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सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ विधानसभा बजट सत्र, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रीगण और विधायकगण ने विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए सत्र की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से यह सत्र सार्थक और परिणामकारी रहा। उन्होंने विधानसभा को लोकतंत्र का पावन मंदिर बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल उद्देश्य है।

585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने देखा सदन

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया, जो एक प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से प्रयासरत है।

15 बैठकें, कई अहम विधेयक पारित

मुख्यमंत्री के अनुसार सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं। इस दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव पारित किया गया और वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट भी पारित हुआ। साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन से पारित किए गए, जिनमें—

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026
छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026
भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक

शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विधेयक पारदर्शिता, सुशासन और युवाओं के भविष्य को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे।

लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण

उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान सदस्यों ने विभिन्न जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।

अध्यक्ष के स्वास्थ्य लाभ पर जताई खुशी

मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अस्वस्थ होने के बावजूद उन्होंने डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर लगातार नजर रखी।

सभी का जताया आभार

मुख्यमंत्री साय ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकों, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों-कर्मचारियों को सफल संचालन के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सदन की कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अंत में मुख्यमंत्री ने आगामी चैत्र नवरात्रि के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

CG NEWS ; अवैध प्लॉटिंग पर विधानसभा में संग्राम: जवाब से नाराज़ विपक्ष ने छोड़ा सदन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में धमतरी और कांकेर जिले में अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।


प्रश्नकाल के दौरान विधायक अंबिका मरकाम ने अवैध प्लॉटिंग को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल उठाया कि कई मामलों में शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं हुई और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि धमतरी में 3 और उत्तर बस्तर कांकेर में 5 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। धमतरी में नगर निगम द्वारा जांच कर अवैध प्लॉटिंग बंद कराई गई, जबकि कांकेर में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ के भुगतान रोके गए हैं।

जिला स्तर पर बनेगी कमेटी

मंत्री ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। साथ ही 14 खसरा नंबरों में खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की भी जानकारी दी गई।

जवाब में विरोधाभास पर उठा सवाल

सदन में मंत्री के जवाबों में विरोधाभास भी सामने आया। पहले पटवारी को निलंबित करने की बात कही गई, लेकिन बाद में मंत्री ने स्पष्ट किया कि गलती से ‘निलंबन’ शब्द का उपयोग हो गया, जबकि वास्तव में नोटिस देकर वेतन रोका गया है। उन्होंने बताया कि 3 पटवारियों को प्रारंभिक रूप से दोषी पाते हुए उनका स्थानांतरण किया गया है और 67 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि प्रदेश में अब तक कितनी अवैध कॉलोनियां बनीं और कितनों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कर्मचारियों को “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई स्पष्ट नहीं है। विधायक ओमकार साहू ने अवैध प्लॉटिंग का भौतिक सत्यापन कराने की मांग उठाई।

विपक्ष का वॉकआउट

मंत्री के जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने मामले की स्वतंत्र जांच, विधानसभा समिति या उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

विधानसभा में सड़क हादसों पर सरकार घिरी, मंत्री ने बताए कार्रवाई के आंकड़े

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मौतों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। Raghvendra Singh ने सड़क हादसों के प्रमुख कारणों, मृत्यु दर और बड़े व हल्के वाहनों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।


सड़क एवं परिवहन मंत्री Kedar Kashyap ने सदन को बताया कि वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि और लोगों की लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने Janjgir-Champa जिले का उदाहरण देते हुए कार्रवाई के आंकड़े साझा किए।

मंत्री के अनुसार,

  • वर्ष 2023 में 29,104 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
  • वर्ष 2024 में 39,000 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
  • वर्ष 2025 में 41,000 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस दौरान विधायक राघवेंद्र सिंह ने बड़े वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने और प्रमुख बायपास मार्गों पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की मांग की।

वहीं भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने स्मार्ट सिटी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अंतर्विभागीय समिति गठित करने और जिम्मेदारी तय करने का सुझाव दिया। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से इस दिशा में सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे।

सदन में नेता प्रतिपक्ष ने भी ट्रॉमा सेंटर और क्रिटिकल केयर यूनिट की जल्द स्थापना पर जोर दिया, जिस पर मंत्री केदार कश्यप ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय से नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा की सौजन्य मुलाकात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने सौजन्य मुलाकात की।


मुख्यमंत्री साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं, विकास से जुड़े मुद्दों तथा आमजन की अपेक्षाओं को सशक्त रूप से रखने में श्रीमती लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

विधानसभा में गौठान पर गरमाई बहस: ‘गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करें’ की मांग

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान घुमंतू और आवारा पशुओं के रख-रखाव व संरक्षण को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार से प्रदेश में संचालित योजनाओं की जानकारी मांगी और मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि “आप लोग गौमाता के नाम पर वोट मांगते हैं, तो उन्हें राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए।”


कौन-कौन सी योजनाएं चल रहीं?

प्रश्न के जवाब में आदिम जाति विकास मंत्री Ramvichar Netam ने बताया कि पशुधन विभाग के माध्यम से आदर्श गोधाम और गोकुल धाम गौ अभ्यारण योजना संचालित की जा रही हैं।

मंत्री के अनुसार गोधाम योजना के तहत 620 पशुओं के संरक्षण और रख-रखाव की व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य स्थानों पर प्रक्रिया जारी है और जल्द संचालन शुरू किया जाएगा।

620 पशुओं के खर्च पर सवाल

विधायक निषाद ने पूछा कि इन 620 पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था सरकार कर रही है या कोई अन्य संस्था? इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि 36 गोठानों को गौधाम के रूप में प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है और पंजीकृत संस्थाओं को राशि जारी कर व्यवस्था कराई जाती है।

विधायक द्वारा स्वीकृत राशि ‘निरंक’ बताए जाने पर मंत्री ने कहा कि केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलता। सरकार नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के घुमंतू पशुओं के संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रही है।

कहां संचालित हो रहे हैं गोठान?

मंत्री नेताम ने बताया कि तखतपुर-बिलासपुर, साजा-बेमेतरा और राजपुर-मरवाही समेत कुल 11 स्थानों पर गोठान स्वीकृत हैं, जिनमें से 3 स्थानों पर संचालन जारी है।

मुंगेली में कृषि योजनाओं पर भी चर्चा

इससे पहले विधायक पुन्नू लाल मोहले ने मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में किसानों के लिए फसल उत्पादन, संरक्षण तकनीक, प्रमाणित बीज वितरण और उन्नत कृषि उपकरणों पर हुए खर्च का ब्यौरा मांगा।

मंत्री रामविचार नेताम ने जानकारी दी कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच विकासखंड मुंगेली और पथरिया में किसानों को प्रमाणित बीज, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन तकनीक और आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कैशलैस चिकित्सा सुविधा पर आभार: कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, श्री प्रवीण सिंह एवं निशा यादव उपस्थित रहे।

विधानसभा में आंकड़ों पर बवाल: चरणदास महंत ने उठाया गलत जानकारी का मुद्दा, अरुण साव बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण और उससे जुड़ी जानकारी में विसंगतियों को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने अधिकारियों पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।


पहले 26, फिर 21 – सही आंकड़ा कौन सा?

डॉ. महंत ने सदन में कहा कि एसटीपी की संख्या को लेकर दो बार संशोधित उत्तर भेजे गए। पहले जवाब में 26 एसटीपी का उल्लेख था, जबकि बाद में संशोधित उत्तर में संख्या 21 कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सही आंकड़ा क्या है और बार-बार संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?

सरकार का पक्ष

इस पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि संशोधित उत्तर बाद में उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रहे हैं।
मंत्री के अनुसार 12 नगरीय निकायों में 21 एसटीपी स्वीकृत हैं, जबकि 68 नगरीय निकायों में कुल 96 एसटीपी को मंजूरी दी गई है।

गुमराह करने वालों पर क्या कार्रवाई?

नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा कि उनके क्षेत्र में एसटीपी प्लांट से संबंधित जानकारी मांगने पर हर बार “प्रक्रियाधीन” का जवाब मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अधूरी या गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने तीखे अंदाज में पूछा कि जो अधिकारी गुमराह करने वाले उत्तर दे रहे हैं, उनके लिए किस प्रकार की सजा या कार्रवाई का प्रावधान है?

जांच का आश्वासन

मंत्री अरुण साव ने जवाब में कहा कि पूरे मामले का परीक्षण कराया जाएगा। यदि किसी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।

बजट सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की अहम बैठक 22 फरवरी को

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 रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी बजट सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित उनके निवास पर रात 8 बजे होगी। बैठक में पार्टी के सभी विधायक और मंत्री शामिल होंगे।


बजट सत्र की तैयारियों पर रहेगा फोकस

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में इस बैठक में सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, प्राथमिकताएँ और विधायी कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

विपक्ष के हमलों का जवाब तय होगा

बैठक में विपक्ष द्वारा उठाए जा सकने वाले मुद्दों पर भी मंथन होगा। सरकार सदन में प्रभावी ढंग से जवाब देने और अपनी उपलब्धियों को प्रस्तुत करने की रणनीति तैयार करेगी।

 24 फरवरी को पेश होगा बजट

राज्य का वार्षिक बजट 24 फरवरी 2026 को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसी कारण यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें बजट से जुड़े प्रमुख बिंदुओं और प्रस्तुति की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ कल, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री साय करेंगे अध्यक्षता

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 रायपुर : रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी को राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से होगा। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा एवं महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और रंगकर्मी एवं अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


रायपुर साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ और देश के जाने-माने साहित्यकार, पत्रकार, कवि हिस्सा लेंगे। साहित्य महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, इंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया गया है। मुख्य मंडप विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में तैयार किया गया है, जहां महत्वपूर्ण मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चा एवं गोष्ठी के आयोजनों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्याम लाल चतुर्वेदी मंडप, अनिरूद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए है। साहित्य उत्सव में प्रतिदिन चार सत्रों का आयोजन होगा। प्रथम सत्र 12.30 बजे से, द्वितीय सत्र 2.15. बजे से, तृतीय सत्र 3.45 बजे से तथा चतुर्थ सत्र 5.15 बजे से 6.30 बजे तक होगा। 23 एवं 24 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

23 जनवरी को प्रथम सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में समकालीन महिला लेखन, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में संवाद वन्देमातरम के अंतर्गत भारत के स्व जागरण का प्रवाह, अनिरूद्ध नीरव मंडप में डिजिटल साहित्य पर परिचर्चा के अंतर्गत प्रकाशकों के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा होगी।

द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में वाचिक परम्परा में साहित्य, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में कविता की नई चाल पर परिचर्चा, अनिरूद्ध नीरव मंडप में संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे।

तृतीय सत्र -लाला जगदलपुरी मंडप में काला पादरी में जनजाति विमर्श और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ का साहित्य अवदान विषय पर परिचर्चा होगी। अनिरूद्ध नीरव मंडप में स्मृति शेष स्व. विनोद कुमार शुक्ल साहित्य की खिड़कियां पर परिचर्चा होगी।

चतुर्थ सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में पुरातत्व: मौन साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में समय की समस्या: सेक्युलरिज्म पर संवाद होगा। अनिरूद्ध नीरव मंडप में काव्य पाठ राष्ट्रीय कवि संगम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में शाम 7 बजे से मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन होगा।

24 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष पर संवाद और लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोक गीत पर परिचर्चा आयोजित होगी।

द्वितीय सत्र - धार्मिक फिल्में और टेली धारावाहिकों का दौर पर संवाद और श्यामलाल चतुर्वेदी एकात्म मानवदर्शन समाज परिवर्तन का सूत्रधार पर परिचर्चा होगी।

तृतीय सत्र -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारत का बौद्धिक विमर्श पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और अनिरूद्ध नीरव मंडप पर साहित्य: उपनिषद से एआई तक पर परिचर्चा होगी।

चतुर्थ सत्र- विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में 'डिजिटल युग के लेखक और पाठक' और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में 'साहित्य के झरोखे से इतिहास' पर परिचर्चा होगी।

पंचम सत्र -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में 'माओवादी आतंक और लोकतंत्र', लाला जगदलपुर मंडप में 'डॉ. अंबेडकर - विचारपुंज की आभा', श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर और अनिरूद्ध नीरव मंडप में लुप्त होता बाल साहित्य पर चर्चा होगी। विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।

25 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में संविधान और भारतीय मूल्य पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में ट्रेवल ब्लॉग:पर्यटन के प्रेरक और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप पर नवयुग में भारत बोध पर परिचर्चा होगी।

द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में पत्रकारिता और साहित्य पर परिचर्चा, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नाट्यशास्त्र और कला परंपरा पर संवाद किया जाएगा।

तृतीय सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सिनेमा और समाज तथा लाला जगदलपुरी मंडप में शासन और साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री साय से मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिभागियों ने की सौजन्य भेंट

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा के कार्यालय कक्ष में मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिभागियों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा 5 से 9 नवम्बर तक चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया।


इस प्रतियोगिता में प्रदेश के भिलाई, बिलासपुर, महासमुंद और बस्तर से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया और विभिन्न स्पर्धाओं में जीत हासिल की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और लगन से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे।

विधानसभा में पोस्टर राजनीति, प्रश्नकाल में जोरदार हंगामा, स्थगित सदन

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CG Assembly Winter Session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल में भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक तख्तियां और “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर पहनकर सदन में पहुंचे, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताया।


स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने तख्तियां लाने को असंसदीय बताते हुए प्रश्नकाल बाधित न करने की हिदायत दी। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि सदन में ऐसी परंपराओं की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की।

इस दौरान भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह की टिप्पणी—कि कांग्रेस के कुछ विधायक बिना पोस्टर के हैं और बाकी को “मजदूर समझकर पोस्टर पहनाकर लाया गया है”—पर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया। कांग्रेस विधायकों ने इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए हंगामा किया।

आसंदी ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, पोस्टर-बैनर हटाने और कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। इसी बीच कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के सवाल पर अजय चंद्राकर ने व्यवस्था का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के हस्तक्षेप पर भी तीखी नोक-झोंक हुई।

बढ़ते हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

CG VIDHANSABHA : 35 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट पर सदन गरमाया, कांग्रेस बोली- ‘विजन गायब’, भाजपा ने रोजगार पर रखा जोर

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 35 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से महज तीन महीने पहले पेश किए गए इस भारी-भरकम अनुपूरक बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बजट पर सवाल उठाते हुए इसे विजनहीन बताया, जबकि भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने रोजगार मूलक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।


राघवेंद्र सिंह का हमला— प्रदेश कर्ज में डूबता जा रहा

अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार कर्ज में डूबता जा रहा है, ऐसे में वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन महीनों में 35 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट की मांग समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस बजट में कोई स्पष्ट दिशा या विजन नजर नहीं आता।

उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली बिल के रूप में उससे अधिक राशि वसूली जा रही है। राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों की बजाय इवेंट मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कार्यक्रम अधिक हो रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम कम दिखाई दे रहा है।

भर्ती, किसान और भुगतान का मुद्दा

कांग्रेस विधायक ने कहा कि नए पदों पर भर्ती, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और किसानों से जुड़े वादों का अनुपूरक बजट में कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने दावा किया कि करीब 5 प्रतिशत किसानों का अब तक पंजीयन नहीं हो पाया है और कई किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा।

गिरदावरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य अनुभवहीन कर्मचारियों से कराए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि सड़क, धान, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाओं के विकास के लिए सरकार को स्पष्ट लक्ष्य तय कर काम करना चाहिए।

अजय चंद्राकर का पलटवार— रोजगार सृजन पर फोकस जरूरी

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व व्यय बढ़ाने की शुरुआत पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई और कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक मुद्दा बना दिया।

चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नए क्षेत्रों में रोजगार सृजन की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए और ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिनसे राज्य और प्रदेशवासियों का सीधा हित जुड़ा हो। उन्होंने कहा कि कृषि आज भी रोजगार का सबसे मजबूत आधार है, लेकिन राज्य के कृषि अनुसंधान केंद्रों को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे, जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

महिला स्व-सहायता समूह और एससी-एसटी वर्ग पर जोर

अजय चंद्राकर ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों की अवधारणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की देन है, जिससे कुटीर और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा मिला और महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की 42 प्रतिशत से अधिक आबादी एससी-एसटी वर्ग की है और वर्तमान सरकार उनके हित में लगातार बेहतर कार्य कर रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक बढ़ा, धर्मांतरण संशोधन विधेयक के आसार

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब 19 दिसंबर तक चलेगा। पहले यह सत्र 17 दिसंबर को समाप्त होना था, लेकिन सरकार द्वारा इसकी अवधि बढ़ा दी गई है। विस्तारित सत्र के दौरान सदन में ‘वंदे मातरम्’ विषय पर विशेष चर्चा कराई जाएगी।


सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। वहीं, सदन में छत्तीसगढ़ विजन–2047 पर चर्चा हुई। विधानसभा सूत्रों के अनुसार, सत्र के दूसरे दिन यानी 15 दिसंबर से कानून-व्यवस्था, धान खरीदी, बिजली आपूर्ति और जमीन की दरों जैसे मुद्दों को लेकर सदन में हंगामे के आसार हैं।

शीतकालीन सत्र के दौरान विधायकों द्वारा कुल 628 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनका उत्तर संबंधित मंत्रियों को देना होगा। इस सत्र में धर्मांतरण का मुद्दा प्रमुख रूप से उठने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, सरकार इस दौरान धर्मांतरण से जुड़ा संशोधन विधेयक सदन में पेश कर सकती है।

संशोधित धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लाने की तैयारी

शीतकालीन सत्र में साय सरकार द्वारा संशोधित धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम पारित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिनियम के लागू होने से प्रदेश में धार्मिक विवादों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

साय कैबिनेट की बैठक आज- धान खरीदी पर बड़ा फैसला संभव

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 Sai Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले आज 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। यह बैठक सुबह 10.30 बजे CM हाउस में आयोजित की जाएगी।

बैठक में धान खरीदी व्यवस्था, रकबा समर्पण, भंडारण क्षमता और भुगतान प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। किसान हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी और जमीन की गाइडलाइन दर में संशोधन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

विधानसभा सत्र के लिए विधेयकों को मिल सकती है मंजूरी

14 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के लिए प्रस्तावित विधेयक और संशोधन विधेयक भी आज की बैठक में अनुमोदन हेतु रखे जाएंगे।
धर्मांतरण संशोधन बिल, अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है। इसके अलावा नवा अंजोर विजन डॉक्यूमेंट पर भी विस्तृत प्रस्तुति की संभावना है।

वित्तीय स्थिति, निवेश और कानून-व्यवस्था पर होगी चर्चा

बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, औद्योगिक निवेश की संभावनाएं, स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां और कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहेगी। नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों पर भी मंथन होगा।

साथ ही 3 दिसंबर को हुई पिछली कैबिनेट बैठक के निर्णयों की समीक्षा भी आज की बैठक में की जाएगी।

पिछली कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले

  • 1. M-URJA अभियान को मंजूरी
  • 1 दिसंबर 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में 50% छूट देने को मंजूरी दी गई।
  • 2. सोलर प्लांट पर अतिरिक्त सब्सिडी
  • 1 kW प्लांट पर ₹15,000
  • 2 kW या उससे अधिक पर ₹30,000
    यह सुविधा बिजली की खपत को शून्य करने में मदद करेगी।
  • 3. उच्च शिक्षा और रोजगार से जुड़े निर्णय
  • निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025
  • दुकान-स्थापना संशोधन विधेयक 2025

इनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है।

छत्तीसगढ़ आएंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण में होंगे शामिल

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 Om Birla CG Visit: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दो दिवसीय प्रवास पर आज छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। वे शुक्रवार रात 8:10 बजे नियमित विमान से रायपुर आएंगे। एयरपोर्ट से सीधे राजभवन जाएंगे, जहाँ रात्रि विश्राम करेंगे।


अगले दिन, 1 नवंबर (शनिवार) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवीन भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कई केंद्रीय एवं राज्यस्तरीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम के बाद बिरला राजभवन लौटेंगे और राज्यपाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों से सौजन्य मुलाकात करेंगे। वे शाम 5:15 बजे नियमित विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्थापित होगी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन परिसर में भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट से ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित करने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की अनुशंसा की है।

डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने गठन के 25 वर्षों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संविधान में निहित स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह राज्य समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित विधानसभा परिसर में प्रस्तावित डॉ. अंबेडकर की यह भव्य प्रतिमा न केवल संविधान निर्माता को यथोचित सम्मान अर्पित करेगी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सामाजिक समता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा का प्रतीक भी बनेगी।

उल्लेखनीय है कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर 12 दिसंबर 1945 को रायपुर आए थे और वर्तमान माधवराव सप्रे शाला परिसर (तात्कालीन लॉरी स्कूल) में ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था। इस यात्रा ने छत्तीसगढ़ की धरती को उनके विचारों और व्यक्तित्व से सशक्त बनाया।

यह पहल डॉ. अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी (ए.डब्ल्यू.एस.) की ओर से की गई है। सोसाइटी के चेयरमैन दिलीप वासनीकर एवं प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से विगत दिनो मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने राज्य स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में यह प्रतिमा स्थापित करने का निवेदन करते हुए इसे सामाजिक समता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्द्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

डॉ. रमन सिंह ने ए.डब्ल्यू.एस. की इस पहल को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर एक समावेशी और संवेदनशील राज्य के रूप में और भी सशक्त होगी।


छत्तीसगढ़ विधानसभा में पहली बार पीए-पीएस प्रशिक्षण शिविर आयोजित, डॉ. रमन सिंह ने कहा – "छवि संवारने वाले बनें, गिराने वाले नहीं"

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को पहली बार मंत्रियों और विधायकों के निजी सचिव (पीएस) एवं निजी सहायक (पीए) के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि पीए-पीएस केवल नेता के सहायक नहीं, बल्कि उनके सार्वजनिक छवि को निखारने वाले महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं।


डॉ. रमन सिंह ने कहा, "जब हमारी सरकार बनी, तब पहले विधायकों और मंत्रियों को प्रशिक्षित किया गया था, अब उनके पीए-पीएस को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये वे सौ लोग हैं जो 3 करोड़ की जनता से सीधे जुड़े हैं, इसलिए उन्हें सरकारी योजनाओं, बजट प्रावधानों, विभागीय कार्यक्रमों और केंद्र-राज्य की प्रमुख योजनाओं की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि पीए-पीएस को अपने नेता के लिए ‘समस्या निपटाने वाले हथियार’ के रूप में नहीं, बल्कि उनकी सकारात्मक छवि बनाने वाले सहायक के रूप में काम करना चाहिए। वे जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सेतु का काम करें।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी दिया समर्थन

कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे। महंत ने कहा, "पीए-पीएस का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है क्योंकि इनके पास विधायक और मंत्री को आबाद या बर्बाद करने की ताकत होती है। ये केवल कागजी काम करने वाले नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि के ‘प्रतिनिधि-छाया’ हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार विधानसभा में 51 नए विधायक आए हैं जिन्हें उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता है। "केवल दस्तावेज संभालना ही नहीं, पीए-पीएस को अपने नेता की अच्छाइयों और कमियों को सही तरीके से बताकर उन्हें बेहतर बनाना होगा।"

पिछली सरकार में प्रशिक्षण का अभाव

महंत ने स्वीकार किया कि पिछली सरकार में पीए-पीएस के लिए इस तरह का प्रशिक्षण शिविर नहीं आयोजित होना एक कमी थी। उन्होंने कहा, "अगर हम अपने सहायक कर्मचारियों को पर्याप्त जानकारी नहीं देंगे तो हमारी कार्यप्रणाली प्रभावित होगी और गलतियां बढ़ेंगी।"

प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया गया?

इस शिविर में विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने विधायकों के निजी सचिवों और सहायकों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, बजट प्रक्रिया, प्रश्नकाल, विधेयक निर्माण, सुरक्षा व्यवस्थाओं समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

Breaking News : शासकीय सेवकों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश ने विधानसभा में की घोषणा, अब मिलेगा यह लाभ

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*रायपुर* । छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कई  बड़ी घोषणाएं की। राज्य के लगभग 5 लाख शासकीय सेवकों को चार प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही संविदा वेतन पर कार्यरत 37 हजार कर्मचारियों को संविदा वेतन पर 27 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को प्रति माह  दो हज़ार रुपये अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की भी घोषणा की गई है। 


पटवारियों को भी प्रतिमाह 500 रुपये संसाधन भत्ता दिए जाने की घोषणा विधानसभा में किया गया। गौरतलब है कि कर्मचारी संगठनों के द्वारा विविध मांगों को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन, आंदोलन किया जाता रहा है।

सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 2000 करोड़ रूपए की महत्वपूर्ण घोषणाएं

लगभग 5 लाख शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी, इस प्रकार मूल वेतन पर अब तक कुल 42 प्रतिशत बढ़ोत्तरी, 4 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होने से 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

37000 संविदा कर्मियों के वेतन में 27 प्रतिशत वृद्धि, इससे 350 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

दैनिक वेतन भोगी के वेतन में 4000 रुपए मासिक वृद्धि, इससे 240 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा। 

1650 अतिथि शिक्षकों के वेतन में 2 हजार रुपए मासिक की बढ़ोत्तरी, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

6000 पटवारियों को 500 रुपए मासिक संसाधन भत्ता, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

सभी शासकीय सेवकों को 7 वें वेतनमान पर बी श्रेणी शहर हेतु 9 प्रतिशत एवं सी तथा अन्य शहरों हेतु 6 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा। इससे 265 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

सभी पुलिस आरक्षकों को 8000 रुपए किट वार्षिक भत्ता दिया जाएगा। इसका 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

मितानिन ट्रेनर, ब्लाक कोआर्डिनेटर एवं हेल्प डेस्क आपरेटर को प्रतिदिन दैनिक प्रोत्साहन भत्ता 100 रुपए दिया जाएगा। इससे 11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

10 हजार पंचायत सचिवों को 2500 से 3000 रुपए मासिक दिया जाएगा। इससे 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा। इसके अतिरिक्त उन्हें अर्जित अवकाश, दस लाख रुपए तक की उपादान राशि एवं पांच लाख रुपए तक चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति का लाभ भी दिया जाएगा।

शासकीय सेवकों के लिए उपरोक्त घोषणाओं से कुल 1764 करोड़ रुपए का व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत अधिकतम सहायता राशि की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है।

सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 की सर्वे सूची के आधार पर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की पात्रता निर्धारित होने से जरूरतमंद परिवारों को आवास स्वीकृत करने में कठिनाई हो रही थी। इसे दूर करने राज्य के संसाधनों से ग्रामीण आवास न्याय योजना आरंभ की जाएगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।






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