Media24Media.com: प्रवेश उत्सव

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व्यवहारिक ज्ञान और जीवनोपयोगी स्किल्स ही सफलता की कुंजी : वित्त मंत्री चौधरी

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रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्कूली बच्चों से शाला प्रवेश उत्सव में संवाद करते हुए कहा कि केवल डिग्री के लिए पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और जीवनोपयोगी स्किल्स ही असली सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि जो छात्र लगातार सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं, वही जीवन में आगे बढ़ते हैं। चौधरी आज जिला मुख्यालय रायगढ़ के नटवर इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों को पुस्तकें और गणवेश वितरित किए और उन्हें नए शिक्षण सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं।

वित्त मंत्री चौधरी ने अपनी स्कूली शिक्षा का स्मरण करते हुए बताया कि कैसे एक बार रटकर नहीं, समझकर लिखने की सलाह ने उनके सोचने और अभिव्यक्ति की दिशा बदल दी। यही आदत उनके लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी की मजबूत नींव बनी। उन्होंने कहा कि उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति किस मुकाम तक पहुंच सकता है, एक छोटे से गांव बायंग से निकलकर पहले कलेक्टर और आज प्रदेश के वित्त मंत्री का दायित्व संभालना इसी का प्रमाण है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना पर जोर दे रही है। हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी है। राज्य में पहले से ही आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, सीपेट, एनआईएफटी और हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाएं संचालित हो रही हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि छात्रों के मार्गदर्शन और अध्ययन संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए नालंदा लाइब्रेरी नेटवर्क की स्थापना की जा रही है। रायगढ़ में प्रदेश की सबसे बड़ी नालंदा लाइब्रेरी बनने जा रही है, जहां प्रयास संस्था का संचालन भी किया जा रहा है। उन्होंनेे छात्रों से इन संसाधनों का अधिकतम लाभ लेने और कठिन परिश्रम के साथ अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

प्रवेश उत्सव में मिलेगी स्कूली बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण शाला प्रवेश उत्सव के दिन से शुरू हो जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों में 16 जून को शाला प्रवेश उत्सव मनाने के निर्देश दिए गए है। शाला प्रवेश उत्सव में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर किया जाएगा। साथ ही उन्हें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी वितरित की जाएगी।

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा है कि निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में पाठ्य पुस्तक निगम के साथ ही समग्र शिक्षा अभियान और लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें। डॉ. शुक्ला ने यह भी कहा है कि मुद्रण से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाए। पुस्तकों का भण्डारण सुरक्षित ढंग से किया जाए।

पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा शासकीय और अनुदान प्राप्त शालाओं के कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए संकुल स्तर, कक्षा 9वीं-10वीं के विद्यार्थियों के लिए हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर, पंजीकृत मदरसों में कक्षा पहली से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विकासखण्ड स्तर और गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं के विद्यार्थियों के लिए सीधे निगम के डिपो स्तर पर पाठ्यपुस्तकों के परिवहन के लिए जरूरी वाहनों का निर्धारण यथा समय पूर्व सुनिश्चित कर लिया जाए।

पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पाठ्यपुस्तकों के परिवहन के लिए आवश्यक रूट चार्ट-जिलावार, संकुलवार या संस्थावार, तिथिवार तैयार कर इसकी सूचना सर्वसंबंधित नोडल अधिकारियों-संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्रभारियों और डिपो मैनेजर आदि को समय पूर्व दी जाए, ताकि उत्तरदायी कर्मचारी समय पर पाठ्यपुस्तकें प्राप्त करने तैयार रहें तथा परिवहन और अनलोडिंग कार्य में भी अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो।

सभी संकुल समन्वय तथा प्राचार्य हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी द्वारा अपने कार्य क्षेत्र के अंतर्गत वितरण होने वाली आवश्यक पाठ्यपुस्तकों की सुव्यवस्थित अनलोडिंग के रख-रखाव के लिए पर्याप्त भवन, स्थान निर्धारण का कार्य पूर्व से ही पूर्ण कर लिया जाए। पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा निर्धारित एवं संसूचित तिथि एवं समय अनुसार संकुल समन्वयक, प्राचार्य हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी द्वारा पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रदायित सेट का भली-भांति संख्या मिलान कर ही प्राप्त किया जाए।

संकुल समन्वयक अपने संकुल के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधानपाठक, शिक्षक को अनिवार्यतः अगले कार्य दिवस में उनके द्वारा पूर्व प्रेषित मांग पत्र, आंकलन के आधार पाठ्यपुस्तकों का सैट सौंपेगें। शाला प्रमुख अपनी शाला के सभी पात्र विद्यार्थियों को अनिवार्यतः पाठ्यपुस्तकों का वितरण शाला प्रवेश के दिन 16 जून को ही सुनिश्चित कराएंगे। पाठ्यपुस्तक वितरण में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधि, पालक संघ, शाला विकास समिति एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति भी अनिवार्यतः सुनिश्चित होनी चाहिए।

शाला प्रमुख, संकुल समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अनिवार्यतः पाठ्यपुस्तक वितरण के बाद आगामी 7 दिवस के भीतर निर्धारित विभागीय पोर्टल www.ssachhattisgarh.gov.in में इसकी एंट्री कराएंगे। निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना के समयबद्ध तथा सुव्यवस्थित क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और समाधान के लिए राज्य स्तर पर महाप्रबंधक पाठ्यपुस्तक निगम एवं सहायक संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, संभाग स्तर पर संभागीय संयुक्त संचालक, जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्तर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, संकुल स्तर पर संकुल प्रभारी एवं समन्वयक, डिपो स्तर पर डिपो मैनेजर और शाला स्तर पर संस्था प्रमुख नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

शाला प्रवेशोत्सव के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करें : मुख्य सचिव अमिताभ जैन

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा है कि आगामी शिक्षण सत्र में शाला प्रवेश उत्सव के आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश और सायकल वितरण के लिए भी सभी जरूरी तैयारी कर ली जाए। वे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में समग्र शिक्षा की कार्यकारिणी समिति की बैठक में समग्र शिक्षा कार्यक्रम की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला भी मौजूद थे।


मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट वर्ष 2023-24 के प्रोजेक्ट एप्रुवल बोर्ड हेतु प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में समग्र शिक्षा हेतु बजट पर घटकवार विस्तार से चर्चा की गई तथा इसका अनुमोदन किया गया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को समग्र शिक्षा के अंकेक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग के सचिव डी.डी. सिंह, श्रम विभाग के सचिव अमृत खलखो, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद और शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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