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छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय श्री कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

जनजातीय गौरव यात्रा से मिली युवाओं और समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा : केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया

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रायपुर। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से दो दिन पूर्व उनके स्मृति में जशपुर में आयोजित जनजातीय गौरव यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय श्रम, युवा एवं रोजगार मामले तथा खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित प्रदेश के मंत्रीगण शामिल हुए। स्थानीय रणजीता स्टेडियम में यात्रा के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि मांडविया ने माई भारत वॉलिंटियर्स द्वारा आयोजित इस यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा में शामिल होकर यहाँ की आदिवासी संस्कृति, विरासत, यहाँ की रहन-सहन, वेशभूषा को देखने और जानने का अवसर मिला।

इस यात्रा से युवाओं को एकजुट होने और समाज को देश के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर समाज आगे बढ़े और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा विकसित भारत बनाने के संकल्प से जुड़कर देश को विकास के साथ जुड़कर काम करें। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के विकास के लिए जो योजनाएं बनाई है, उसमें आप सभी को जुड़ना है। माई भारत एप्लिकेशन में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन भी कराना है। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि सुबह से पदयात्रा करते हुए यहाँ के लोक जीवन का परिचय हुआ। जनजाति समाज सहित अन्य समाज के लोग भी इसमें शामिल नजर आए और जगह-जगह अलग-अलग तरीके से स्वागत, अभिनन्दन करते रहे। 

जगह-जगह स्टॉल लगाकर पानी पिलाना, फल सहित अन्य खाद्य सामग्री बाटना और यात्रा में शामिल सभी लोगों को प्रोत्साहित करते हुए देखकर खुशी हुई। इस यात्रा के दौरान मैंने भी कुछ लोगों से बात की। मुझे देश का उज्ज्वल भविष्य नजर आया। मैं जान पाया कि हमारा देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनजातीय गौरव यात्रा के सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार भी जताया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आदिवासियों का गौरव लगातार बढ़ रहा है। भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती 15 नवंबर को आज पूरे देश में आदिवासी स्वाभिमान और गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। सर्वाेच्च पद पर आज आदिवासी समाज की महिला द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति के रूप में सुशोभित हैं। 

अति पिछड़े आदिवासियों के विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च प्राथमिकता दी है। पीएम जनमन योजना से जनजातीय समुदाय की तस्वीर बदल रही है। धरती आबा आदिवासी ग्राम उत्कर्ष योजना लॉन्च की गई है और इसके लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई को भी याद किया। आदिवासियों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने  भारत सरकार में पृथक आदिवासी विकास मंत्रालय का गठन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर में 14 और 15 नवंबर को देश भर के आदिवासियों की संस्कृतियों का प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री साय ने माटी के वीर पदयात्रा समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री मांडविया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पदयात्रा बेहद सफल रही। उम्मीद से ज्यादा युवा पदयात्रा में शामिल हुए। लोगों को आदिवासी संस्कृति और जनजीवन को निकट से देखने का मौका मिला। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जय, जयकार से पूरा स्टेडियम गुंज उठा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय के खिलाफ अंग्रेजों से लोहा लिया। लोगों को उनका हक दिलाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर देश को विकसित बनाने के अभियान सहभागी बनना चाहिए।

आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की पदयात्रा में 15 हजार से अधिक नौजवान शामिल हुए। सभी शुरू से अंत तक पैदल चलकर एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को गौरव दिवस के रूप में स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने पीएम जनमन सहित धरती आबा उत्कर्ष योजना से आ रहे बदलाव के बारे में बताया। वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने समारोह के अंत में आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद राधेश्याम राठिया एवं चिंतामणी महराज, विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत, राम कुमार टोप्पो, सुशांत शुक्ला, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियम्बदा सिंह जूदेव सहित प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, रणविजय सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में युवा और नागरिकगण उपस्थित थे।

लोकमाता अहिल्या बाई होलकर के कल्याणकारी कार्य प्रेरणादाई : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव आज कोरबा के दर्री रोड स्थित अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर त्रिशताब्दी जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देवी अहिल्या बाई होलकर ने पूरे भारत के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए। कुओं और सड़कों का निर्माण कराया। काशी विश्वनाथ में शिवलिंग स्थापित किया। उन्होंने बेटी, बहू, मां, कुशल प्रशासक और सेनापति का दायित्व बखूबी निभाया। इंदौर में 28 साल के शासन में उन्होंने सांस्कृतिक विरासत की नींव डाली। लोक कल्याण के अनेक कार्य किए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और कटघोरा के विधायक प्रेमचंद पटेल भी लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर त्रिशताब्दी जयंती समारोह में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री साव ने समारोह में कहा कि समाज को लोक कल्याण का कार्य आगे आकर करना चाहिए। इसके लिए एक-एक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा। लोकमाता अहिल्या बाई होलकर के जीवन से हमें यही प्रेरणा मिलती है। उन्होंने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर पूरे देश में लोक कल्याण के कार्य किए। साव ने कहा कि देश के लोगों के पुरुषार्थ के कारण ही भारत दुनिया में महान था। पुरुषार्थ से ही कोई देश और समाज महान बनता है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर ने अपने जीवन काल में ये कर दिखाया। समारोह में अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज झा, मुख्य वक्ता सुश्री वर्णिका शर्मा और कोरबा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग की छात्राओं द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारत के औद्योगिक विकास, डिजिटल इंडिया, डेवलपमेंट ऑफ मनी, कॉमर्शियल सिटी, कृषि सहित अन्य जानकारी दी गई।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस : बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सम्मान का ध्यान रखना हमारी नैतिक जवाबदारी : मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सभी बुजुर्गों को स्वस्थ, सुदीर्घ खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए पूरे विश्व में एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है।

साय ने कहा कि बुजुर्ग, परिवार ही नहीं पूरे समाज के लिए अमूल्य धरोहर होते हैं। वे जीवन भर परिवार और समाज को अपना अमूल्य योगदान देते हैं। उनके पास अनुभव का अनमोल खजाना होता है। बुजुर्गों के अनुभवों से हमें सीखने की कोशिश करनी चाहिए। बुजुर्गों की खुशी, स्वास्थ्य और सम्मान का पूरा ध्यान रखना हमारी नैतिक जवाबदारी है।

 

 

पहाड़ी कोरवाओं को मिला रोजगार तो समाज के बच्चे पहुँचने लगे शिक्षा के द्वार

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रायपुर। विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह, बिरसराम, करम सिंह कोरबा जिले के वनांचल के सारबाहर,छातीबहार के रहने वाले हैं। आज इन्हें मलाल है कि उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की। किसी ने पांचवीं तक तो किसी ने आठवी से पहले ही स्कूल और पढ़ाई से नाता तोड़ लिया था। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले इन पहाड़ी कोरवाओं का कहना है कि काश उन्होंने उस वक्त पढ़ लिया होता। बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ी होती तो आज उन्हें जंगल में बकरी चराना नहीं पड़ता।

वे भी किसी स्कूल और अस्पताल में नौकरी कर रहे होते और उन्हें गरीबी से नहीं जूझना पड़ता। हालांकि उनका कहना है कि घर परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं था, इसलिए वे स्कूल नहीं जा सके। अब जबकि पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी मिलने लगी हैं तो उन्हें भी लगने लगा है कि पढ़ाई का बहुत महत्व है और इस महत्व को समझते हुए इन्होंने अपने बच्चों को छठवीं से आगे की पढ़ाई कराने ग्राम लेमरू के आश्रम में दाखिला कराया। आश्रम में इन पहाड़ी कोरवा बच्चों को निःशुल्क किताबे, गणवेश के साथ सोने के लिए बिस्तर आदि दिया गया।

कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत सारबहार के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह ने अपने बेटे अमित कुमार, बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत और और छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू को कक्षा छठवीं की पढ़ाई कराने के लिए लेमरू के अनुसूचित जनजाति आश्रम में दाखिला कराया। गुरवार सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम हुआ कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लड़के-लड़कियों को स्कूल और अस्पताल में नौकरी दी जा रही है। उनका बेटा पांचवी पास है। इसलिए नौकरी नहीं मिली है। अब आगे की पढ़ाई कराना है इसलिए लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि हम पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई कर पाना मुश्किल हो जाता है। जंगल के आसपास रहने से बच्चे जंगल की ओर चले जाते हैं।

आश्रम में एक जगह रहकर पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। भोजन भी समय पर मिलेगा। छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू का दाखिला कराया। उन्होंने बताया कि उनका जीवन गाँव में जंगल में भटकते हुए कटता है। घर में 7 सदस्य है। उनकी एक बेटी को देवपहरी के आश्रम में और अपने बेटे सोनू को लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। आश्रम में व्यवस्था देखकर खुशी है कि बेटा-बेटी यहाँ आगे कि पढ़ाई बिना इधर-उधर भटके कर लेगा। यहाँ समय पर सोना-जागना, नहाना, खाना होगा तो निश्चित ही पढ़ाई में मन लगेगा और ज्यादा कक्षा पढ़कर नौकरी पा सकेगा। बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत को कक्षा 6 वी में भर्ती कराने के बाद कहा कि पहले हम अपने बच्चों को अपने पास ही घर में रखते थे।

जब कही जाते थे,बच्चे भी साथ चले जाते थे। इससे स्कूल भी छूट जाता था। अब हमें पढ़ाई का महत्व मालूम हुआ है। इसलिए आश्रम में अपने बेटे को भर्ती कराया है। वह अच्छे से पढ़ाई करके नौकरी पायेगा तो वह अपने परिवार को अच्छा रख सकेगा। इधर आश्रम में दाखिले और स्कूल में भर्ती के साथ ही पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों को  यहाँ नई ड्रेस, किताबें और अपने सोने के लिए लाइट-पंखे लगे हुए कमरे और अलग से बिस्तर पाकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उनका कहना है कि हम यहाँ अच्छे से रहकर पढ़ाई करेंगे और नौकरी मिलेगी तो वह भी करेंगे। आश्रम के अधीक्षक और हेड मास्टर रामनारायण भगत ने बताया कि आश्रम में अनुशासन के साथ बच्चों को समय पर पढ़ना, भोजन, खेलकूद कराया जाता है। यहाँ उन्हें दो टाइम भोजन, रविवार को विशेष भोजन, तेल, साबुन भी दी जाती है। आश्रम में पहले से ही पहाड़ी कोरवा 3 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुवात के दिनों में पहाड़ी कोरवा बच्चों को रहने में कुछ अटपटा से लगता है, क्योंकि ये अपने परिवार के साथ जंगल में एक अलग तरह से रहते रहे हैं। यहाँ समय पर रहना, खाना होने से इनकी दिनचर्या बदलेगी और इन्हें भी अन्य बच्चों के साथ घुलमिलकर अच्छा लगेगा। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा बच्चों का आश्रम में आकर दाखिला लेना खुशी की बात है वरना ये अन्य समाज से भी दूर-दूर रहने की कोशिश करते हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में कोरबा जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 108 बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी गई है। जिला प्रशासन की पहल पर जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य तथा 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तथा अस्पताल में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रोजगार प्रदान किया गया है। अपने समाज के युवाओं को नौकरी मिलने के पश्चात शिक्षा में रुचि नहीं लेने वाले कोरवा भी जागरूक हुए हैं और वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने आश्रमों में दाखिला कराने लगे हैं, जो कि एक अच्छा संदेश भी है।

ग्रामीणों ने विधायक को छत्तीसगढ़ी व्यंजन "अरसा रोटी" से तौला

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बसना। विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुखीपाली (नहरपारा) में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा अखण्ड रामायण में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल शामिल हुए। ग्रामीणों ने फुलमाला पहनाकर छत्तीसगढ़ी व्यंजन "अरसा रोटी" से तौल कर भव्य स्वागत किया। उन्होंने रामचंद्र जी के छाया चित्र पर पुष्प माल्यार्पण कर क्षेत्रवासियों की खुशहाली की कमाना की।

इस अवसर पर विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए हमें रामायण के प्रत्येक पात्रों के जीवन चरित्र से सीख लेनी चाहिए। श्रीराम कथा हमें मर्यादा में रहना सिखाती है। भगवान श्रीराम का जीवन हमारे समाज के लिए एक आदर्श है। श्रीराम के जीवन के हर पहलू से एक नई सीख मिलती है। उनका जीवन हमारा सही मार्गदर्शन करता है। भगवान श्रीराम ने न केवल एक शिष्य के रूप में बल्कि एक पुत्र के रूप में,भाई के रूप में तथा राजा के रूप में समस्त मानव जाति का मार्गदर्शन किया है। जीवन में आने वाली समस्त परेशानियों और कष्टों के निवारण के लिए सच्ची श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करें और विद्वान एवं सिद्ध संत महात्माओं के दिखाए सत्य मार्गों का अनुसरण करें।

इस अवसर पर सरपंच सुधीर प्रधान, कार्यसमिति सदस्य स्वप्निल तिवारी, आयोजन समिति अध्यक्ष कमल पटेल, विधायक कार्यालय प्रभारी प्रकाश सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि अनुप अग्रवाल, उपसरपंच प्रतिनिधि शिवचरण नायक, विनोद बारीक, आलोक त्रिपाठी, राजेश मिश्रा, संजय अग्रवाल, विजय पटेल, सुमित अग्रवाल, लक्ष्मण प्रधान, सदानंद भोई, श्रीराम कथा आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोतागण उपस्थित थे।


समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता - उप मुख्यमंत्री अरूण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। पहली बार ऐसी योजना बनी है जिसमें गांव और गरीब के द्वार तक सरकार पहुंच रही है। 

वंचित हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ लाभान्वित किया जा रहा है। हमारी सरकार लोगों की समस्याओं का हल करने के लिए तत्पर है। हम सब मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सपनों को साकार करेंगे। खुशहाल और विकसित भारत का निर्माण करेंगे। उप मुख्यमंत्री साव ने आज मुंगेली जिले के खुड़िया में पीएम जनमन योजना के तहत आयोजित विशेष मेगा शिविर में ये विचार व्यक्त किए। 

विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह की सामाजिक-आर्थिक उन्नति एवं बैगा आदिवासी परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ एक मंच पर दिलाने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत लोरमी विकासखंड के खुड़िया में आज विशेष मेगा शिविर का आयोजन किया गया था। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने इसका शुभारंभ किया। साव का स्थानीय लोगों ने खुमरी पहनाकर और प्रतीकात्मक हल प्रदान कर भव्य स्वागत किया। 

उप मुख्यमंत्री ने शिविर में लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी ली। उन्होंने विकसित भारत संकल्प यात्रा में प्रचार-वैन में चल रहे प्रधानमंत्री के संदेश और चलचित्र का भी अवलोकन किया। उप मुख्यमंत्री साव ने शिविर में 20 बैगा आदिवासी युवाओं को अतिथि शिक्षक के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण भी किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने मेगा शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए आज खुड़िया में पीएम जनमन मेगा शिविर लगाया गया है। एक ही जगह विभिन्न विभागों की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने यह शिविर लगाया गया है। शिविर के माध्यम से सरकार को आपके गांव में लाकर खड़ा किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शिविर में जितने स्टॉल लगे हैं, उनका अवलोकन जरूर करें।

साव ने शिविर में कहा कि जब तक गांव, गरीब व किसान की तरक्की नहीं होगी, तब तक देश की तरक्की नहीं होगी। नई सरकार बनने के साथ ही हमने मोदी की गारंटी को पूरा करने की शुरुआत कर दी है। सबसे पहले 18 लाख गरीब परिवारों का आवास बनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद प्रदेश के 12 लाख किसानों के खाते में लंबित बोनस की राशि का अंतरण किया गया। उन्होंने कहा कि 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की जाएगी। गरीबों के जीवन में खुशहाली आए, इसका इंतजाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है।

उप मुख्यमंत्री साव ने 3 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने सुदूर वनांचल क्षेत्र के बैगा आदिवासी परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने शिविर से तीन एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन एंबुलेंस के जरिए अचानकमार क्षेत्र के गांवों में अलग-अलग दिन कैंप लगाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। लोरमी के पूर्व विधायक तोखन साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुर्गा उमाशंकर साहू और कलेक्टर राहुल देव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक पीएम जनमन मेगा शिविर में मौजूद थे।

राज्यपाल ने डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें नमन किया। उन्होंने अपने निवास में डॉ. अंबेडकर के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राज्यपाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने समाज के वंचित एवं कमजोर तबके के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
                         

उन्होंने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए हमेशा शोषितों और पीड़ितों के लिए आवाज बुलंद की और सदैव दलितों की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया। भारत के संविधान निर्माण में उनकी मुख्य भूमिका थी। वे हमारे देश के गौरव पुत्र है। उनका योगदान चिरस्मरणीय है।
                   

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, उप सचिव दीपक अग्रवाल सहित राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी बाबा साहेब अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। 

 

शिक्षा का उपयोग समाज में शोषितों के उत्थान के लिए करना चाहिए : राज्यपाल हरिचंदन

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रायपुर। महात्मा गांधी द्वारा अहिंसा रूपी शक्ति शाली शस्त्र, और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा आजाद हिन्द फौज के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया गया जिससे युवा भी आजादी के लड़ाई में कुद पड़े। इसी तरह आज के युवा भी देश व समाज के अधिकार के लिए लडे़ औैर बेजुबानों की आवाज बने। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग समाज में शोषितों के उत्थान के लिए करना चाहिए। ये उद्गार राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग  के प्रथम दीक्षांत समारोह में व्यक्त किए।


विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में 126 नेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न दान-दाताओं द्वारा प्रदत्त स्वर्ण पदक और विश्वविद्यालय द्वारा पांच हजार रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई साथ ही 13 विद्यार्थियों को पी.एच.डी. की उपाधि प्रदान की गई । दीक्षांत समारोह के मुख्यअतिथि भूपेश बघेल थे। बघेल एवं पदमश्री से सम्मानित कलाकार श्रीमती उषा बारले को पी.एच.डी. की मानद उपाधि प्रदान की गई।

कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से उपस्थित राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिचंदन ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि शिक्षा सबसे बडा शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग दुनिया को बदलने में कर सकते हैं। उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि नवाचारों, उद्यमिता और स्टार्ट-अप में योगदान दे, जो समय की मांग है। उन्होंने कहा कि एन.ई.पी. 2020 शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए कौशल विकास कि आवश्यकता पर जोर देता है। यह विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए तैयार करना चाहता है, और इसका उद्देश्य उन्हें नौकरी तलाशने वाले बनने के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है।  

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के स्थापना की आठवीं वर्षगंाठ पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी। साथ ही पी.एच.डी. डिग्री प्राप्त करने वाले और विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस समय में जहां नवाचार सामाजिक परिवर्तन के चालक बन रहे है, युवा विद्यार्थियों से बहुत उम्मीद की जाती है। उन्होंने समाज से जितना प्राप्त किया है उससे अधिक समाज को वापस देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय अनुसंधान एन.एस.एस., एन.सी.सी यूथ रेडक्रॉस, खेल, सांस्कृतिक और पाठ्येतर गतिविधियों जैसे हर क्षेत्र में मजबूती से प्रगति कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ष सात लघु अवधि मूल्य आधारित सर्टिफिकेट कोर्स आयोजित किए गए जो काफी सफल रहे। वर्तमान में विश्वविद्यालय में कुल 740 शोधार्थी अपनी पीएचडी की डिग्री के लिए पंजीकृत है। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों ने नैक प्रत्यायन प्रक्रिया के दौरान भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस विश्वविद्यालय से एक सरकारी ए. ग्रेड कॉलेज और दो निजी ए ग्रेड कॉलेज और बी. ग्रेड वाले सात कॉलेज संबद्ध है।

कार्यक्रम में मुख्यअतिथि भूपेश बघेल ने अपने सम्बोधन में पदक और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्याथियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधा युक्त ऑडोटोरियम और डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा शोध पीठ निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने भी वर्चुअल रूप से उपस्थित होकर अपना सम्बोधन दिया। कुलपति श्रीमती अरूणा पल्टा ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में, विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद विजय बघेल, दुर्ग जिले के विधायक अरूण वोरा, राज्यपाल के  सचिव  अमृत खलखो, स्वामी विवेकानंद आश्रम राजकोट के अध्यक्ष स्वामी निखिलेश्वरानन्द, और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विश्वविद्यालय के कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य, प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं उनके पालक उपस्थित थे।

साम्प्रदायिकता के खिलाफ रायपुर नागरिक समाज का सड़क पर उतरने का ऐलान

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रायपुर। बेमेतरा में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर रायपुर नागरिक समाज ने गहरी चिंता व्यक्त की है। समाज की ओर से दो व्यक्तियों या समुदायों के बीच के झगड़े या विवाद को साम्प्रदायिक रंग देकर हिंसा के लिए उकसाने की शर्मनाक कोशिशों की घोर निंदा की गई है। समाज का कहना है कि भाजपा, आरएसएस, विहिप और बजगरंग दल जैसे संगठन लगातार प्रदेश का माहौल करने की कोशिश कर रहे हैं,

ऐसे में सरकार के साथ साथ जागरूक नागरिकों की महती जिम्मेदारी है कि नफरत के इस माहौल के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। "रायपुर नागरिक समाज" की बुधवार को बुलाई गई बैठक में अलग अलग संगठनों और विचारधाराओं से जुड़े लोगों ने अपने विचार रखे। बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रस्ताव पारित किया गया।

हर जिले में बनेगी फैक्ट फाइंडिंग टीम

रायपुर नागरिक समाज ने छ्त्तीसगढ़ के सभी जिलों के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वह संगठित होकर साम्प्रदायिकता के खिलाफ खड़े हों। जहां भी इस तरह की घटनाएं घटें या फिर आशंका हो नागरिक समाज के लोग गांधीवादी , समतावादी लोगों को लेकर मौके पर जाएं और शांति एवं सौहार्द्र के लिए लोगों से अपील करें।

रायपुर नागरिक समाज प्रदेश के सभी जिलों से संपर्क स्थापित कर वहां नागरिक समाज की फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाएगा। रायपुर नागरिक समाज ने राज्य में पुलिस प्रशासन से साम्पदायिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की अपील की है। बेमेतरा में हुए साम्पदायिक दंगे के खिलाफ रायपुर नागरिक समाज 14 अप्रैल को अंबेडकर चौक से भगत सिंह चौक तक शांति मार्च निकालेगा।

आज की बैठक की अध्यक्षता डॉ राकेश गुप्ता ने और संचालन विनयशील ने किया। बैठक में मुख्य रूप से धर्मराज महापात्रा, मनमोहन अग्रवाल, सुभाष बजाज, उमा प्रकाश ओझा, अधीर भगवानानी, नितिन सिन्हा, डॉ विप्लब् बंदोपाध्याय, पीसी रथ, बालकृष्ण अय्य्यर, आर के तिवारी, शाहबुद्दीन अंसारी, रिजवान अंसारी, आवेश तिवारी, मिन्हाज असद ईश्वर सिंह दोस्त, हरदीप जुनेजा, पलाश सुरजन, राजेश अवस्थी और राजकुमार सोनी मौजूद थे।


समाज प्रमुख एवं ग्रामीणों ने बिरनपुर घटना की कड़ी निंदा की

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रायपुर। बेमेतरा जिले में ग्राम बिरनपुर की घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस के आला अफसरों और सर्व समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों के साथ शांति समिति की बैठक ग्राम बिरनपुर में हुई। कलेक्टर पी.एस. एल्मा और दुर्ग संभाग के आईजी आनंद छाबड़ा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक में सर्व समाज प्रमुखों ने बिरनपुर में हुई घटना की कड़ी निंदा की। प्रतिनिधियों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाये रखने की सहमति जताई।

शांति समिति की बैठक में कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने सामाजिक सद्भावना-आपसी भाईचारे के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समाज प्रमुखों से कहा कि बिरनपुर की घटना में शांति भंग करने में जो भी व्यक्ति शामिल हैं, उन सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाही की जाएगी। बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि हम गांव में लंबे समय से साथ रह रहे हैं। पर्व त्यौहार भी साथ में मनाते रहे हैं। मतभेदों को साथ में बैठकर सुलझाएंगे और यह प्रयास करेंगे कि भविष्य में ऐसी परिस्थिति उत्पन्न ना हो।

   कलेक्टर ने की अमन चैन और शांति बनाएं रखने की अपील

कलेक्टर ने शांति समिति की बैठक में कहा कि बिरनपुर गांव में सभी समाज के लोग सदियों से साथ रहते आये हैं। कुछ घटनाओं के कारण मतभेद हुए हैं, आपस में बैठकर मतभेद सुलझाये। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। सभी लोग अमन चैन और शांति बनाए रखने में सहयोग करें, प्रशासन आपके साथ है। उन्होंने कहा गांव में राशन, बिजली, पानी सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में मदद दी जाएगी। गांव में एक स्वास्थ्य की टीम तैनात की गई है जो इलाज के साथ दवाईयां आदि उपलब्ध कराने में मदद करेगी। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक आई कल्याण एलेसेला सहित सर्व समाज के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अफवाहों से रहे दूर: पुलिस अधीक्षक एलेसेला

शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक ऐलसेला ने ग्रामीणों को समझाईश देते हुए कहा कि आप अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचिए, उन्हें अच्छी शिक्षा दीजिये ताकि बच्चे अपना कैरियर बना सके। उन्होंने कहा कि हम सब को मिलकर समस्या के समाधान की दिशा में कार्य करना होगा। पुलिस अधीक्षक एलेसेला ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिलेवासियों से अपील करते हुए धारा-144 का पालन करने, किसी भी असामाजिक तत्वों के बहकावे में ना आने कहा।

उन्होंने अफवाहों से बचने, फेक वीडियो, फेक फोटो, या किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट जिससे किसी भी धार्मिक आस्था या व्यक्ति की छवि धूमिल हो सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट करने से बचने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि जिले के किसी भी स्थान में भीड़ इकट्ठा ना करें। शांति व्यवस्था बनाए रखने ड्यूटी पर तैनात पुलिस के अधिकारी जवानों का सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस से मदद की आवश्यकता है तो पुलिस से मदद लीजिये।


बेटियों को वीरता के क्षेत्र में दिया जाएगा माता बहादुर कलारिन पुरस्कार- मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि माता बहादुर कलारिन पर कलार समाज ही नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ को गर्व है। उनकी अदम्य वीरता पर हम सबको नाज है उनके नाम पर वीरता के क्षेत्र पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलार (सिन्हा) समाज मेहनतकश समाज है। छत्तीसगढ़ के विकास में इस समाज का गौरवपूर्ण भागीदारी है। बघेल आज बालोद जिले के कलंगपुर में कलार समाज के प्रांतीय महोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि महुआ बोर्ड के गठन के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस बोर्ड का अध्यक्ष कलार समाज से बनाया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले कलार समाज के प्रतिभावान लोगों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व माध्यमिक शाला ग्राम परसही को हाई स्कूल मे उन्नयन, ग्राम सिकोसा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, ग्राम कलंगपुर में सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये, सीसी रोड निर्माण हेतु 10 लाख रुपए और सोलर हाई मास्क लाईट के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की। इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य एवं कलार समाज के महिला मंच के प्रांताध्यक्ष श्रीमती किरण सिन्हा ने की।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में आगे कहा कि प्रत्येक समाज का रीति-रिवाज, परम्परा एवं संविधान होता है। उन्होंने कहा कि समाज की परम्परायें जो वर्तमान में सामयिक एवं उचित नही है। उन्हें समाप्त करने का कार्य भी समाज को ही करना होगा। बघेल ने कहा कि मेरे और बालोद जिलेवासियों के बीच अटूट रिश्ता एवं असीम अनुराग है, जिसके फलस्वरूप बहुत ही कम अंतराल में लगातार बालोद जिले में मेरा आगमन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेक लोककल्याणकारी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ गरीबों की जीवन में परिवर्तन लाने के लिए सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में ग्रामीणजन लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने हेतु गौठानों में विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। हमारी माताए, बहनें गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, दीया निर्माण, जैविक कीटनाशक निर्माण आदि विभिन्न स्वरोजगारमूलक कार्यों का सम्पादन सफलतापूर्वक कर रहीं है। इसके साथ-साथ अब गौठानों में प्राकृतिक पेंट का भी निर्माण किया जा रहा है। अब स्कूलों एवं सभी शासकीय कार्यालयों की रंगाई-पुताई प्राकृतिक पेंट से की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा प्रत्येक विकासखण्डों में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके माध्यम से राज्य के नौजवानों को रोजगार मुहैया कराने के साथ-साथ बैंको से लोन आदि की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

बघेल ने कहा कि राज्य में 65 प्रकार के लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का कार्य भी किया जा रहा है। इन सभी योजनाओं के माध्यम से राज्य के आम लोगों के आय में वृद्धि हो रही है तथा वे आर्थिक रूप से समृद्धि एवं स्वावलंबी बन रहे हैं। इसके साथ-साथ हमारी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ की परम्परा, संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज के भी संरक्षण एवं संवर्धन हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत राम वनगमन परिपथ, बाबा गुरू घासीदास तपोस्थलि जैसे सामाजिक-सांस्कृतिक केन्द्रों को नई पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती किरण सिन्हा, संजारी बालोद की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, कलार समाज के प्रांत अध्यक्ष दीपक सिन्हा एवं युवा मंच के अध्यक्ष गोविंद सिन्हा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह निषाद, विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजिक बंधु उपस्थित थे। 

करोना फाइटर : वैश्विक महामारी पर बनी लघु फिल्म

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बिलासपुर। "करोना फाइटर" फिल्म 2019 में आई भयावह महामारी कोरोना के ऊपर बनाई गई है इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य कोरोना महामारी के समय समाज में नर्स, डॉक्टर, मेडिकल स्टॉफ, शासन प्रशासन की प्रमुख भूमिका को समाज के सामने प्रस्तुत करना है। कोरोना महामारी के समय जहां अपने भी साथ छोड़ देते हैं वहां अपनी जान दाव पर लगाकर केसे हमारे कोरोनायोद्धाओं ने बेहतर तरीके से समाज को सुरक्षित रखने हेतु अथक प्रयास किया यह इस फिल्म में देखने को मिलेगा।छत्तीसगढ़ में बनी यह लघु फिल्म राजस्थान फिल्म फेस्टिवल एवं नोएडा फिल्म फेस्टिवल में भी अपनी जगह बनाई है जो छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव की बात है।

संभागायुक्त डॉ.संजय अलंग ने आर्यन फिल्म्स के बैनर तले बनी लघु फिल्म कोरोना फाइटर की ट्रीजर की लांचिंग की। रामानंद तिवारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में कोरोना के दौरान डॉक्टर के संघर्ष को दिखाया गया है । कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहे डॉक्टर्स के अलावा सभी स्वास्थ्यकर्मियों की कर्मठता को उजागर करती यह फिल्म डॉ. संजय अलंग की कलात्मक सहयोग एवं मार्गदर्शन में तैयार की गई है। ट्रीजर लांचिंग के दौरान मौजूद डॉक्टर की टीम जिसमें डॉ. प्रमोद महाजन, डॉ विनोद तिवारी, डॉ. केके साव, डॉ एल सी मढ़रिया के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने डॉ. संजय अलग को विषय की गंभीरता को ध्यान देने के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। 

इस मौके पर अभिनेता अखिलेश पांडे, सीमा वर्मा, हरिहर ऑक्सीजॉन के संयोजक भुवन वर्मा, बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष वीरेंद्र गहवाई, पत्रकार मनमोहन पात्रे, अजय तिवारी, मनहरण सिंह व फिल्म के अन्य टीम मेंबर मौजूद थे।इस फ़िल्म मे अनिकृति चौहान, आकाश सोनी, अखिलेश वर्मा, सोनू महंत, डॉ प्रमोद महाजन, विशेष भूमिका मे एवं अन्य कलाकार नजर आएंगे।

राज्य बाल संरक्षण आयोग ने की बच्चों के साथ लैंगिक अपराध मामलों में पहचान उजागर नहीं करने की अपील

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रायपुर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपील की है कि समाज और परिवार के लिए बेहद जरूरी है वे बच्चों को शक, संशय और संवादहीनता से बचाएं। उन्होंने यह भी कहा है कि मीडिया को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों के साथ लैंगिक अपराध के प्रकरणों में उनकी पहचान उजागर करना पाक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत दंडनीय अपराध है। इसका उल्लंघन होने पर 6 माह से 1 वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है।


बच्चों की पहचान उजागर नहीं करने की अपील

राज्य बाल संरक्षण आयोग ने अपील की है कि बच्चों के साथ लैंगिक अपराध होने की दशा में किसी भी प्रकार से पहचान प्रकट नहीं की जा सकती है। समाचार पत्रों, इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं वेब पोर्टल्स के द्वारा संस्थाओं का नाम, फोटो आदि प्रकाशित किये जाने की घटनाएं घट रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ऐसी घटनाओं को रोकने और बच्चों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य बाल संरक्षण आयोग ने की जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग की अपील

राज्य बाल संरक्षण आयोग के अनुसार, बच्चों के संरक्षण के लिए मीडिया के साथियों को बाल अधिकारों से जुड़े कानूनों को जानना आवश्यक है। पत्रकारों को आयोग से पहले पता होता है कि अपराध कहां घटित हुआ है। मीडिया को बाल अधिकारों के उल्लंघन और शोषण के मामलों की रिपोर्टिंग संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करनी चाहिए। उन्होंने अपील की है कि बच्चों से जुड़े हर मामले की सूचना आयोग को दी जाए।

कानूनों से आम लोगों को भी जागरुक होने की जरूरत

राज्य बाल संरक्षण आयोग ने अपील की है कि बच्चों से जुड़े अपराधों पर नीति निर्माताओं, न्यायपालिका, पुलिस और मीडिया को संवेदनशील होने और उन्हें गंभीरता से लेने की सख्त जरूरत है, ताकि किसी पीड़ित बच्चे और विशेषकर यौन अपराधों से पीड़ित बच्चों की गरिमा को ठेस पहुंचे बगैर उन्हें न्याय मिल सके। कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आम लोगों को भी जागरुक होने की जरूरत है। बच्चों के साथ अपराध की स्थिति में समाज के हर वर्ग की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह उसके खिलाफ आवाज उठाएं।

मरार पटेल समाज के शाकंभरी महोत्सव में सब्जी लेने टूट पड़े नगरवासी

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आरंग। छग मरार पटेल महासंघ रायपुर कार्यकारिणी के तत्वावधान में रविवार को शाकंभरी महोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर करीब दो हजार से अधिक सब्जी पैकेट का वितरण किया गया। सब्जी दान की घोषणा के साथ ही नगरवासी सब्जी लेने टूट पड़े। भीड़ को सम्हालने में सामाजिक कार्यकताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

महोत्सव के मुख्य अतिथि नगर पालिका आरंग के अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर थे। अध्यक्षता समाज के जिलाध्यक्ष ईश्वर पटेल ने की। विशिष्ट अतिथि जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन, जिला पंचायत सदस्य रानी केजू पटेल, वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी आनंदराम पत्रकारश्री, कृषक कल्याण परिषद सदस्य नंदकुमार पटेल, टी आर पटेल पटेल समाज के प्रदेश संरक्षक, तुकाराम पटेल नांदगांव राज अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी मंचस्थ थे। कार्यक्रम का शुभारंभ माता शाकंभरी और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पूजा अर्चना से हुई।

इस अवसर पर अतिथियों ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि मरार समाज शाकाहार को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। सर्व समाज के लिए सब्जी उत्पादन कर स्वास्थ्य समाज निर्माण में महती भूमिका निभा रही है।  स्वागत उदबोधन में जिलाध्यक्ष ईश्वर पटेल ने कहा कि मरार समाज को जमीनी स्तर पर शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इस वजह से समाज के लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं हो पा रही है।

शाकंभरी जयंती के माध्यम से लोगों को शाकाहार के लिए प्रेरित करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। इस अवसर पर हजारों लोगों को 25 क्विंटल से अधिक सब्जियों का वितरण किया गया। अतिथियों को सब्जी की टोकरी, स्मृति चिन्ह और माता शाकम्भरी का चित्र भेंट किया गया। संचालन शिक्षक महेंद्र पटेल, आभार ज्ञापन ईश्वर पटेल ने किया।

इस अवसर पर कर्मचारी अधिकारी प्रकोष्ठ संयोजक पतिराम पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष देवचरण पटेल, परमानंद पटेल महामंत्री, धर्मेंद्र पटेल पटेल, होरी लाल पटेल, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी टीकम पटेल, रायपुर राज अध्यक्ष मुन्ना पटेल,   गोपाल पटेल, मोहन पटेल, कल्याण पटेल, कपिल पटेल, अशोक पटेल कोरबा हरा पटेल का आयोजन संयोजन में उल्लेखनीय योगदान रहा।

शिक्षा वह ज्योति है, जो अन्याय से लड़ना और आगे बढ़ना सिखाती है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम सिवनी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय विराट सूर्यांश शिक्षा महामहोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि सूर्यवंशी समाज ने शिक्षा के महत्व को समझा और अपने समाज के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को चुना। शिक्षा ही वह ज्योति और प्रकाश है जिसके माध्यम से अन्याय के खिलाफ लड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि  अब छत्तीसगढ़ की पहचान बदल रही है। सांस्कृतिक, आर्थिक, सामाजिक सहित अन्य क्षेत्रों में भी परिवर्तन के साथ राज्य का विकास हो रहा है।

   सूर्यांश शिक्षा महामहोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

सूर्यांश शिक्षा उत्थान समिति द्वारा आयोजित सूर्यांश महा महोत्सव में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि उन्हें यहाँ आकर शांति और सुकून की अनुभूति होती है। देश की आजादी से पहले अशिक्षा और कुरीतियों ने समाज को शिक्षा से वंचित किया तो समाज के महापुरुषों ने आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर शिक्षित बनाने में योगदान दिया। समाज आज उन महापुरुषों व पूर्वजों के योगदान को याद कर आगे बढ़ रही है यह बहुत खुशी की बात है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर ने संदेश दिया था कि शिक्षित बनो, संगठित रहो, सघंर्ष करो। इसके साथ ही बुद्ध के करुणा, मैत्री और प्रज्ञा पर भी जोर दिया।

हमारी सरकार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की दिशा में काम कर रही है। नक्सल क्षेत्रों के स्कूलों को सँवारा जा रहा है। शिक्षकों की व्यवस्था की जा रही है। शिक्षा के मंदिर को बेहतर बनाने के लिए राज्य के बजट में एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान भी रखा गया है। जहां एक ओर सर्वसुविधायुक्त स्वामी आत्मानन्द स्कूल खोलकर अंग्रेजी व हिंदी में गुणवत्तापूर्ण  शिक्षा दी जा रही है, दो नए यूनिवर्सिटी खोले गए हैं, वहीं दूसरी ओर हम रोजगार मूलक शिक्षा व्यवस्था पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए आटीआई की मांग को देखते हुए नए ट्रेड तथा 12 वीं तक के विद्यार्थियों को कौशल में पारंगत करने 1200 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने 4 नए मेडिकल कॉलेज भी खोले गए हैं।

जांजगीर में जल्दी ही मेडिकल कालेज खुलेगा। उन्होंने गरीबों के निःशुल्क उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि गम्भीर बीमारियों के उपचार के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 20 लाख रुपये तक दी जाती है। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक योजनाएं बनाई गई है। सरकार छत्तीसगढ़ के सभी गरीबों के जेब में पैसा डाल रही है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपूट सब्सिडी देने के साथ गोधन न्याय योजना से गौठान बनाकर गौ-संरक्षण तथा गोबर खरीद कर पशुपालकों को लाभ पहुचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर से दीया, सजावटी सामान, खाद बनाने के साथ अब प्राकृतिक पेंट भी तैयार किया जा रहा है।

स्कूली भवनों में इसका इस्तेमाल कर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने राजीव गांधी भूमिहीन ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना से सालाना 7 हजार रुपये दिए जाने और वनवासियों से लघुवनोपज अधिक मात्रा व मूल्य पर खरीदने की बात कही। मुख्यमंत्री बघेल ने गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी, लालपुर, अमरपुर सहित अन्य स्थलों को भी विकसित करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रामवनगमन पर्यटन परिपथ का विकास और घोटुल, राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य के माध्यम से भी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सूर्यवंशी रत्न सम्मान तथा अन्य सम्मान से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा में माल्यापर्ण करने के साथ समाज के महापुरूषों की पूजा अर्चना की।

कार्यक्रम में जिले के प्रभारी, राजस्व आपदा प्रबंधन, पंजीयन एवम पुनर्वास मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य के सभी समाज व वर्गों के उत्थान और विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। समाज को संगठित और आगे बढ़ाने के लिए जमीन आबंटन के साथ भवन हेतु राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने गरीबों, किसानों और श्रमिकों के लिए योजनाएं बनाई है। गौठान विकसित कर गौ सेवा और महिला स्व सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ा गया है। गोबर की खरीदी कर आर्थिक विकास से जोड़ा जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर हुई है। उन्होंने समाज को हर सम्भव मदद देने की बात कही।

अंतरास्ट्रीय विराट सूर्यांश शिक्षा महा महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, छत्तीगसढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री डॉ. रामसुन्दर दास महत, छ.ग. राज्य शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राम कुमार पटेल, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चन्द्रा, नगर पालिका परिषद जांजगीर नेला के अध्यक्ष भगवान दास गढे़वाल, सदस्य, राज्य अनुसूचित जाति आयोग रमेश पैगवार, राम पप्पू बघेल सदस्य अनुसूचित जाति आयोग, सदस्य, राज्य महिला आयोग सुश्री शशिकान्ता राठौर, सदस्य भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल श्रीमती मंजू सिंह, सदस्य रोजगार गारंटी परिषद् श्रीमती शेषराज हरवंश, सदस्य माटीकला बोर्ड, सुश्री पुनिता प्रजापति, सदस्य बाल सरंक्षण आयोग छ.ग. श्रीमती पुष्पा पाटले, नारायण खण्डेलिया सदस्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड, श्रीमती ज्योति किशन कश्यप सदस्य खाद्य आयोग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक मोतीलाल, देवांगन चुन्नीलाल साहू, सिवनी के सरपंच श्रीमती बाई महारथी चौहान, अध्यक्ष सूर्यवंशी समाज जांजगीर-चांपा एल डी गढ़ेवाल, समाज के विभिन्न सेवानिवृत्त अधिकारी, विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, समाज के पदाधिकारी और सदस्य सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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