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भारत ने इंटरनेशनल ओलंपियाड 2026 में रचा इतिहास, 12 गोल्ड और 7 सिल्वर मेडल जीतकर दुनिया में लहराया तिरंगा

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नई दिल्ली- भारत के युवा वैज्ञानिकों और गणितज्ञों ने वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित भारतीय छात्रों ने 12 स्वर्ण (Gold) और 7 रजत (Silver) पदक जीतकर अब तक की सबसे शानदार उपलब्धियों में से एक हासिल की। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) ओलंपियाड में भारतीय टीम ने सभी स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान प्राप्त किया।

इस ऐतिहासिक सफलता पर परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy-DAE) ने छात्रों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की 'युवा शक्ति' और देश में वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।

चार अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन

वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय टीम का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—

  • अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) – सभी 5 स्वर्ण पदक, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान।

  • अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड (IChO) – सभी 4 स्वर्ण पदक, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान।

  • अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड (IBO) – 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक।

  • अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) – 2 स्वर्ण और 4 रजत पदक।

इस तरह भारत ने कुल 12 गोल्ड और 7 सिल्वर पदक जीतकर वैश्विक मंच पर अपनी वैज्ञानिक और गणितीय प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

DAE अध्यक्ष ने दी बधाई

परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के समर्पण तथा दशकों में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था का परिणाम है।

HBCSE की अहम भूमिका

इस उपलब्धि के पीछे होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के इस राष्ट्रीय केंद्र को परमाणु ऊर्जा विभाग का सहयोग प्राप्त है। HBCSE देशभर से प्रतिभाशाली छात्रों का चयन कर उन्हें चरणबद्ध प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कराता है।

HBCSE के निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि विभाग के निरंतर सहयोग के कारण भारत का ओलंपियाड कार्यक्रम विश्व के सबसे सम्मानित कार्यक्रमों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह सफलता विज्ञान और गणित में उत्कृष्टता की संस्कृति को और मजबूत करेगी।

दशकों की मेहनत का परिणाम

परमाणु ऊर्जा विभाग का कहना है कि उसका योगदान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। विभाग ने HBCSE और TIFR के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों का एक मजबूत राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है, जिसने वर्षों से देश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

DAE ने सभी पदक विजेता छात्रों, टीम लीडर्स, मेंटर्स, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों, शिक्षकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), अंतरिक्ष विभाग (DOS) और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग की भी सराहना की।

भारत के वैज्ञानिक भविष्य की नई उड़ान

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि न केवल देश के युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की महाशक्ति बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों का स्वर्णिम प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (International Physics Olympiad - IPhO) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल के कनिष्क जैन, ऋद्धेश अनंत बेंदाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन छात्रों की यह उपलब्धि देश की युवा शक्ति (युवा शक्ति) की असीम क्षमता तथा विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनके समर्पण का एक और उत्कृष्ट उदाहरण है।

मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले एक दशक में भारतीय विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के विभिन्न संस्करणों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर लिखा:

“हमारे युवाओं का शानदार प्रदर्शन!

कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल के कनिष्क जैन, ऋद्धेश अनंत बेंदाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को हार्दिक बधाई।

उनकी यह उपलब्धि हमारी युवा शक्ति की असीम क्षमता तथा विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और प्रेरणादायक उदाहरण है। यह भी अत्यंत प्रशंसनीय है कि पिछले एक दशक में हमारे विद्यार्थियों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।”

‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संकल्प

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 6,000 से अधिक युवा—छात्र, युवा पेशेवर, उद्यमी, नवाचारकर्ता, कंटेंट क्रिएटर और उभरते नेता—शामिल हुए।

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से MY Bharat के कार्यक्रमों, स्वयंसेवी अवसरों और राष्ट्र निर्माण की पहलों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं। कार्यक्रम में अभिनेत्री एवं विधायक मैथिली ठाकुर, अभिनेता विक्रांत मैसी, उद्यमी अमन गुप्ता और क्रिकेटर जितेश शर्मा ने भी युवाओं को प्रेरित किया और अपने अनुभव साझा किए।

सम्मेलन का समापन ‘विकसित भारत संकल्प’ के साथ हुआ, जिसमें युवाओं ने 2047 तक आत्मनिर्भर, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



युवा शक्ति आधारित बजट 2026-27: गरीब, वंचित और विकास पर केंद्रित सरकार का संकल्प

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नई दिल्ली-केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। यह बजट “युवा शक्ति” से प्रेरित है और सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें गरीब, वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने पर विशेष जोर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन कर्तव्यों (कर्तव्य त्रय) से प्रेरित है—

  1. आर्थिक विकास को तेज़ और सतत बनाना,

  2. जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण,

  3. सबका साथ, सबका विकास के अनुरूप समावेशी प्रगति।

विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है, जिसे वैश्विक अनिश्चितताओं, संसाधन चुनौतियों और तकनीकी बदलावों के बीच संतुलित एवं समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने बताया कि 2025 में प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब तक 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं।

आर्थिक विकास के लिए बड़े कदम

  • सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया

  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित किया जाएगा

  • बायोफार्मा शक्ति योजना ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू

  • ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड – MSME को भविष्य का चैंपियन बनाने हेतु

शिक्षा, कौशल और महिला सशक्तिकरण

  • STEM उच्च शिक्षण संस्थानों में हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल

  • 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब

  • 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स का अपस्किलिंग कार्यक्रम

  • खेल क्षेत्र में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा

कृषि, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास

  • भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR): कृषि के लिए बहुभाषी AI टूल

  • मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 रीजनल मेडिकल हब्स

  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए NIMHANS-2 और संस्थानों का उन्नयन

  • पूर्वोदय राज्यों और उत्तर-पूर्व पर विशेष फोकस

कर सुधार: सरल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी

  • नया आयकर अधिनियम, 2025 अप्रैल 2026 से लागू

  • सरल आयकर नियम और फॉर्म जल्द अधिसूचित

  • IT सेवाओं के लिए एकीकृत सेफ हार्बर (15.5%)

  • विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलिडे

  • दंड और अभियोजन प्रक्रियाओं का युक्तिकरण

कस्टम्स और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस

  • व्यक्तिगत उपयोग के आयात पर शुल्क 20% से घटाकर 10%

  • 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट

  • कस्टम वेयरहाउसिंग में डिजिटल, रिस्क-बेस्ड प्रणाली

  • कार्गो क्लीयरेंस के लिए सिंगल डिजिटल विंडो

राजकोषीय अनुशासन

  • FY 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3%

  • कर्ज-से-GDP अनुपात घटकर 55.6%

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट आकांक्षा और समावेशन के संतुलन के साथ भारत को विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाने वाला रोडमैप प्रस्तुत करता है।

“भारत संपर्क” पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आईआईटी दिल्ली दौरा, छात्रों से संवाद

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“भारत संपर्क—भारत के युवा मस्तिष्कों से संवाद” जनसंपर्क पहल के अंतर्गत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली परिसर का दौरा किया और विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।

आईआईटी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रौद्योगिकी अंगीकरण, लॉजिस्टिक्स, नवाचार, अनुसंधान सहयोग तथा सार्वजनिक संस्थानों में युवाओं की भागीदारी जैसे विविध विषयों पर केंद्रीय मंत्री से विचार-विमर्श किया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक सेवा के रूपांतरण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

करियर के अवसरों और सरकारी संस्थानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक व्यापक तकनीकी उन्नयन और संगठनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, नागरिक-केंद्रित सेवाओं, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवा वितरण में भारतीय डाक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित सहयोग के माध्यम से विभाग से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास से जुड़े प्रश्नों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक अपने व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को, विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में, सशक्त सहयोग प्रदान करने की मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि आईटी 2.0 आधुनिकीकरण परियोजना के अंतर्गत नई तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों को अपनाने से भारतीय डाक एक भरोसेमंद और भविष्य-तैयार सार्वजनिक सेवा संस्था के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं और उभरते व्यावसायिक अवसरों के अनुरूप भारतीय डाक नए और बाजारोन्मुख उत्पादों एवं सेवाओं की शुरुआत कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली स्थित एन-जेन (नेक्स्ट जेनरेशन) कैंपस पोस्ट ऑफिस का भी दौरा किया, जो एन-जेन पहल के अंतर्गत पुनर्निर्मित देश का पहला डाकघर है। इस पहल का उद्देश्य कैंपस डाकघरों को युवा-केंद्रित, डिजिटल रूप से सक्षम और छात्र-प्रेरित सेवा केंद्रों में परिवर्तित करना है।

आईआईटी दिल्ली के एन-जेन पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

पुनर्निर्मित एन-जेन कैंपस पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन किए गए इंटीरियर और वॉल आर्ट, निःशुल्क वाई-फाई, विद्यार्थियों के लिए समर्पित सेवा काउंटर, क्यूआर आधारित बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान, पार्सल पैकिंग सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के लिए रियायती स्पीड पोस्ट सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही डाक संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के लिए छात्र सहभागिता मॉडल भी शुरू किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली के भारती स्कूल ऑफ टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट का भी दौरा किया, जहां विद्यार्थियों ने टैक्टाइल इंटरनेट और हैप्टिक रोबोटिक्स तकनीक में अत्याधुनिक प्रगति का प्रदर्शन किया। यह स्वदेशी रूप से विकसित समाधान अल्ट्रा-लो लेटेंसी नेटवर्क के माध्यम से मानव स्पर्श के वास्तविक समय में प्रसारण को संभव बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता हैप्टिक फीडबैक के जरिए दूरस्थ वस्तुओं की बनावट, आकार, कठोरता और तापमान का अनुभव कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक कौशल-आधारित शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं रखती है। यह भारत के डीप-टेक और ‘इंटरनेट ऑफ स्किल्स’ इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डिजिटल इंडिया, अमृत काल सुधारों और युवा शक्ति की भागीदारी की सरकार की परिकल्पना के अनुरूप, एन-जेन पहल के तहत 31 मार्च 2026 तक 100 कैंपस-आधारित डाकघरों के पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एनआईटी और राज्य विश्वविद्यालयों में 40 से अधिक एन-जेन डाकघरों का उद्घाटन किया जा चुका है।

भारतीय डाक नवाचार, सहभागिता और आधुनिक सार्वजनिक सेवा अवसंरचना के माध्यम से देश के युवाओं के साथ अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत कर रही है, जिससे समावेशी और भविष्य-उन्मुख सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन की गई वॉल आर्ट की सराहना की


आईआईटी दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एकता की शपथ दिलाई

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केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस – 2025 के अवसर पर नई दिल्ली में ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को एकता प्रतिज्ञा भी दिलाई। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, डॉ. मनसुख मांडविया, दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि 2014 से हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि आज सरदार पटेल की 150वीं जयंती है और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह निर्णय लिया है कि इसे पूरे देश में विशेष रूप से मनाया जाए।

अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम में ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत के वर्तमान स्वरूप को गढ़ने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी के आह्वान पर सरदार पटेल ने अपने वकालत के पेशे को त्याग दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। 1928 के बारडोली सत्याग्रह के दौरान उनके नेतृत्व कौशल की सच्ची झलक देखने को मिली, जब किसानों के साथ अन्याय के विरोध में आंदोलन छेड़ा गया। यह आंदोलन जो एक छोटे से कस्बे में शुरू हुआ था, वह देखते ही देखते पूरे देश में फैल गया और ब्रिटिश शासन को किसानों की माँगें मानने पर मजबूर होना पड़ा। इसी आंदोलन के बाद महात्मा गांधी ने उन्हें “सरदार” की उपाधि दी और वे सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से प्रसिद्ध हुए।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के 562 रियासतों में विभाजन की चुनौती थी और यह प्रश्न उठता था कि इतनी बिखरी हुई रियासतों वाला देश एकजुट भारत कैसे बनेगा।अमित शाह ने बताया कि सरदार पटेल के अथक प्रयास, दृढ़ निश्चय और राजनीतिक कौशल से इन सभी रियासतों का विलय संभव हुआ और वर्तमान भारत का नक्शा आकार में आया। काठियावाड़, भोपाल, जूनागढ़, जोधपुर, त्रावणकोर और हैदराबाद जैसी रियासतों ने अलग रहने की कोशिश की, लेकिन सरदार पटेल की लौह इच्छाशक्ति ने उन्हें भारत के साथ जोड़ दिया।

अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल का केवल एक अधूरा कार्य शेष रह गया था — कश्मीर का पूर्ण एकीकरण। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाकर वह कार्य पूरा किया, जो सरदार पटेल का सपना था, और आज हमारे सामने वास्तविक रूप से एकीकृत भारत है।

अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के दिन जब देश के लोग तिरंगा फहरा रहे थे, तब सरदार पटेल नौसेना के युद्धपोत की निगरानी कर रहे थे। उस समय लक्षद्वीप पर नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठा था, और सरदार पटेल ने तत्काल नौसेना को वहाँ भेजकर तिरंगा फहरवाया, जिससे लक्षद्वीप भारत का अभिन्न अंग बन गया।

गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष की सरकारों ने सरदार पटेल को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में अधिकारी थे। उन्हें भारत रत्न प्राप्त करने में 41 वर्ष लग गए। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल के योगदान के अनुरूप कोई भव्य स्मारक भी नहीं बनाया गया था। जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने केवडिया में एक भव्य स्मारक — स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — बनाने का संकल्प लिया। इस स्मारक की आधारशिला 31 अक्टूबर 2013 को रखी गई और केवल 57 महीनों में 182 मीटर ऊँची यह प्रतिमा तैयार हुई, जो आज पूरे देश की एकता का प्रतीक है।

अमित शाह ने बताया कि सरदार पटेल किसानों के नेता थे, और इस प्रतिमा के निर्माण में उपयोग किए गए लगभग 25,000 टन लोहे का संग्रह किसानों के उपकरणों को पिघलाकर किया गया। प्रतिमा के निर्माण में लगभग 90,000 घन मीटर कंक्रीट और 1,700 टन कांसे का प्रयोग हुआ। अब तक लगभग 2.5 करोड़ लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण कर चुके हैं।

अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने जिस मार्ग पर चलकर देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा की नींव रखी, उसी मार्ग पर आज भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में केवडिया में सभी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) ने सरदार पटेल को भव्य परेड के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। गृह मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपरांत हर वर्ष यह एकता परेड इसी भव्य स्वरूप में आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष ‘रन फॉर यूनिटी’ और प्रतिज्ञा कार्यक्रम भी विशेष रूप से मनाए जा रहे हैं।अमित शाह ने बताया कि कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश में सरदार पटेल के विचारों को विशेषकर युवाओं तक पहुँचाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो युवा आज राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा की प्रतिज्ञा ले रहे हैं, वही भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता होंगे।

युवा-नेतृत्व वाले भारत की नींव रखना: मेरा युवा भारत (MY Bharat) – राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल

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युवा-नेतृत्व वाले भारत की नींव रखना

भारत अपने विकास यात्रा के एक निर्णायक चरण पर खड़ा है — जहाँ 35 वर्ष से कम आयु की जनसंख्या लगभग 65% है और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश के सामने है। इस परिवर्तनकारी दौर में मेरा युवा भारत (MY Bharat) भारत सरकार की एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभरा है — एक राष्ट्रीय मंच जो युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र-निर्माण की दिशा में सार्थक कार्रवाई में परिवर्तित करने के लिए समर्पित है।

31 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती) के अवसर पर शुरू किया गया, MY Bharat तकनीक, सुशासन और जनभागीदारी का एक जीवंत संगम है। यह युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय के रूप में कार्य करता है और युवाओं को स्वैच्छिक सेवा, अनुभवात्मक शिक्षा, नेतृत्व और कौशल विकास के अवसरों से जोड़ने के लिए एक प्रौद्योगिकी-संचालित तंत्र प्रदान करता है।

इस मंच के माध्यम से युवा विभिन्न सरकारी विभागों, निजी संगठनों और नागरिक समाज भागीदारों की पहलों से जुड़ सकते हैं, और स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने वाले प्रोजेक्ट्स में भाग ले सकते हैं। राष्ट्रीय युवा नीति के अनुरूप यह पहल मुख्य रूप से 15–29 वर्ष के युवाओं को लक्षित करती है, साथ ही 10–19 वर्ष के किशोरों को भी प्रारंभिक नागरिक भागीदारी और जागरूकता के लिए प्रोत्साहित करती है।

MY Bharat का दृष्टिकोण

2023 में MY Bharat की शुरुआत भारत के बदलते युवा परिदृश्य के अनुरूप की गई थी। पारंपरिक युवा कार्यक्रम अब उस पीढ़ी के लिए पर्याप्त नहीं थे जो तकनीक, गतिशीलता और वैश्विक दृष्टिकोण से प्रेरित है। आज का युवा ऐसे मंच चाहता है जो उसकी आकांक्षाओं को पहचान सके, उसकी आवाज़ को सशक्त बनाए और उसे सीखने व नेतृत्व के अवसरों से सीधे जोड़े।

MY Bharat इस अंतर को पाटते हुए एकीकृत, तकनीक-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) प्रदान करता है, जो ग्रामीण, शहरी और “रूरल-अर्बन” (Rurban) युवाओं को एक ही राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर लाता है। इसका “फिजिटल” (Physical + Digital) दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी युवा पीछे न रह जाए।

डिजिटल इकोसिस्टम

MY Bharat के केंद्र में एक सशक्त डिजिटल तंत्र है जो करोड़ों युवाओं को विकास और सेवा के अवसरों से जोड़ता है। डिजिटल इंडिया ढांचे के तहत निर्मित यह प्लेटफॉर्म समावेशी डिज़ाइन और अत्याधुनिक तकनीक को जोड़ता है, जिससे देश का हर युवा—चाहे वह किसी महानगर में हो या किसी सुदूर गाँव में—स्वैच्छिक सेवा, नेतृत्व और सीखने के अवसरों तक पहुंच सके।

MY Bharat पोर्टल (mybharat.gov.in):

यह एक केंद्रीकृत डिजिटल गेटवे है जो युवाओं को पंजीकरण, डिजिटल आईडी, अवसर मिलान (opportunity matching) और रीयल-टाइम प्रभाव ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। अक्टूबर 2025 तक, इस प्लेटफॉर्म से 2 करोड़ से अधिक युवा और 1.20 लाख संगठन जुड़े हैं, जिससे एक जीवंत सहयोगी इकोसिस्टम तैयार हुआ है।

MY Bharat मोबाइल ऐप (लॉन्च – 1 अक्टूबर 2025):

युवा सहभागिता को मोबाइल-प्रथम और सुलभ बनाने के लिए MY Bharat मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। इस ऐप में बहुभाषी समर्थन, एआई चैटबॉट, वॉयस असिस्ट नेविगेशन और “स्मार्ट सीवी बिल्डर” जैसे फीचर शामिल हैं। लॉन्च के समय तक 1.81 करोड़ से अधिक युवा और 1.20 लाख संगठन इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे।

MY Bharat 2.0 मॉड्यूल्स:

  • नेशनल करियर सर्विस: युवाओं के लिए रोजगार और करियर लिंकिंग।

  • मेंटरशिप हब: उद्योग विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों से जुड़ाव।

  • अनुभवात्मक शिक्षा कार्यक्रम (ELPs): जिला और राज्य स्तर पर जिम्मेदारी निर्माण के अवसर।

  • फिट इंडिया एकीकरण: स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देना।

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) साझेदारी

डिजिटल अंतराल को पाटने के लिए MY Bharat ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) नेटवर्क के साथ साझेदारी की है। देशभर के पाँच लाख से अधिक वीएलई (Village Level Entrepreneurs) ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में युवाओं की सहायता करते हैं ताकि वे आसानी से पंजीकरण कर सकें और अवसरों का लाभ उठा सकें।

युवा शक्ति की कहानियाँ – परिवर्तन के उदाहरण

  • विकसित भारत रन 2025: 91 देशों के 150 शहरों में आयोजित इस कार्यक्रम ने वैश्विक मंच पर भारतीय युवाओं की एकता और उद्देश्य को प्रदर्शित किया।

  • राष्ट्रीय ध्वज क्विज़: युवाओं को राष्ट्रध्वज के मूल्यों से जोड़ने वाली एक अनोखी पहल, जिसमें श्रेष्ठ प्रतिभागियों ने सियाचिन का दौरा किया।

  • नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत: जुलाई 2025 में वाराणसी से शुरू हुआ यह अभियान युवाओं द्वारा संचालित एक सामाजिक परिवर्तन आंदोलन बन गया।

  • विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD): 10 विषयगत क्षेत्रों में युवा नेताओं ने भारत के भविष्य के लिए अभिनव समाधान प्रस्तुत किए।

अब तक की यात्रा और आगे की दिशा

MY Bharat ने दो वर्षों से भी कम समय में भारत का सबसे बड़ा डिजिटल युवा मंच बनने की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की है। यह 2 करोड़ से अधिक युवाओं और 1.20 लाख से अधिक संगठनों को जोड़ते हुए युवाओं को स्वैच्छिक सेवा, कौशल विकास और नेतृत्व के अवसर प्रदान कर रहा है।

30 जून 2025 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (MeitY) के बीच हुए एमओयू ने MY Bharat 2.0 के विकास का मार्ग प्रशस्त किया — एक एआई-सक्षम, बहुभाषी मंच जो स्मार्ट सीवी बिल्डर, वॉयस असिस्ट नेविगेशन, मेंटरशिप नेटवर्क और अनुभवात्मक शिक्षण मॉड्यूल जैसे फीचर्स से लैस है।

आगे चलकर MY Bharat 2.0 करियर काउंसलिंग, एआई-आधारित कौशल मानचित्रण, उद्यमिता समर्थन और डिजिटल प्रमाणन जैसी सुविधाएँ जोड़ेगा। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS), डिजिलॉकर, UMANG और डिजिटल इंडिया स्टैक से एकीकृत होकर युवाओं को एकीकृत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेगा — जिससे MY Bharat वैश्विक दक्षिण (Global South) का सबसे बड़ा युवा डिजिटल नेटवर्क बन सके।

“युवा शक्ति से जनभागीदारी” — यही MY Bharat की आत्मा है, जो हर भारतीय युवा को परिवर्तन का सहभागी नहीं, बल्कि उसका निर्माता बनाती है।

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