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शराब घोटाले को लेकर सियासत गरम, पिछली कांग्रेस सरकार पर बड़े आरोप

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं।

मंत्री के मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान शराब कारोबार में कथित गड़बड़ियों के चलते सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की बात कही है।

शराब कारोबार में गड़बड़ी का आरोप

मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शराब की खरीदी-बिक्री और वितरण व्यवस्था में कथित तौर पर ऐसी अनियमितताएं हुईं, जिनका सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ा। उनका दावा है कि इस पूरे मामले में बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान हुआ है।

हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हुई है। मामले में वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

जांच को लेकर बढ़ सकती है सियासत

शराब कारोबार से जुड़े आरोपों के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं। सरकार की ओर से लगाए गए आरोपों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अब नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या पूरे मामले में कोई आधिकारिक जांच या दस्तावेजी खुलासा सामने आता है।

शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर ED की दबिश

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी की टीम ने धमतरी स्थित उनके आवास के साथ रायपुर में भी कार्रवाई की।

जानकारी के मुताबिक, ED की टीम सुबह धमतरी स्थित अग्रवाल के आवास पहुंची और कई घंटों तक दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। कुछ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और ED की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।

शराब घोटाले की जांच से जुड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा है। ED ने इससे पहले 11 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। उस समय वह रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे। विशेष PMLA अदालत ने उन्हें ED की हिरासत में भेजा था।

ED का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के दौरान छत्तीसगढ़ के आबकारी तंत्र में कथित अनियमितताओं से करीब ₹3,000 करोड़ की अपराध से अर्जित आय पैदा हुई। जांच एजेंसी के अनुसार, इस रकम के एक हिस्से के नकद लेनदेन में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है।

एजेंसी ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि जांच के दौरान ऐसे बयान सामने आए जिनमें कथित नकदी को रायपुर स्थित राजीव भवन तक पहुंचाए जाने का उल्लेख है। हालांकि, ये ED द्वारा लगाए गए आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है।

आगे भी जारी रहेगी जांच

ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है। ताजा तलाशी के दौरान बरामद या जांचे गए दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है।

नोट: शराब घोटाले से जुड़े आरोपों और ED के दावों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, ₹2,883 करोड़ के मामले में ED की कार्रवाई

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। ED के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत की गई है।

₹2,883 करोड़ की कथित अपराध से हुई आय

ED की जांच जिस मामले से जुड़ी है, उसमें आर्थिक अपराध शाखा (EOW)/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की चार्जशीट के आधार पर कथित घोटाले से हुई अपराध की आय लगभग ₹2,883 करोड़ आंकी गई है। ED के अनुसार, कथित अनियमितताएं वर्ष 2019 से 2022 के दौरान शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री से जुड़ी थीं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे मामले में राजनीतिक पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिकारियों, शराब निर्माताओं, FL-10A लाइसेंस धारकों और उनके सहयोगियों से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था और कथित तौर पर अवैध कमीशन की उगाही की गई।

ED की जांच में क्या सामने आया?

ED के अनुसार, कथित शराब घोटाले में अलग-अलग तरीकों से अवैध धन की व्यवस्था किए जाने की जांच की जा रही है। इनमें शराब की सरकारी खरीद पर कथित कमीशन, बिना हिसाब वाली देशी शराब की बिक्री तथा शराब निर्माताओं से कथित कमीशन जैसे पहलुओं की जांच शामिल है।

जांच के दौरान ED ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी ने पहले भी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में तलाशी अभियान चलाकर नकदी, सोना, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। अप्रैल 2026 की एक कार्रवाई में लगभग ₹5.39 करोड़ की नकदी और सोना जब्त किए जाने की जानकारी ED ने दी थी।

आगे क्या?

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ED कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अपराध की आय से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला फिलहाल राज्य की राजनीति और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के केंद्र में है।


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