Media24Media.com: #YouthPower

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #YouthPower. Show all posts
Showing posts with label #YouthPower. Show all posts

विकसित भारत युवा नेता संवाद (VBYLD) 2027 की शुरुआत, देशभर के युवाओं के लिए ‘विकसित भारत क्विज’ लॉन्च

No comments Document Thumbnail

विकसित भारत युवा नेता संवाद (VBYLD) 2027 की शुरुआत ‘विकसित भारत क्विज’ के शुभारंभ के साथ हो गई है। इसके माध्यम से देशभर के युवा नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की एक पारदर्शी एवं योग्यता-आधारित यात्रा में भाग ले सकेंगे। इस यात्रा का समापन नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विकसित भारत युवा नेता संवाद में होगा, जहाँ चयनित युवाओं को प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

VBYLD 2027 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को सार्वजनिक जीवन में आने, अपने विचार रखने और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान देने के अवसर प्रदान करना है, जिनका परिवार में राजनीति से कोई संबंध नहीं रहा है।

यह पहल विकसित भारत @2047 के निर्माण में योगदान देने की आकांक्षा रखने वाले युवाओं की पहचान, प्रतिभा-विकास और उन्हें राष्ट्रीय मंच प्रदान करने पर केंद्रित है। पारदर्शी, योग्यता-आधारित और बहु-स्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिभागी डिजिटल क्विज से लेकर निबंध चुनौती, जिला चैंपियनशिप और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्तर के VBYLD से होते हुए राष्ट्रीय VBYLD तक पहुँचेंगे।

विकसित भारत क्विज से देशभर में भागीदारी का अवसर

प्रमुख विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के पहले चरण के रूप में विकसित भारत क्विज का आयोजन 17 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक MY Bharat पोर्टल पर किया जा रहा है।

15 से 29 वर्ष की आयु के युवा इस क्विज में भाग ले सकते हैं। क्विज डिजिटल माध्यम से कई भाषाओं में आयोजित किया जाएगा, जिससे देशभर के युवाओं को इसमें शामिल होने का अवसर मिलेगा।

क्विज में शीर्ष 10 प्रतिशत प्रतिभागी, अधिकतम चार लाख प्रतिभागियों की सीमा के अधीन, अगले चरण विकसित भारत निबंध चुनौती के लिए पात्र होंगे। चयनित प्रतिभागियों को MY Bharat पोर्टल के माध्यम से विकसित भारत की निर्धारित थीम पर 500 शब्दों का निबंध प्रस्तुत करना होगा।

क्विज से जिला और राज्य चैंपियनशिप तक

विकसित भारत चैलेंज की पांच चरणों वाली प्रक्रिया होगी:

विकसित भारत क्विज → निबंध चुनौती → जिला चैंपियनशिप → राज्य/केंद्रशासित प्रदेश VBYLD → राष्ट्रीय VBYLD

जिला चैंपियनशिप में प्रत्येक जिले के शीर्ष 50 निबंधों को व्यक्तिगत प्रस्तुति चरण के लिए चुना जाएगा। प्रत्येक जिले से शीर्ष दो प्रस्तुतकर्ता राज्य स्तर के VBYLD के लिए क्वालीफाई करेंगे। जिला चैंपियनशिप 10 से 16 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश VBYLD का आयोजन 17 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक होगा। इसमें विभिन्न VBYLD ट्रैक को राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्तर पर एक साथ लाया जाएगा। जिला स्तर पर चयनित युवा निर्णायक मंडल के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और उनके प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय चरण के लिए राज्य टीमों का गठन किया जाएगा।

युवा प्रतिभा, नेतृत्व और नवाचार को प्रदर्शित करने के लिए छह ट्रैक

VBYLD 2027 में युवाओं के लिए छह प्रमुख ट्रैक होंगे:

  1. विकसित भारत चैलेंज: क्विज, निबंध चुनौती और प्रस्तुति-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से विकसित भारत @2047 के लिए नवीन विचार एवं समाधान प्रस्तुत करने का प्रमुख ट्रैक।

  2. सांस्कृतिक ट्रैक: लोक नृत्य, लोक गीत, चित्रकला, वक्तृत्व और कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करेगा।

  3. Design for Bharat: वास्तविक विकास संबंधी चुनौतियों के लिए उपयोगकर्ता-केंद्रित समाधान विकसित करने पर केंद्रित राष्ट्रीय डिजाइन चुनौती।

  4. Hack for Social Cause: सामाजिक एवं विकास संबंधी चुनौतियों के लिए बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले डिजिटल समाधान विकसित करने की तकनीक-आधारित नवाचार चुनौती।

  5. Youth Entrepreneurs Challenge: VBYLD 2027 में नया ट्रैक, जिसमें युवा उद्यमी राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं से जुड़े स्टार्टअप पिच और बिजनेस प्लान प्रस्तुत करेंगे।

  6. Youth Parliament: VBYLD 2027 में शामिल यह ट्रैक अपने राष्ट्रीय फाइनलिस्टों को राष्ट्रीय VBYLD में भाग लेने का अवसर देगा।

भारत की विकास प्राथमिकताओं के लिए 10-क्षेत्रीय ढाँचा

विकसित भारत चैलेंज में 10-क्षेत्रीय ढाँचा अपनाया जाएगा। इसमें भारत के विभिन्न क्षेत्रों की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और विकसित भारत @2047 की यात्रा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र-विशिष्ट विषय निर्धारित किए जाएंगे।

इनमें भविष्य का शासन, जलवायु सुरक्षा, जनसांख्यिकीय लाभांश, सतत औद्योगिकीकरण, कनेक्टिविटी, विनिर्माण, जनजातीय नेतृत्व, नवाचार, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और ब्लू इकॉनमी जैसे विषय शामिल होंगे।

इस ढाँचे के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों के युवा अपने क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों की पहचान कर सकेंगे, नवीन समाधान विकसित कर सकेंगे और भारत की विकास यात्रा के लिए उपयोगी विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री के समक्ष विचार प्रस्तुत करने का अवसर

यह पूरी यात्रा 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय विकसित भारत युवा नेता संवाद में culminate होगी।

सभी छह ट्रैक से चयनित राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की टीमें राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेंगी। विकसित भारत चैलेंज के अंतर्गत क्षेत्रीय टीमें अपने विचार विषय विशेषज्ञों, सचिवों और केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। क्षेत्रीय फाइनलिस्टों को प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

इस प्रकार VBYLD 2027 युवाओं के लिए जमीनी स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक नेतृत्व का एक मंच तैयार करेगा—विकसित भारत क्विज से शुरू होकर निबंध चुनौती, जिला और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्तर की चैंपियनशिप से होते हुए ऐसे राष्ट्रीय मंच तक, जहाँ चयनित युवा नेता नीति-निर्माताओं से संवाद कर सकेंगे और भारत के भविष्य के लिए अपने विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।

प्रमुख तिथियाँ

  • विकसित भारत क्विज: 17 अगस्त – 30 सितंबर 2026

  • विकसित भारत निबंध चुनौती: 5 – 19 अक्टूबर 2026

  • जिला चैंपियनशिप: 10 – 16 नवंबर 2026

  • राज्य/केंद्रशासित प्रदेश VBYLD: 17 नवंबर – 7 दिसंबर 2026

  • राष्ट्रीय VBYLD, नई दिल्ली: 10 – 12 जनवरी 2027

उपराष्ट्रपति ने SRMIST के 22वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित, युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर चलने का आह्वान

No comments Document Thumbnail

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज चेन्नई के निकट चेंगलपट्टु के कट्टनकुलथुर स्थित एस.आर.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRMIST) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने स्नातक छात्रों से आह्वान किया कि वे ‘नेशन फर्स्ट – राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत से प्रेरित होकर अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें।

स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्रदान करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह वर्षों की मेहनत, अनुशासन और सीखने की यात्रा का उत्सव है। साथ ही, यह जिम्मेदारी और सेवा से जुड़ी आजीवन यात्रा की शुरुआत भी है।

सी. पी. राधाकृष्णन ने SRMIST द्वारा विकसित ऐसे शैक्षणिक वातावरण की सराहना की, जो अंतर-विषयक शिक्षा, रचनात्मकता, उद्यमिता और आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि संस्थान का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर रिसर्च, रोबोटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे क्षेत्रों पर बढ़ता ध्यान भविष्य की अर्थव्यवस्थाओं और समाज को आकार देगा।

उपराष्ट्रपति ने शोध को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए SRMIST के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शोध तभी अपनी सर्वोच्च सार्थकता प्राप्त करता है, जब वह समाज की सेवा करता है, लोगों के जीवन को बेहतर बनाता है, उद्योग को मजबूत करता है और सतत विकास में योगदान देता है।

राधाकृष्णन ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 100 से अधिक देशों को कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि भारत ने इस मानवीय सहायता का व्यावसायीकरण करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने हाल ही में केन्या के स्पीकर के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई वैक्सीन सहायता के लिए आभार व्यक्त किया था। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के प्रयासों ने मानवता की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया और दोहराया कि भारत शांति, विकास और मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

उपराष्ट्रपति ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था कि देश के हर हिस्से में AIIMS उपलब्ध होना चाहिए, ताकि पूरे भारत में लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और चिकित्सा शिक्षा पहुंच सके।

उन्होंने 2014 के बाद देश में उच्च शिक्षा के विस्तार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में 16 IIIT, 8 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 8 IIM, 7 IIT, 2 IISER, 1 NIT और 12 AIIMS स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज भारत में 1,425 से अधिक विश्वविद्यालय, 54,000 कॉलेज और 16,850 स्वतंत्र उच्च शिक्षण संस्थान हैं।

सी. पी. राधाकृष्णन ने उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014-15 में उच्च शिक्षा में महिला विद्यार्थियों की संख्या 1.57 करोड़ थी, जो 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गई। यह 42.2 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोहों में बड़ी संख्या में महिलाओं को डिग्री और पदक प्राप्त करते देखना स्वागत योग्य बदलाव है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्नातक छात्र भारत की ‘विकसित भारत @2047’ की यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित, नवोन्मेषी, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य प्रत्येक युवा भारतीय से राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपेक्षा करता है।

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके लोग, विशेष रूप से युवा हैं। स्नातक छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा: “भविष्य के लिए केवल खुद को तैयार न करें; भविष्य को आकार देने के लिए खुद को तैयार करें।”

उपराष्ट्रपति ने छात्रों से नशे और हर प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को “भटकाव के बजाय अनुशासन, प्रलोभन के बजाय उद्देश्य और आसान रास्तों के बजाय उत्कृष्टता” को चुनना चाहिए।

उन्होंने तमिलनाडु में हाल ही में हुई उस घटना का उल्लेख किया, जिसमें नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़ी जानकारी साझा करने के कारण एक छात्र की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और उन्हें ऐसा लगा जैसे उन्होंने अपने परिवार के एक सदस्य को खो दिया हो।

उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से ‘नेशन फर्स्ट – राष्ट्र प्रथम’ को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनका ज्ञान, नवाचार और मेहनत भारत की प्रगति, सुरक्षा और समृद्धि में योगदान देनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने, विविधता का सम्मान करने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और संकीर्ण निजी हितों से ऊपर व्यापक राष्ट्रीय हित को रखने का आग्रह किया।

अपने संबोधन के समापन में उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से भारतीय जीवन मूल्यों ज्ञान, कर्तव्य, करुणा और सेवा को अपने साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के ऑटोमोटिव बिजनेस के अध्यक्ष श्री आर. वेलुसामी को मानद उपाधि प्रमाणपत्र प्रदान किया। उन्होंने स्नातकों को पदक, रैंक और डिग्रियां भी प्रदान कीं तथा छात्रों और स्नातकों को ‘नशे को ना कहें’ की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर तमिलनाडु और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, SRMIST के चांसलर डॉ. टी. आर. पारिवेंधर, प्रो-चांसलर (प्रशासन) डॉ. रवि पचमुथु, प्रो-चांसलर (शैक्षणिक) डॉ. पी. सत्यनारायणन, कुलपति डॉ. सी. मुथमिझचेलवन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

खेल और युवा शक्ति बनेंगे विकसित भारत की ताकत, PM मोदी ने रोजगार और 2036 ओलंपिक पर रखा जोर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में खेल और युवा शक्ति की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, स्टार्टअप, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

युवाओं के लिए ₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना

प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से ₹15,000 की सहायता दी जाएगी। वहीं, अधिक संख्या में नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

2036 ओलंपिक की मेजबानी पर भारत की नजर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। साथ ही भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक में करीब 40 खेलों और 325 से 350 स्पर्धाओं का आयोजन होता है, लेकिन भारत आज लगभग दो-तिहाई स्पर्धाओं में हिस्सा नहीं लेता। ऐसे में इन खेलों में भारतीय प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट

2036 ओलंपिक की तैयारी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देशभर के गांवों, शहरों और स्कूलों में टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही। इसके तहत 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी।

चयनित बच्चों की क्षमताओं का आकलन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। प्रधानमंत्री ने इस अभियान में बेटियों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।

खेलों के पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि TOPS योजना, खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स के साथ-साथ खेल बुनियादी ढांचे, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन के क्षेत्र में भी भारत आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जो युवा खिलाड़ी नहीं भी बन पाते, उनके लिए भी खेलों से जुड़े सपोर्ट सिस्टम में रोजगार और करियर के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

कोचिंग संस्थानों की बढ़ती लागत को मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बताते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभाशाली शिक्षक और विशेषज्ञ हैं। इन सभी संसाधनों को एक साथ जोड़कर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने बताया कि Startup India के तहत देश में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हो चुके हैं। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने ₹1 लाख करोड़ के Innovation Fund का भी उल्लेख किया और कहा कि युवा अपने सपनों के साथ आगे आएं, संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

नशामुक्त भारत का आह्वान

प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताते हुए ‘नशामुक्त भारत’ को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को मजबूत बनाना विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की आकांक्षाओं और भागीदारी को विकास यात्रा से जोड़ना होगा।


https://twitter.com/i/status/2088497310938669077

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, PM मोदी का बड़ा ऐलान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले एक वर्ष में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दौर AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, स्पेस और डेटा सेंटर जैसी नई तकनीकों का है। ऐसे में भारत को केवल तकनीक का बाजार नहीं, बल्कि इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनना होगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च कई परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, देश के शिक्षकों और प्रतिभाशाली युवाओं को एक मंच पर लाकर व्यापक ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इससे युवाओं को घर से ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिल सकेगा।

युवाओं को अवसर और संसाधन देने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च, AI और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नए अवसर तैयार कर रही है।

उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को बड़े लक्ष्य में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

अमित शाह ने PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन को बताया मील का पत्थर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए संबोधन को ‘स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता’ के संकल्प से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत’ के निर्माण का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। इसमें नशामुक्त भारत, सुरक्षित भारत और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना को प्रमुखता दी गई।

https://twitter.com/i/status/2088522144808677769

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और रेलवे परिवहन सहित कई क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति को रेखांकित किया। साथ ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ‘सप्तधारा’ यानी सात शक्तियों के मंत्र को सामने रखा गया।

अमित शाह के अनुसार, युवाओं की क्षमता को दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री ने एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को AI कौशल प्रदान करने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने और 2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट हंट अभियान शुरू करने जैसी पहलों की घोषणा की।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने और आठ नई सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित करने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य सामने रखे हैं।

अमित शाह ने कहा कि स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से ओत-प्रोत प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत को सभी क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’

अमित शाह ने अपने एक अन्य पोस्ट में स्वतंत्रता आंदोलन के जोशीले उद्घोष ‘वंदे मातरम्’ का लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजना ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को देखना उनके लिए रोमांचकारी अनुभव था और इससे उनका पूरा अस्तित्व उत्साह से भर उठा।


लाल किले से बड़ा संदेश: 2047 तक विकसित भारत का संकल्प, आत्मनिर्भरता और युवाशक्ति पर जोर

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने देश के सामने 2047 तक विकसित भारत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा। अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, विनिर्माण, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, युवाओं, कृषि, रक्षा और महिला सशक्तिकरण को देश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े सपने देखने होंगे और उन्हें मजबूत संकल्प व सामूहिक प्रयासों के जरिए पूरा करना होगा। उन्होंने 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान किया।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

भाषण में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय शक्ति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। सेमीकंडक्टर निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को केवल दुनिया के लिए बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।

उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में ‘क्वालिटी, क्वालिटी, क्वालिटी’ को वैश्विक पहचान बनाने का मंत्र बताया और कहा कि भारतीय उत्पादों को लागत, गुणवत्ता और पैमाने के मामले में दुनिया के मानकों पर खरा उतरना होगा।

‘सप्त धारा’ से विकास की नई दिशा

देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने ‘सप्त धारा’ का विजन सामने रखा। इसके तहत विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर को प्रमुख क्षेत्र बताया गया।

उन्होंने कहा कि इन सात शक्तियों को साथ लेकर आगे बढ़ने से भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

युवाओं के लिए बड़े ऐलान

युवाओं को विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा लाभार्थी और प्रमुख शक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, AI, शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही युवाओं को शोध और नवाचार के लिए संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की योजना का भी उल्लेख किया गया।

खेल और 2036 ओलंपिक की तैयारी

प्रधानमंत्री ने भारत में 2036 ओलंपिक आयोजित करने की इच्छा दोहराते हुए देश में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यापक टैलेंट-हंट अभियान की बात कही। 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजकर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

महिला शक्ति को नई भूमिका

महिला सशक्तिकरण को विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रधानमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का विस्तार करने की बात कही। उन्होंने 3 करोड़ नई लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।

साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

नशामुक्त भारत और सुरक्षा पर भी फोकस

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 100 सप्ताह के नशामुक्त भारत अभियान का उल्लेख किया गया। वहीं नक्सलवाद, आधुनिक युद्ध, साइबर सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी प्रधानमंत्री ने देश को सतर्क रहने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, इसलिए भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आधुनिक नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।

2047 का लक्ष्य, सबकी भागीदारी जरूरी

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग, किसानों, युवाओं, महिलाओं और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि सपनों को संकल्प में, संकल्प को क्षमता में और क्षमता को सफलता में बदला जाए। यही सामूहिक प्रयास 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

NCC साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन, स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने पर युवाओं को दिया फिटनेस और राष्ट्रसेवा का संदेश

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारत की स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ने रविवार (2 अगस्त 2026) को NCC साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा देशभक्ति, अनुशासन, एकता और राष्ट्रीय सेवा जैसे NCC के मूल्यों को सुदृढ़ करना था।

साइक्लोथॉन को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम, दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस तथा एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के तहत 79 एनसीसी कैडेटों ने स्वतंत्रता के 79 वर्षों का प्रतीकात्मक संदेश देते हुए 79 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी की। साइक्लोथॉन की शुरुआत मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से हुई और राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए यात्रा का समापन भी वहीं हुआ।

"स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट इंडिया" थीम पर आयोजित इस साइक्लोथॉन के माध्यम से टीबी मुक्त भारत, स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ मां के नाम और हर घर तिरंगा जैसे राष्ट्रीय अभियानों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। साथ ही लोगों को पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ परिवहन के रूप में साइकिल अपनाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शारीरिक फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण मंच भी बना। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और सामुदायिक सेवा की भावना अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव के दूत बनने का आह्वान किया गया।

NCC साइक्लोथॉन 2026 ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 का शुभारंभ, युवाओं को लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आयोजित विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

देशभर से आए युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे उस ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में उपस्थित हैं, जो भारत की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान को विश्व का सबसे बड़ा और सभी नागरिकों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज बताते हुए युवाओं से विकसित भारत के निर्माण हेतु प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

ओम बिड़ला ने बताया कि देश में 50 लाख से अधिक युवा यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से आए युवा एक ही संकल्प से जुड़े हैं—विकसित भारत 2047 का निर्माण। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र भारत की कार्य संस्कृति और प्राचीन परंपराओं में रचा-बसा है। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को विश्व में अद्वितीय बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद विशाल विविधताओं के बावजूद भारत ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्वयं को सफलतापूर्वक स्थापित किया है।

उन्होंने भारतीय संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि संविधान ने प्रारंभ से ही सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए। समानता, न्याय और अवसर की समान उपलब्धता भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने शुरुआत से ही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाकर महिलाओं और पुरुषों को समान मतदान अधिकार प्रदान किए।

युवाओं को नवाचार और परिवर्तन का प्रमुख वाहक बताते हुए श्री बिड़ला ने कहा कि नई पीढ़ी में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की भी सराहना की।

महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कई राज्यों में स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा।

लोकसभा अध्यक्ष ने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार, सेवा भावना और जवाबदेही के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सच्चा नेतृत्व संवेदनशीलता और जनता के प्रति पूर्ण उत्तरदायित्व में निहित है।

कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया, लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की सचिव पल्लवी जैन गोविल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

जंतर-मंतर पर गूंजी युवाओं की आवाज़, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर CJP का प्रदर्शन

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र, युवा पेशेवर और अभिभावक एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रियाओं में जवाबदेही और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के सामने रोजगार संबंधी चुनौतियों को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। कई प्रतिभागी प्रतीकात्मक रूप से मास्क और तख्तियां लेकर पहुंचे तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।

आयोजकों ने प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बनाए रखने की अपील की। दिल्ली पुलिस की अनुमति के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए और प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। 

युवा प्रतिभागियों का कहना था कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे देश के भविष्य से सीधे जुड़े हैं और इन पर गंभीर संवाद की आवश्यकता है। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने पारदर्शिता, जवाबदेही और अवसरों की समान उपलब्धता की मांग दोहराई।

यह प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि देश का युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक मंचों पर मुखरता से रख रहा है।

‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संकल्प

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 6,000 से अधिक युवा—छात्र, युवा पेशेवर, उद्यमी, नवाचारकर्ता, कंटेंट क्रिएटर और उभरते नेता—शामिल हुए।

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से MY Bharat के कार्यक्रमों, स्वयंसेवी अवसरों और राष्ट्र निर्माण की पहलों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं। कार्यक्रम में अभिनेत्री एवं विधायक मैथिली ठाकुर, अभिनेता विक्रांत मैसी, उद्यमी अमन गुप्ता और क्रिकेटर जितेश शर्मा ने भी युवाओं को प्रेरित किया और अपने अनुभव साझा किए।

सम्मेलन का समापन ‘विकसित भारत संकल्प’ के साथ हुआ, जिसमें युवाओं ने 2047 तक आत्मनिर्भर, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



आरंग खंड में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी व छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का सदस्यता अभियान तेज, युवाओं और महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

No comments Document Thumbnail

रायपुर ग्रामीण जिले के आरंग खंड में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के संयुक्त तत्वावधान में एक संगठनात्मक बैठक एवं सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनमें युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संगठन की विचारधारा, छत्तीसगढ़िया अस्मिता, स्थानीय अधिकारों की रक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने आरंग क्षेत्र को छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता और छत्तीसगढ़ियावाद को मजबूत करने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

बैठक में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चर्चा की गई। गैस सिलेंडर की कमी, बढ़ते बिजली बिल, हसदेव जंगल की कटाई, बस्तर में बाहरी प्रभाव, बेरोजगारी, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

इस अवसर पर संगठन के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आरंग खंड के लोगों ने संगठन से जुड़ने की सहमति जताई और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा, जल-जंगल-जमीन और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को जेल में डालकर छत्तीसगढ़ियावाद की आवाज दबाई जा रही है।

वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव और केंद्रीय सदस्य दिनेश वर्मा सहित कई पदाधिकारी जेल में हैं। इसके बावजूद संगठन के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में सक्रिय रूप से अभियान और आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।

कार्यक्रम का समापन संगठन की एकता, मजबूती और संघर्ष के संकल्प के साथ किया गया।


फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल: स्वस्थ भारत के लिए जन आंदोलन बनता अभियान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- देश में फिटनेस को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 69वें संस्करण का नेतृत्व किया।

इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे फिट इंडिया अभियान से जुड़ें और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

डॉ. मंडाविया ने कहा कि “संडे ऑन साइकिल अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर देश का युवा फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक हुआ है। फिट इंडिया केवल संदेश नहीं, बल्कि विकसित भारत के लिए आवश्यकता है।”

फिटनेस और विकास का संबंध

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज बनाता है और स्वस्थ समाज ही देश को विकसित बनाता है।

फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण

फिट इंडिया ऐप के जरिए साइक्लिंग करने पर कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की सुविधा भी दी जा रही है, जिसे भविष्य में उत्पाद खरीदने में उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।

कार्यक्रम की झलकियां

कार्यक्रम में सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला:

  • जुम्बा, योग और खेल गतिविधियां

  • रस्सीकूद, टग ऑफ वॉर और फिटनेस गेम्स

  • फोटो बूथ और इंटरैक्टिव जोन

  • नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता

कॉमनवेल्थ गेम्स की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज पिंकी जांगड़ा, फिटनेस इन्फ्लुएंसर दिनेश शेट्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनिया सिसोदिया को सम्मानित किया गया।

व्यापक भागीदारी

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह साइक्लिंग अभियान एक साथ आयोजित किया गया। इसमें छात्र, खिलाड़ी, पेशेवर, परिवार और विभिन्न आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

जन आंदोलन की ओर

दिसंबर 2024 में शुरू हुए इस अभियान में अब तक 28 लाख से अधिक लोग और 2.63 लाख स्थानों पर भागीदारी दर्ज की जा चुकी है।

यह पहल न केवल फिटनेस को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में जागरूकता, सहभागिता और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक मजबूत जन आंदोलन बनती जा रही है।

उपराष्ट्रपति का छात्रों को संदेश: आत्मनिर्भर बनें, तकनीक अपनाएं और नशे से दूर रहें

No comments Document Thumbnail

सोनीपत, हरियाणा- भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, नई तकनीकों को अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने हरियाणा को ‘धर्म क्षेत्र’ बताते हुए महान किसान नेता दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके प्रयासों ने किसानों और वंचित वर्गों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव लाया। उनके द्वारा सहकारिता और भूमि सुधार पर दिया गया जोर आज भी देश की कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह में लगभग 64% गोल्ड मेडल विजेता महिलाएं हैं और कुल छात्रों में उनकी हिस्सेदारी करीब 50% है। उन्होंने इसे हरियाणा में सामाजिक बदलाव और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता बताया।

आत्मनिर्भर भारत का विजन

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को दोहराते हुए कहा कि देश को नवाचार, स्वदेशी समाधान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा।

कोविड काल में भारत की भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल अपनी वैक्सीन विकसित की, बल्कि अपने नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराई और 100 से अधिक देशों को भी सहायता दी।

नई तकनीकों में अवसर

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सलाह दी और कहा कि ये तकनीकें भविष्य को आकार देंगी।

नशे के खिलाफ सख्त चेतावनी

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नशे के खतरे पर चिंता जताई और उनसे इसे पूरी तरह त्यागने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।

सफलता का असली मंत्र

उन्होंने कहा कि सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और धैर्य से तय होती है। कठिनाइयों का सामना करने वाले ही अंततः सफल होते हैं।

निष्कर्ष

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने छात्रों से देश के विकास में सक्रिय योगदान देने और मजबूत, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का जगदलपुर में शंखनाद

No comments Document Thumbnail

महाराष्ट्र और अरुणाचल के धावकों ने बिखेरी स्वर्णिम चमक

रायपुर- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत एथलेटिक्स की स्पर्धाओं में विशेष रूप से 5000 मीटर की दौड़ आकर्षण का केंद्र रही, जहाँ धावकों के बीच सेकंड के सौवें हिस्से तक की कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस दौरान 110 मीटर बाधा दौड़ पुरूष एवं महिला वर्ग का पहला राउंड और 400 मीटर दौड़ महिला एवं पुरूष के पहले राउंड की प्रतियोगिता आयोजित की गई। बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर स्थित धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में सोमवार को चार दिवसीय खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले ही दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय एथलीटों ने अपनी खेल कुशलता का परिचय दिया।

पुरुष वर्ग में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र के धावकों ने ट्रैक पर अपना एकतरफा दबदबा कायम किया। महाराष्ट्र के गोविंद प्रकाश पाड़ेकर ने 15:11.35 का शानदार समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके ठीक पीछे छाया की तरह चल रहे उन्हीं के राज्य के सूरज जयराम माशी ने 15:11.64 के समय के साथ रजत पदक हासिल कर महाराष्ट्र की झोली में दोहरी सफलता डाल दी। इसी स्पर्धा में मध्य प्रदेश के रंगलाल दोदियार ने 15:22.48 के समय के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

वहीं महिला वर्ग में महिलाओं की 5000 मीटर स्पर्धा में पूर्वोत्तर भारत की प्रतिभा का लोहा देखने को मिला l अरुणाचल प्रदेश की नेदी नगी ने 18.24.66 की रफ्तार के साथ दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीतते हुए अपनी राज्य का मान बढ़ाया। इस मुकाबले में मध्य प्रदेश की आरती डावर ने 18:19.28 के समय के साथ कड़ा संघर्ष करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, जबकि नागालैंड की टी सूचोई टी ने 18:35.68 के साथ कांस्य पदक जीता।

पहले दिन की खेल समाप्ति के बाद पदक तालिका में महाराष्ट्र एक स्वर्ण और एक रजत के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज है, जबकि अरुणाचल प्रदेश एक स्वर्ण पदक जीतकर दूसरे स्थान पर बना हुआ है। मध्यप्रदेश ने एक रजत और एक कांस्य के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है, वहीं नागालैंड एक कांस्य पदक के साथ तालिका में चौथे स्थान पर है। बस्तर की धरती पर शुरू हुआ यह खेल महाकुंभ आने वाले तीन दिनों में और भी रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनेगा, जहाँ जनजातीय युवा अपनी खेल प्रतिभा से राष्ट्रीय मंच पर नई इबारत लिखेंगे।



इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसला

रायपुर- सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें।

इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच संतोष शंकर सोनी और पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 :- वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी लहराया परचम, रिशिका कश्यप ने रजत और लकी बाबू मरकाम ने जीता कांस्य

रायपुर- इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता समापन के साथ ही चैम्पियनशिप टीम के परिणाम भी घोषित किए गए, जिसमें पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ने ओवरऑल चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं मिजोरम फर्स्ट रनरअप और असम सेकंड रनरअप रहा। महिला वर्ग में असम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैम्पियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि ओडिशा फर्स्ट रनरअप और छत्तीसगढ़ सेकंड रनरअप रहा।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाड़ियों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा।

वहीं पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया।

छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा बनी चौंपियन

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत का शानदार प्रदर्शन, राज्य को दिलाया लगातार चौथा रजत 

कुल 8 पदकों के साथ छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।

प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है।

आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।

खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।


खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को नई दिशा और अवसर देता है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री ने जशपुर में मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ : खिलाड़ी बास्केटबॉल शतरंज कैरम और टेबल टेनिस खेल का करेंगे अभ्यास

3 करोड़ 52 लाख की लागत से तैयार किया गया स्टेडियम

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 3 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से निर्मित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टेडियम का अवलोकन किया और वहां उपस्थित खिलाड़ियों के साथ खेल का आनंद भी लिया।उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त साधन है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर दिया जाए।

मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के साथ-साथ शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस जैसे खेलों का अभ्यास करने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि जशपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, कृष्णा राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, खिलाड़ी और कोच उपस्थित थे।

जम्मू-कश्मीर के युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास, मुख्यधारा से जुड़ाव हुआ मजबूत: डॉ. जितेंद्र सिंह

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के प्रयासों से जम्मू-कश्मीर के युवाओं का मुख्यधारा में समावेश हुआ है, जिससे उनके आत्मविश्वास और आकांक्षाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वे “वतन को जानो” (Watan Ko Jaano) कार्यक्रम के तहत आयोजित 6वें कश्मीर यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के प्रतिभागियों से संवाद कर रहे थे। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा, गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के युवा सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप कर रहे हैं। पहले जहां युवा सीमित दायरे में रहते थे, वहीं अब वे देशभर में अवसरों का लाभ उठाकर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और एविएशन जैसे क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे विकास की खाई को पाटने में मदद मिली है। आज युवाओं के आत्मविश्वास, गतिशीलता और आकांक्षाओं में आया बदलाव इसी का परिणाम है।

कार्यक्रम में पुलवामा, बांदीपोरा, अनंतनाग और कुपवाड़ा जैसे जिलों के युवाओं ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने संसद, विधान सभा और राष्ट्रपति भवन के दौरे को देश के लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़ाव बढ़ाने वाला बताया।

युवाओं ने खेल सुविधाओं, कोचिंग और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता भी जताई। इस पर मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खेल और युवा विकास के लिए पारदर्शिता और निवेश बढ़ रहा है, जिसका उदाहरण हाल ही में रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर टीम की जीत है।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे एकता और साझा पहचान की भावना और मजबूत हुई।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हो रहा यह बदलाव देश के समावेशी विकास का प्रतीक है और युवा भारत के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.