया है। 

यानी कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े छात्रों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।




मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से नवा रायपुर में खुलेगा प्रतिष्ठित NMIMS, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ लगाएगा नई छलांग

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सेक्टर-18 में 40 एकड़ में आकार लेगा राष्ट्रीय स्तर का शिक्षण संस्थान, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी

छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी शिक्षा के मिलेंगे राष्ट्रीय स्तर के अवसर

दो से तीन वर्षों में शुरू होगा पहला बैच, पूर्ण विकसित होने पर लगभग 10 हजार विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

नवा रायपुर को एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भूमि की रजिस्ट्री भी पूर्ण कर ली गई। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर न जाना पड़े तथा उन्हें अपने ही प्रदेश में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के समान अवसर मिलें, इस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार उपस्थित थे।

40 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कैंपस

नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए आज लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।

युवाओं के लिए खुलेंगे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए द्वार

NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा। प्रदेश के युवाओं को प्रबंधन, कौशल विकास तथा आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही राज्य में प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।

इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे नवा रायपुर में विविधतापूर्ण और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।

शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल और उद्यमिता को भी मिलेगी गति

NMIMS की स्थापना का प्रभाव केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी विस्तार मिलेगा। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में विकसित हो रहे नए औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल युवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

नवा रायपुर की राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन हब के रूप में मजबूत होगी पहचान

राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी से युक्त शहर के साथ ही एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का यहां स्थापित होना इस परिकल्पना को नई गति देगा।

देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परिवेश का विस्तार होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों, सेवाओं और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इससे नवा रायपुर की पहचान देश के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में और मजबूत होगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की युवा-केंद्रित विकास नीति में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। NMIMS की स्थापना इसी सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान न केवल प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा, कौशल और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना सर्वाेच्च प्राथमिकता - राज्यपाल डेका

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आज प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की संख्या, रिक्त पदों की पूर्ति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन तथा नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की।


राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में सीटों के अनुपात में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस दिशा में प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां भी व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

’विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए’

राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए उन्हें शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमानुसार स्थानीय योग्य एवं प्रतिभाशाली लोगों को प्राथमिकता देने के प्रयास किए जाएं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिल सके। श्री डेका ने विश्वविद्यालयों की नैक (NAAC) एवं एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करें।

’नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ा’

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां इनोवेशन एवं स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में उपलब्ध ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

’परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर’

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने तथा इसके लिए इंटरनल कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर देते हुए इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि इन संस्थानों का संचालन निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप सुनिश्चित हो।

बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि विभाग डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल, सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव उपस्थित थे।

लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी, दो नए धान उपार्जन केंद्र मंजूर

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 रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के ग्राम बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।


क्षेत्र के किसानों द्वारा लंबे समय से नए धान उपार्जन केंद्र खोले जाने की मांग की जा रही थी। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं किसानों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को अपनी समस्या से अवगत कराया था। किसानों ने बताया था कि वर्तमान में दूर स्थित उपार्जन केंद्रों तक धान ले जाने में उन्हें अतिरिक्त समय और परिवहन व्यय वहन करना पड़ता है।

किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल को पत्र लिखकर बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था। मंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षों के लिए दोनों केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

ग्राम बुंदिया में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बतरा के अंतर्गत तथा ग्राम बड़सरा में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित शिवप्रसादनगर के अंतर्गत नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

नए धान उपार्जन केंद्रों के शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परिवहन, ट्रैक्टर भाड़े और अन्य खर्चों में कमी आएगी तथा किसानों के समय और श्रम की बचत होगी। स्थानीय स्तर पर धान की तुलाई एवं उपार्जन की सुविधा मिलने से खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी।

नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। किसानों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नजदीक ही धान खरीदी केंद्र उपलब्ध होने से उन्हें अपनी उपज बेचने में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इस निर्णय को क्षेत्र के अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।

धान बेचने किसानों को नहीं जाना पड़ेगा दूर, महासमुंद में 20 नए उपार्जन केंद्रों को मंजूरी

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 महासमुंद : राज्य शासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए महासमुंद जिले में 20 नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने की अनुमति प्रदान की है। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है।


किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप कलेक्टर के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव के तहत राज्य शासन द्वारा महासमुंद जिले के डोंगरगांव, झिटकी, बोईरगांव, कलमीदादर, कौसरा, नवागांवकला, बरोली, मुनगाडीह, कोसमपाली, कायतापाली, दुर्गापाली, उमरिया, बगाईजोर, मोहका, संतपाली, गिधली, जम्हर, किसड़ी, तुरेंगा एवं सिनोधा में नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने की अनुमति प्रदान की गई है।

नवीन धान उपार्जन केन्द्रों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में धान विक्रय की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को दूरस्थ उपार्जन केन्द्रों तक धान ले जाने की परेशानी से राहत मिलेगी तथा परिवहन में लगने वाले समय और खर्च की भी बचत होगी।

भूपेश खेमे को बड़ी बढ़त! हनी परमीत बग्गा निर्विरोध बने प्रदेश उपाध्यक्ष

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद के नतीजे से पहले ही बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। हनी परमीत बग्गा को निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। बताया जा रहा है कि अल्पसंख्यक वर्ग से मैदान में बचे वह एकमात्र प्रत्याशी थे, जिसके बाद उनका निर्विरोध निर्वाचन हुआ।


प्रदेश अध्यक्ष के नतीजे से पहले मिली अहम जिम्मेदारी

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए फिलहाल 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया 30 अगस्त से जारी है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के परिणाम से पहले ही बग्गा का निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष चुना जाना संगठन के भीतर चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भूपेश बघेल खेमे के करीबी माने जाते हैं बग्गा

हनी परमीत बग्गा को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे के करीब माना जाता है। ऐसे में उनका निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष चुना जाना युवा कांग्रेस के भीतर चल रही गुटीय राजनीति के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को देवेंद्र यादव खेमे के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव का अंतिम परिणाम आने के बाद ही युवा कांग्रेस में संगठनात्मक शक्ति संतुलन की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

निर्विरोध निर्वाचन के बाद जताया आभार

निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद हनी परमीत बग्गा ने कांग्रेस नेतृत्व और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे।

कंटेनर में बना रखा था सीक्रेट चेंबर, पुलिस ने बरामद किया 4.47 क्विंटल गांजा

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 कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़ किया है। चिल्फी बॉर्डर पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक कंटेनर ट्रक के गुप्त चेंबर से 4 क्विंटल 47 किलो 445 ग्राम गांजा बरामद किया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 23 लाख 75 हजार 250 रुपये बताई गई है।


जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त को चिल्फी थाना पुलिस एनएच-30 पर थाने के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बोडला की ओर से आ रहे एक कंटेनर ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ड्राइवर सीट के ऊपर बनाए गए गुप्त चेंबर में गांजे के पैकेट छिपे मिले।

पुलिस के अनुसार, गांजे के पैकेटों को खाकी टेप से लपेटकर गुप्त चेंबर में छिपाया गया था। पुलिस ने गांजा बरामद कर कंटेनर को भी जब्त कर लिया।

एक आरोपी गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कंटेनर चालक बलजीत सिंह, निवासी अमृतसर (पंजाब), को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजे के अलावा करीब 27 लाख रुपये कीमत का कंटेनर ट्रक और 5 हजार रुपये का मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

तस्करी नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एएनटीएफ टीम द्वारा गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सफलता पर राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

CG NEWS : बहू पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर महिला ने की आत्महत्या, दीवार पर लिखा कथित सुसाइड नोट

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद के बाद फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से पहले महिला द्वारा अपनी बहनों को वीडियो भेजे जाने की बात सामने आई है। वहीं, घर की दीवार पर एक कथित सुसाइड नोट भी लिखा मिला है, जिसमें उसने अपनी बहू को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मणबंध बस्ती का है। मृतका की पहचान लक्ष्मी मानिकपुरी (40) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले महिला का अपने पति, बेटे और बहू के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद उसने अपनी बहनों को एक वीडियो भेजा था। परिजनों के मुताबिक, वीडियो में महिला ने पारिवारिक विवाद से जुड़ी कुछ बातें कही थीं।

दीवार पर मिला कथित सुसाइड नोट

परिजनों के अनुसार, महिला ने घर की दीवार पर कथित तौर पर एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने अपनी बहू पूर्णिमा महंत को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस लिखावट और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से होगी जांच

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि दीवार पर मिली लिखावट की जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई जाएगी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। इसके अलावा वीडियो और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के आधार पर ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

पूर्व CM भूपेश बघेल के निज सचिव रहे केके चंद्रवंशी के घर ED की दबिश, सुबह 6 बजे पहुंची टीम

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भिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निज सचिव रहे केके चंद्रवंशी के भिलाई-3 स्थित आवास पर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दबिश दी। ED की टीम सुबह करीब 6 बजे तीन वाहनों से विश्व बैंक कॉलोनी स्थित चंद्रवंशी के घर पहुंची। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।


जानकारी के मुताबिक, ED के अधिकारी आवास के अंदर दस्तावेजों और अन्य संबंधित सामग्रियों की जांच कर रहे हैं। टीम की कार्रवाई के चलते इलाके में भी हलचल बढ़ गई। मकान के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

हालांकि, ED की यह कार्रवाई किस मामले या प्रकरण के सिलसिले में की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के कारणों और जांच में सामने आए दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

केके चंद्रवंशी का पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निज सचिव के तौर पर काम कर चुके होने के कारण ED की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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