Media24Media.com: अनुसुईया उइके

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राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से मुख्यमंत्री बघेल ने की सौजन्य भेंट, मणिपुर का राज्यपाल बनाये जाने पर दी बधाई

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजभवन पहुंच कर सौजन्य मुलाकात की और उन्हें मणिपुर का राज्यपाल बनाए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। 

मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य के संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश के विकास में सहयोग के लिए सुश्री अनुसुईया उइके के प्रति आभार प्रकट किया।


राज्यपाल से केरल के राज्यपाल ने की सौजन्य भेंट

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज राजभवन में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल सुश्री उइके ने राज्यपाल खान के छत्तीसगढ़ आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की और उनका स्वागत व अभिवादन किया।

दोनों ही राज्यपालों ने एक-दूसरे का कुशलक्षेम भी जाना। राज्यपाल सुश्री उइके और राज्यपाल खान के बीच देश व प्रदेश के विभिन्न विषयों, गतिविधियों और प्रदेश में हो रहे नवाचारों के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर दोनों राज्यपालों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर परस्पर एक-दूसरे का सम्मान किया। साथ ही राज्यपाल उइके ने राज्यपाल खान को प्रदेश विशेषताओं की जानकारी दी और छत्तीसगढ़ भ्रमण का आग्रह किया।


शैक्षिक गुणवत्ता के साथ व्यक्तित्व विकास की दिशा में आयोग करे विशेष प्रयास : राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके

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रायपुर। राज्यपाल एवं कुलाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उइके आज रायपुर के नवीन विश्रामभवन में आयोजित छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के 18 वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर राज्यपाल ने आयोग की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग को राज्य में शिक्षा की स्थिति को बेहतर करने की दिशा में विशेष प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि आयोग को न केवल निजी विश्विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए भी विशेष रूप से कार्य करने की जरूरत है।

इस समारोह में राज्यपाल ने आयोग की स्मारिका ‘ज्ञानामृत‘ का विमोचन किया एवं आयोग के हेल्पलाईन नम्बर का भी शुभारंभ किया गया। इसके अलावा राज्यपाल ने भारत से टी.बी. रोग के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे, प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के देशव्यापी प्रचार-प्रसार कर जनजागरूकता का भी आह्वान किया। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले स्ववित्तीय विश्वविद्यालयों की स्थापना, संचालन एवं उनके विनियमन के उद्देश्य से इस आयोग की स्थापना की गई थी। 

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 16 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हैं एवं इन विश्वविद्यालयों में देश-विदेश के विद्यार्थी बड़ी संख्या में अध्ययनरत् हैं। कुलाध्यक्ष ने कहा कि आयोग निजी विश्वविद्यालयों के निरीक्षण व मार्गदर्शन कर शैक्षणिक जगत में एक उच्च मापदण्ड स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील है परंतु अभी भी विद्यार्थियों के हित में आयोग को अनेक कार्य करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने आशा व्यक्त कि आयोग के मार्गदर्शन में निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययन अध्यापन और शोध का कार्य उच्च मापदण्डों के साथ स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में भी आयोग को विशेष रूप से प्रयास करना होगा।

इसके लिए राज्यपाल ने आयोग को निजी विश्वविद्यालयों और सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालय पात्रतानुसार नैक और अन्य मूल्यांकन करने वाले नियामक अभिकरणों से अपना परीक्षण करवायें। राज्यपाल ने कहा कि आयोग द्वारा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के हितों को ध्यान रखते हुए कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। आयोग द्वारा वेब पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों के प्रवेश से संबंधित अभिलेख का संधारण किया जा रहा है। साथ ही आयोग द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्पलाईन नम्बर 18002333375 भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह विद्यार्थियों के हित में नवाचारों को प्रोत्साहन देना होगा और विश्वविद्यालय विनियामक अधिनियम के तहत् बताए गए उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आयोग और विश्वविद्यालयों दोनों को सतत् प्रयत्नशील रहना होगा।

साथ ही राज्यपाल ने कहा कि शोध और पेटेंट प्राप्त करने के क्षेत्र में भी निजी विश्वविद्यालय अग्रसर हों। इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष से विशेष प्रयास का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि देश में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में भी अनेक कार्य हो रहे हैं। आयोग को इस संबंध में प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में भी इनको समुचित ढंग से लागू किये जाने के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए निजी विश्वविद्यालयों में इसके प्रावधानों एवं उसके क्रियान्वयन को लेकर निजी विश्वविद्यालयों के साथ बैठकर विमर्श करने की बात कही।

इसके अलावा राज्यपाल ने 2025 तक देश को पूर्णतः टी.बी. के रोग से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे, प्रधानमंत्री टी.बी.मुक्त भारत अभियान के प्रचार-प्रसार कर, लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों को कई सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्होंने देश-प्रदेश की जनता से इस अभियान के तहत् प्रारंभ किए गए नि-क्षय 2.0 पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर नि-क्षय मित्र के रूप में क्षय रोगियों को गोद लेकर उनके ईलाज में मदद करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष उमेश मिश्रा ने आयोग की गतिविधियों एवं प्रगति के संबंध में जानकारी दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी सुशील त्रिवेदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में सभी विश्वविद्यालयों को स्वायत्ता की बेहद जरूरत है। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों को एक लीडरशीप डेवलप करते हुए अपने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए एक बेहतर नीति के तहत् कार्य करने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों में लोकतंत्र के लागू करने की आवश्यकता भी बतलाई। श्री त्रिवेदी ने युवाओं को देश के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों में तकनीकी प्रगति को भी स्वीकारने की बात कही।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति ए.डी.एन. वाजपेयी ने कहा कि राज्य में गुणवत्तपूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए निजी विश्वविद्यालयों को आत्मअवलोकन करते हुए आगे बढ़ना होगा। निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष गजराज पगारिया ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह,शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.के.एल.वर्मा एवं सी.एस.वी.टी.यू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.मुकेश वर्मा सहित निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सदस्य, कर्मचारी, निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारी गण उपस्थित थे।

राज्यपाल सुश्री उइके ने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की आदमकद प्रतिमा का किया अनावरण

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 126वीं जयंती के अवसर पर द ग्रेट इंडिया स्कूल परिसर मंदिर हसौद में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। प्रतिमा अनावरण उपरांत मुख्य समारोह का शुभारंभ राज्यपाल सह अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिये अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नेता जी के विचारों को जीवन में आत्मसात करें। राज्यपाल ने कहा कि नेता जी को राष्ट्र, अपने जीवन से अधिक प्रिय था और देश के लिये उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल, बच्चों में राष्ट्रीयता और देशप्रेम की भावना जगाने में अपना अहम योगदान दे रहा है, जो सराहनीय है। राज्यपाल सुश्री उइके ने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पहल से देशवासियों को आजादी के नायकों के बारे में तथ्यपूर्ण जानकारी मिली, हमें राष्ट्र के ऐसे नायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गौरव की बात है कि इस पहल विद्यार्थी अपने देश के उन गुमनाम नायकों के बारे में भी जान सकेे, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान देश की आजादी में समर्पित किया।

राज्यपाल ने बच्चों से अपने विद्यार्थी जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें एनएसएस के माध्यम से अनुशासन की सीख मिली और देश-प्रेम की भावना भी अंकुरित हुई। एनएसएस के माध्यम से ही स्वाभिमानी बनने की सीख मिली और यथा संभव अपने कार्य खुद करने का प्रयास किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हमारी भावना और विचार अच्छे होने से हम संवेदनशील होते हैं, जो मानवीय दृष्टि से आवश्यक भी है। राज्यपाल ने शिक्षकों और अभिभावकों से कहा कि हम सभी का समन्वित प्रयास होना चाहिए कि अपनी भावी पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग राष्ट्रहित में कर सकें।

हमें यह भी समझना होगा कि देश की सीमा में तैनात सैनिक अपने दायित्वों का निर्वहन तो कर रहे हैं, लेकिन देश के नागरिक के रूप में हमें भी अपने कर्तव्य निभाने होंगे। अपने परिवेश की स्वच्छता, सामाजिक सौहार्द्र, राष्ट्र प्रतीकों का सम्मान, राष्ट्रीय सम्पत्ति की रक्षा कर हम भी देश के विकास और प्रगति में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके संदेशों की व्याख्या की और विद्यार्थियों को उसका अनुसरण करने को कहा। इस मौके पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परीक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों और तनाव प्रबंधन पर लिखित ‘एक्जाम वारियर्स’ पुस्तक पढ़ने को कहा और विद्यार्थियों के जीवन में इसकी उपयोगिता के बारे में बताया। राज्यपाल सुश्री उइके ने विद्यार्थियों को राजभवन भ्रमण के लिए भी आमंत्रित किया।

इस मौके पर स्कूल प्रबंधन द्वारा देश के सैनिकों के परिजनों के लिए एकत्रित की गई सहयोग राशि के संबंध में राज्यपाल को जानकारी दी गई और इसे शीघ्र ही रक्षा मंत्रालय भेजने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधन ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, स्कूल के संस्थापक श्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह, प्रख्यात शिक्षाविद् जवाहर सुरी शेट्ठी सहित विभिन्न स्कूलों से आए पदाधिकारीगण, विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


विधानसभा परिसर में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह आयोजित

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज विधानसभा परिसर में आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह में विधायक  संत राम नेताम एवं अजय चंद्राकर को उत्कृष्ट विधायक सम्मान, प्रिंट मीडिया के यशवंत धोटे एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के  जुल्फीकार अली और कैमरामैन शशिकांत वर्मा को उत्कृष्टता सम्मान से अलंकृत किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गरिमामयी उपस्थित में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे सहित और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत उपस्थित हैं। समारोह में अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि उपस्थित हैं।

विधानसभा परिसर में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह आयोजित

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज विधानसभा परिसर में आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह में विधायक  संत राम नेताम एवं  अजय चंद्राकर को उत्कृष्ट विधायक सम्मान, प्रिंट मीडिया के  यशवंत धोटे एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के  जुल्फीकार अली और कैमरामैन  शशिकांत वर्मा को उत्कृष्टता सम्मान से अलंकृत किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत और मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की गरिमामयी उपस्थित में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष  नारायण चंदेल, संसदीय कार्य मंत्री  रविंद्र चौबे सहित और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत उपस्थित हैं। समारोह में अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि उपस्थित हैं।

राज्यपाल को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री टामन सिंह सोनवानी ने मुलाकात की और आयोग के वर्ष 2021-22 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

राज्यपाल को वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने उपरांत इसे विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। इस अवसर पर आयोग के सदस्य डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. सरिता उइके, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक श्रीमती आरती वासनिक तथा अपर परीक्षा नियंत्रक सी.पी. बघेल उपस्थित थे।

राज्यपाल सुश्री उइके ने नववर्ष के उपलक्ष्य में बंदी की दया याचिका को दी स्वीकृति

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने नव वर्ष के अवसर पर केन्द्रीय जेल बिलासपुर में निरूद्ध 80 वर्षीय दण्डित बंदी की दया याचिका को स्वीकृति प्रदान की है।

राज्यपाल ने बंदी की उम्र, उनके द्वारा भुगती गई सजा और जेल में उनके आचरण के दृष्टिगत संवेदनशीलता के साथ यह निर्णय लिया है। 

राज्यपाल ने नववर्ष 2023 की दी शुभकामनाएं

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने देश एवं प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने सभी के मंगलमय और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए कहा है कि नया वर्ष 2023 सभी के लिए सुख-शांति और समृद्धिदायक हो। राज्यपाल ने कहा कि नए साल के शुभारंभ में हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम दूसरों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। दूसरों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का प्रयास करेंगे तो हम स्वयं में भी खुशी महसूस करेंगे।

इसके अलावा वैश्विक जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पर्यावरण की भी चिंता करना आवश्यक है। इसके लिए छोटे-छोटे कदम उठाने की जरूरत है, जो कि हम आसानी से कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि नये साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में जी-20 का सम्मेलन भारत मे आयोजित किया जाएगा, जिससे भारत की दुनिया में साख और बढे़गी। यह सम्मेलन ‘वसुधैव कुटुम्बकम के आदर्श पर आधारित है। 09 और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में अगला जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा तथा भारत के विभिन्न राज्यों के कुल 56 स्थानों पर अनेक बैठकें होंगी, जिनमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है।

उन्होंने कहा है कि हमें विगत वर्षों के राष्ट्रव्यापी कोरोना संकट से सीख लेकर नये वर्ष 2023 के लिए तैयार रहना चाहिए। कोरोना का संकट अभी टला नहीं है, इसलिए उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन कर आवश्यक सहयोग करेंगे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से राज्यपाल सुश्री उइके ने की सौजन्य भेंट

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रायपुर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने उनका कुशलक्षेम जाना। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को राज्यपाल सुश्री उइके ने प्रदेश की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी तथा 12 जनवरी 2023 को प्रदेश के प्रतिष्ठित शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर के स्थापना के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित ‘हीरक जयंती समारोह’, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर के दीक्षांत समारोह तथा आदिवासी शिव संस्कृति समिति, 


जिला-नर्मदापुरम द्वारा 12 से 18 फरवरी 2023 को आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ने अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप यथासंभव आने की बात कही।


इस दौरान राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को राज्यपाल सुश्री उइके ने राजभवन की त्रैमासिक पत्रिका ‘एक आशा’ की प्रति भी भेंट की और राजभवन सचिवालय की नवाचार संबंधी गतिविधियों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का शाल व स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया।

राज्यपाल सुश्री उइके ने नई शिक्षा नीति के तहत् स्वशासी महाविद्यालयों में नवीन पाठ्यक्रम लागू करने हेतु अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राज्य के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग, संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा अम्बिकापुर, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत स्वशासी महाविद्यालयों में चार वर्षीय उपाधि पाठ्यक्रम लागू करने हेतु विश्वविद्यालयों के अध्यादेश में हस्ताक्षर कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत् शिक्षा में नवाचार प्रारंभ करने हेतु, चार वर्षीय पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाना है। इसी क्रम में सम्बद्ध स्वशासी महाविद्यालयों में, 



उक्त पाठ्यक्रम लागू करने के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा अध्यादेश क्र. 197, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा अध्यादेश क्र. 144, संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा अम्बिकापुर द्वारा अध्यादेश क्र. 181 एवं अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर द्वारा अध्यादेश क्र. 144, राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। जिस पर राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर कर दिया गया है। इन स्वशासी महाविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम विद च्वाईस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम एण्ड लर्निंग आउटकम बेस्ड करीकुलम फ्रेमवर्क प्रारंभ किए जाने का प्रावधान किया गया है।

राज्यपाल ने की राजाराव पठार में आयोजित भव्य वीर मेला की सराहना

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बालोद। राजयपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज बालोद जिले के गुरुर विकासखंड मे राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप राजाराव पठार मे आयोजित वीर मेला के अंतिम दिन के कार्यक्रम मे शामिल होकर कार्यक्रम की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने वीर मेला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे अनुपम एवं अद्वितीय बताया। इस अवसर पर उन्होंने मेला परिसर में निर्मित विशाल वीर नारायण सिंह जी के नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण भी किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले वर्ष वीर मेला मे शामिल होकर मेला परिसर मे शहीद वीर नारायण सिंह की विशाल प्रतिमा निर्माण, देवस्थल सहित विभिन्न विकास कार्यो के लिए 65 लाख रुपय की  घोषणा की थी। इस राशि से वीर मेला परिसर मे विभिन्न विकास कार्य किये जा रहे हैं।



कार्यक्रम मे कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविन्द नेताम,अनुचित जनजाति अयोग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नंद कुमार साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुखगण मौजूद थे। इस अवसर पर उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह जी के बलिदान एवं उनके योगदानों का स्मरण करते हुए उसे  अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्वाधीनता संग्राम का इतिहास जनजातीय नायको एवं  वीर पुरुषों के बलिदानो से भरा पड़ा है। सुश्री उइके ने शहीद वीर नारायण सहित आदिवासी  समाज के सभी महापुरुषों का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हे सादर नमन किया। राज्यपाल ने उनके द्वारा जनजाति समाज के हितों के संरक्षण हेतु किये गए प्रयासों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम स्थल मे पहुंचने के पश्चात राज्यपाल ने सर्वप्रथम  देव  स्थल मे पहुंचकर  पूजा अर्चना की। कार्यक्रम स्थल मे पहुंचने पर परम्परागत आदिवासी नृत्यों एवं  वाद्य यंत्रो के साथ राज्यपाल का भव्य तथा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने गोंड समाज युवक युवति परिचय सम्मेलन पुस्तक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविन्द नेताम ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर स्वागत भाषण आयोजन समिति के अध्यक्ष मानक दरपट्टी ने प्रस्तुत करते हुए समाज की मांगो की ओर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया। कार्यक्रम मे कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र कुमार यादव, सेनानी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल डी आर अचला, सी ई ओ जिला पंचायत डॉ रेणुका श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियो के अलावा सामजिक प्रतिनिधि एवं विशाल संख्या मे आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 की अध्यक्षता की तैयारी को लेकर ली बैठक

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता की तैयारी को लेकर आज वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके सहित सभी राज्यों के राज्यपाल, उप राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जी-20 की अध्यक्षता करने का भारत को उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हुआ है। इस दौरान हमें ‘अतिथि देवो भव’ की सांस्कृतिक परंपरा एवं विविधता में एकता की भावना को विश्व को प्रदर्शित करना है। इस आयोजन को वैश्विक नजरिए से देखना आवश्यक है। 



उन्होंने कहा कि इसमें सभी राज्यों को अपनी कला, संस्कृति, अपनी विशिष्टता दिखाने का अवसर मिलेगा। जी-20 देशों के एक लाख से भी अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति, भारत देश के विभिन्न राज्यों में बैठकों, सम्मेलनों में शामिल होंगे। साल भर चलने वाले इन कार्यक्रमों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके अलावा सभी राज्यों को अपनी ओर से कुछ नये कार्यक्रम भी जोड़ना चाहिए। राज्य के विश्वविद्यालयों एवं स्कूली विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों को भी जी-20 के कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने क्षेत्र की महिलाओं द्वारा किये गये विकास के कार्यों को विशेष रूप से प्रदर्शित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर ऐसा आयोजन करना है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक हो। यहां से जाने के बाद अतिथि हमारे देश की मधुर स्मृति लेकर जाएं, यह हमें सुनिश्चित करना होगा।  बैठक को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जी-20 के शेरपा अमिताभ कांत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित अन्य 12 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों ने भी संबोधित किया।

उल्लेखनीय है कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 का 18वां शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में अगले वर्ष 2023 में आयोजित होगा। यह सम्मेलन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के आदर्श पर आयोजित किया जाएगा। 09 और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में अगला जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा तथा भारत के सभी राज्यों के कुल 56 स्थानों पर 215 बैठकें होंगी, जिनमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है।

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज राजभवन में राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय के बच्चों के लिए, राज्य भर में संचालित आवासीय विद्यालयों के 130 विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल सुश्री उइके ने जनजाति समुदाय के बच्चों से बातचीत कीं। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आवासीय विद्यालय में पढ़ाई की स्थिति की जानकारी ली।



राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातियों अबुझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार एवं पहाड़ी कोरवा समुदाय के विद्यार्थियों को दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर के चुनिंदा स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी क्रम में आज इन विद्यार्थियों को आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विभाग शम्मी आबिदी के नेतृत्व में राजभवन का भ्रमण कराया गया।

इस अवसर पर आबिदी ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम एवं विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया। राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए उनसे उनके शैक्षणिक भ्रमण के अनुभवों के बारे में पूछा।



राज्यपाल से मिलने पर उत्सुक विद्यार्थियों ने जब राज्यपाल से पूछा कि आप राज्यपाल कैसे बनीं ?,तब राज्यपाल ने बड़ी ही विनम्रता से इसका उत्तर देते हुए, अपने जीवन के संघर्षो एवं अनुभवों को बच्चों के संग साझा किया। राज्यपाल ने बच्चों से कहा यदि आपके अंदर सेवा भावना है, तो आप भी राज्यपाल बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें एवं जरूरतमंद लोगों की आवश्यक सहायता करें।



राज्यपाल ने बच्चों की शिकायतों को भी सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यपाल ने उनसे, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अच्छे से पढ़ाई करने एवं कोई भी तकलीफ होने पर अपने शिक्षकों एवं उच्च अधिकारियों को सूचित करने को कहा। इस अवसर पर  उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर आबिदी ने जनजातीय विषयों से संबधित पुस्तकें राज्यपाल को भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश कुमार श्रीवास्तव, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के सचिव डी़डी. सिंह, राज्यपाल के उपसचिव दीपक कुमार अग्रवाल एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर हो पेंशन सह अन्य देयकों का भुगतान : राज्यपाल सुश्री उइके

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज आडिट दिवस के अवसर पर प्रधान महालेखाकार कार्यालय रायपुर में आयोजित ऑडिट सप्ताह-2022 में शामिल हुई। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक एवं उनके क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्यों को संवेदनशील बताया। विभाग के कार्यों को अति महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इस विभाग की ईमानदारी  पर ही देश एवं राज्यों के आर्थिक सुदृढ़ता एवं विकास निर्भर करता है। उन्होंने सेवानिवृत्त पेंशनधारियों के संबंध मं कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद समय पर सभी को पेंशन की राशि मिलने की प्रक्रिया प्रारंभ होनी चाहिए। 



साथ ही उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के बेहतर विकास के लिए, केंद्र सरकार द्वारा आंबटित राशि के शत प्रतिशत उपयोग करने का भी आग्रह किया। राज्यपाल सुश्री उइके ने कार्यक्रम के अवसर पर बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय एवं उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रीय कार्यालयों के द्वारा राज्य के विभिन्न लेखाओं, न्यायाधीशों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, लोकायुक्तों एवं सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों के साथ विभिन्न संस्थाओं के लेखाओं का संधारण किया जाता है। राज्यपाल ने इनके कार्यों को बहुत महत्वपूर्ण बताया। सी.ए.जी. की रिपोर्ट केन्द्र में संसद एवं राज्य में विधान सभाओं के समक्ष रखी जाती है और इस रिपोर्ट के आधार पर संसद की विभिन्न समिति अपने सुझाव सदन के पटल पर रखती है। 

परिणामतः प्रशासन में कार्य-कुशलता, पारदर्शिता एवं उत्तर दायित्व की भावना बढ़ती है। उन्होंने कहा कि इन लेखा परीक्षण का उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ, लाभार्थियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आडिट रिपोर्ट के आधार पर ही राज्य एवं देश की आर्थिक सुदृढ़ता एवं विकास की दशा एवं दिशा तय होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी -कर्मचारी सावधानी एवं पूरी ईमानदारी और लगन से इस कार्य को करते हैं। जिससे आज हमारा देश एवं राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि सी.ए.जी. संस्था की विश्वसनीयता और मजबूती हमारे देश के साथ ही देश के बाहर भी बढ़ रही है। आज सी. ए. जी. विभिन्न अन्य देशों एवं अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों जैसे डब्ल्यू.एच.ओ., यू.एन. इत्यादि का लेखा परीक्षण कर अपनी  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सी.ए.जी. संस्था की इस उपलब्धि को उन्होंने प्रशंसनीय बताया।

राज्यपाल ने भारत जैसे संसदीय लोकतंत्र एवं संघात्मक व्यवस्था वाले देशों में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जैसी संस्थाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी महत्ता को देखते हुए ही, हमारे संविधान के निर्माताओं ने, संविधान में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की स्वतंत्र भूमिका निर्धारित की है।

राज्यपाल ने कहा कि सी.ए.जी. द्वारा स्थानीय निकाय लेखा परीक्षा को सुदृढ़ करने का निर्णय स्थानीय निकायों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम है। यह स्थानीय निकायों को सृदृढ़ करते हुए निचले स्तर पर होने वाले विकास कार्याे को गति प्रदान करेगा।

राज्यपाल ने विश्वास जताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संस्था, संविधान द्वारा सौंपे गए कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन और भी अधिक सक्रिय होकर करती रहेगी। साथ ही आशा व्यक्त की कि यह संस्था विभिन्न सामाजिक सेवाओं एवं कार्यक्रमों के वितरण को, कुशलता पूर्वक और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का, कई बार विभिन्न कारणों से समय पर पेंशन प्रारंभ नहीं हो पाता है जिससे उन्हें कई तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी का पेंशन समय पर प्रारंभ होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आडिट रिपोर्ट में अक्सर, अनुसूचित क्षेत्र को आबंटित केंद्र की विशेष राशि का शत् प्रतिशत उपयोग नहीं होता है। राज्यपाल ने आग्रह किया इन क्षेत्रों के बेहतर विकास के लिए इस राशि को पूर्ण उपयोग करें।

आडिट सप्ताह कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साथ ही विभाग द्वारा निबंध, मैराथन जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।  राज्यपाल ने इस अवसर पर विभिन्न विजित प्रतियोगियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के इस अवसर पर प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) छत्तीसगढ़ पी.सी. मांझी,  छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, प्रधान लेखाकार (लेखा परीक्षा) यशवंत कुमार एवं महालेखाकार कार्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।   

आदिवासी समाज, अपने आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर आगे बढ़े

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रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा है कि आदिवासी समाज, अपने आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर आगे बढ़े। राज्यपाल कल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुण्डा की जयंती पर छिंदवाड़ा में आयोजित ‘जनजाति गौरव दिवस‘ कार्यक्रम में शामिल हुई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिरसा मुण्डा एक महान आदिवासी नेता थे। उन्होंने शोषण और गुलामी के खिलाफ आदिवासी समाज को संगठित कर देश और समाज को एक नई दिशा दी।



वहीं, प्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में भी कल ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने जनजातीय औरं देशभक्ति लोकगीत पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इधर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय सहित तीनों रेलमंडलों में बिरसा मुण्डा की जयंती मनाई गई।

राज्यपाल सुश्री उइके ने राज्य विधानसभा के 15वें सत्र आहूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, 

 


01 दिसंबर 2022 को पूर्वान्ह 11:00 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा का 15वां सत्र आहूत करने के विधानसभा से प्राप्त प्रस्ताव पर आज यहां हस्ताक्षर किए हैं। यह सत्र 01 और 02 दिसंबर 2022 को आहूत किया जाएगा।

राज्यपाल सुश्री उइके से महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने की भेंट

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज राजभवन में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में महिलाओं तथा बच्चों के लिए संचालित योजनाओं,


उनके क्रियान्वयन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेज कुंवर नेताम और सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव उपस्थित थीं।

छत्तीसगढ़िया होने का गौरव उत्सव है राज्य स्थापना दिवस : राज्यपाल सुश्री उइके

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शामिल हुईं। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2022 के 33 विभिन्न विधाओं में 41 राज्य अलंकरण सम्मान प्राप्तकर्ताओं को पुरस्कार प्रदान किये। राज्यपाल सुश्री उइके का मुख्यमंत्री बघेल ने राजकीय गमछा भेंट कर समारोह में स्वागत किया। राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित उपस्थित अतिथियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और नृत्य सहित अन्य प्रस्तुतियों की खूब प्रशंसा की। इस अवसर पर मंत्रिमण्डल के सभी सदस्य, नेता प्रतिपक्ष, सांसदगण, विधायकगण उपस्थित थे।



समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी में राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी तथा राज्य अलंकरण सम्मान प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ है। इस अवसर पर 10 देशों, 28 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से आए कलाकारों का उन्होंने छत्तीसगढ़ में स्वागत व अभिनंदन किया। राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना के इस विशेष दिन को हम अपने छत्तीसगढ़िया होने के गौरव उत्सव के रूप में मनाते हैं। 

छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टाओं और छत्तीसगढ़ राज्य बनाने के लिए संघर्षरत् जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने जनभावनाओं को सम्मान दिया।राज्यपाल ने राज्य निर्माण का स्वप्न देखने और संघर्ष करने वाले पुरखों और समस्त महापुरूषों को भी नमन किया। राज्यपाल सुश्री उइके ने सुंदर और भव्य राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।



राज्यपाल ने राज्य अलंकरण पुरस्कार का उल्लेख करते हुए कहा कि वास्तव में यह पुरस्कार किसी विशेष क्षेत्र में किये गए कार्य के प्रति सम्मान है। इससे उस व्यक्ति की उस क्षेत्र में एक महत्ता स्थापित होती है, मनोबल बढ़ता है, साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी अच्छा कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को 22 वर्ष हो गए हैं। छत्तीसगढ़ ने इन वर्षों में हर क्षेत्र में प्रगति की है और प्रदेश का नाम देश में अग्रणी स्थान पर है। प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम में सुलभ शिक्षा के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं, जिससे निम्न आय वर्ग के बच्चों को अंग्रेजी में बेहतर शिक्षा मिलना संभव हो पाया है।

हाट बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से सुदूर अंचलों की बसाहटों तक स्वास्थ्य सुविधाएं सहज ही उपलब्ध हो रही हैं। चलित अस्पताल लोगों के दरवाजों तक पहुंच गया है। जनजातीय आस्था के केन्द्र देवगुड़ियों के कायाकल्प का प्रयास भी सराहनीय है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन की मंशा की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित हमारे देश में आदिवासियों की संस्कृति बहुत समृद्ध रही है। आदिवासी, समृद्ध संस्कृति के वाहक होने के साथ ही प्रकृति के पूजक भी रहे हैं। उनकी जीवनशैली और प्रकृति के बीच एक गहरा सामंजस्य है। आदिवासी न्यूनतम आवश्यकताओं पर जीने वाले लोग हैं। 

वास्तव में यह आदिवासियों की जीवनशैली का मूलमंत्र है। वे प्रकृति से उतना ही लेते हैं, जितनी उन्हें आवश्यकता होती है। तथाकथित आधुनिक समाज को कई मायनों में उनसे सीखने की जरूरत है।राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि हमें राज्योत्सव के अवसर पर आत्मचिंतन भी करना चाहिए कि हम किन क्षेत्रों में पीछे रह गए हैं और उन्हें हम कैसे दूर करें। मुझे विश्वास है कि हम अपने संसाधनों का संतुलित और बेहतर उपयोग करते हुए देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल होंगे। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे राज्य के विकास के लिए अधिक से अधिक योगदान दें।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ी में अपना संबोधन दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस, आदिवासी नृत्य महोत्सव और धान खरीदी की शुरूआत की बधाई दी। उन्होंने राज्य अलंकरण से सम्मानित विभूतियों का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के ऐसे व्यक्ति जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में परिश्रम कर विशेष उपलब्धि हासिल की, आज उन्हें सम्मान मिला है। विशिष्ट व्यक्ति का सम्मान हमें गौरवान्वित करता है और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व से समाज को प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री बघेल ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की बढ़ती लोकप्रियता के बारे में बताते हुए कहा कि इस वर्ष 10 देशों से कलाकार महोत्सव में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में छत्तीसगढ़ एकमात्र प्रदेश है जहां राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन होता है। इस पहल के लिए विश्व स्तर पर प्रदेश की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे विश्व की आदिम संस्कृति में एकरूपता देखी जा सकती है। छत्तीसगढ़ में विश्व भर की संस्कृतियों को जोड़ने का काम हो रहा है, जिससे वसुधैव कुटुम्बकम की परिकल्पना प्रदेश में साकार हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी प्रकृति का संरक्षण करते हुए जीवन व्यतीत करते हैं। वर्तमान में प्राकृतिक असंतुलन और पर्यावरण पर संकट की जो चर्चा होती है, उसे आदिम संस्कृति से प्रेरणा लेकर बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आज से प्रारंभ हुई धान खरीदी की जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 25 लाख 93 हज़ार किसानों से 1 करोड़ 10 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि हम न केवल समर्थन मूल्य पर धान ख़रीदी कर रहे हैं बल्कि मिलेट्स फसलों की ख़रीदी भी छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर की जा रही है। धान खरीदी के पहले दिन 775 उपार्जन केन्द्रों में 3951 किसानों से 10 हजार 257 मीटरिक टन धान की खरीदी की गई। किसानों ने 279 करोड़ रूपए का धान बेचा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लघुवनोपज से समृद्ध राज्य है। हम वनवासियों को आर्थिक संबल देने के लिए सात से बढ़ाकर 65 प्रकार के लघुवनोपजों की ख़रीदी कर रहे हैं। लघु वनोपजों का वैल्यू एडिशन भी किया जा रहा है। उन्होंने भूमिहीन मजदूरों को भी 7 हज़ार प्रतिवर्ष दिये जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्गों की जेब में पैसा पहुंचाने का कार्य हमने किया है, जिससे व्यवसाय और बाजार गुलज़ार है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, गौवंश की रक्षा और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने और उनके आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क खोले जाने की जानकारी भी दी, जिससे युवा आर्थिक रूप से आत्म निर्भर हो रहे हैं।

कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने स्वागत उद्बोधन दिया। पर्यटन तथा गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी कार्यक्रम में अपना उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित संसदीय सचिव, निगम मंडलों के अध्यक्ष, विधायक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी सम्मानित जनों की उपस्थिति के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

राज्यपाल ने विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी के आकस्मिक निधन पर जताया दुःख

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी के आकस्मिक निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि मंडावी ने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रदेश व अपने क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाई।



उनका निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्यपाल ने शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा के शांति की प्रार्थना की है।

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